जियो की COAI के साथ जंग और तेज, मुकेश अंबानी ने की माफी की मांग, जवाब मिला- सवाल ही पैदा नहीं होता

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मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो की दूरसंचार एसोसिएशन सेल्यूलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के बीच जंग और तेज हो गई है। जियो ने बीते सोमवार को कहा कि सीओएआई के हालिया बयान हमारे लिए हैं। बता दें कि जियो सीओएआई की सदस्य है। सीओएआई को इस हफ्ते लिखे दूसरे कड़े शब्दों वाले पत्र में जियो ने कहा कि आरजेआईएल उस दावे का दृढ़तापूर्वक खंडन करता है, जिसमें कहा गया था कि प्रेस बयान किसी एक ऑपरेटर के खिलाफ नहीं था।

File Photo: Pankaj Nangia/Bloomberg via Getty Images

दरअसल, सीओएआई सभी प्रमुख दूरसंचार कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है। इसके खिलाफ मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी रिलायंस जियो ने पिछले दिनों मानहानि का नोटिस जारी किया था। जियो ने 48 घंटे के भीतर सार्वजानिक तौर पर माफी मांगने की पेशकश की थी। लेकिन सीओएआई जीयो से माफी मांगने से इनकार कर दिया है। सीओएआई के डायरेक्‍टर राजन मैथ्‍यूज ने कहा कि माफी मांगने का सवाल ही पैदा नहीं होता है।

मैथ्यू ने कहा कि जियो से माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं है, क्योंकि ऐसा करने का कोई कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि सीओएआई के मतभेद ट्राई के आदेश से हैं, न कि किसी विशिष्ट ऑपरेटर से। इसलिए माफी मांगे का कोई तुक नहीं है। दरअसल, कुछ दिन पहले मैथ्‍यूज ने कहा था कि भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया जैसे पुराने ऑपरेटर्स की कीमत पर जियो को फायदा पहुंचाने के लिए ट्राई ने नियमों में बदलाव किया।

जिसके बाद अंबानी की कंपनी ने सीओएआई के खिलाफ मानहानि का नोटिस भी जारी किया है। बता दें संगठन ने 20 फरवरी को जारी एक बयान में कहा था कि ट्राई के आदेश रिलायंस जियो को तरजीह देते हैं। सीओएआई ने अपने बयान में कहा था कि दूरसंचार नियामक ट्राई के आदेश एक कंपनी को छोड़कर बाकी सभी कंपनियों के लिए नुकसानदायक हैं।इसे जियो ने छवि मलीन करना तथा मानहानि वाला करार दिया था।

जियो ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इस पर मानहानि के लिए दीवानी व फौजदारी कार्रवाई करने तक की बात कही थी। जियो ने यहां तक कहा है कि सीओएआई केवल भारती एयरटेल, वोडाफोन व आइडिया का बाजा और प्रवक्ता भर बनकर रह गया है। सीओएआई और उसके डायरेक्टर जनरल राजन मैथ्यूज के माफी न मांगने से रिलायंस जियो इंफोकॉम नाराज है। कंपनी ने कहा है कि उसके पास इस मामले को अदालत में लड़ने का विकल्प मौजूद है।

जियो ने मैथ्यूज को 26 फरवरी को लिखे पत्र में कहा कि, ‘मीडिया को दिए गए बयान में रिलायंस जियो इंफोकॉम की साख को हुए नुकसान के लिए सार्वजनिक माफी नहीं मांगी गई है। इसके साथ ही इसमें सीओएआई और आपकी ओर से किए जा रहे झूठे और मानहानि वाले प्रचार को आगे बढ़ाया गया है।’ सीओएआई ने टेलीकॉम रेगुलेटर पर पिछले 12-18 महीनों में ऐसे रेगुलेशंस जारी करने का आरोप लगाया था, जिनसे कथित तौर पर जियो का फायदा मिल रहा है।

 

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