महात्मा गांधी की हत्या का केस फिर से खोलने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई याचिका

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क्या द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिका की खुफिया एजेंसी ऑफिस ऑफ स्ट्रेटेजिक सर्विसेज (ओएसएस) ने राष्ट्रपिता  महात्मा गांधी की रक्षा की कोशिश की थी? यह उन सवालों में से एक है जो सुप्रीम कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में उठाए गए हैं। ये सवाल अभिनव भारत, मुंबई के शोधकर्ता और ट्रस्टी पंकज फड़निस ने उठाए हैं।

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याचिका में महात्मा गांधी की हत्या के मामले को फिर से खोलने का आग्रह किया गया है और पूछा गया है कि क्या यह इतिहास में सबसे बड़ा कवर-अप (मामले पर पर्दा डालना) है। याचिका में सवाल उठाया गया है कि क्या द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिका की खुफिया एंजेसी ऑफिस ऑफ स्ट्रेटेजित सर्विसेज ने महात्मा गांधी को बचाने की कोशिश की थी?

समाचार पत्र हिंदुस्तान में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका दायर करने वाले अभिनव भारत, मुंबई के न्यासी एवं शोधकर्ता ड़ॉ पंकज फडनिस ने एक लिखित अभिवेदन में कहा है कि 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या के बाद यहां स्थित अमेरिकी दूतावास से वाशिंगटन के लिए टेलीग्राम भेजे गए थे और इससे संबंधित रिपोर्टो में से एक अब भी गोपनीय है।

उन्होंने इन टेलीग्राम में से एक को रिकॉर्ड में रखा है जो उन्हें इस साल मई में अमेरिका के मैरीलैंड स्थित नेशनल आर्काइव्ज एंड रिसर्च एडमिनिस्ट्रेशन से आधिकारिक रूप से प्राप्त हुआ था। फडनिस ने यह पता लगाने के लिए भी जांच की मांग की है कि क्या नाथूराम गोडसे के साथ ही क्या गांधी की हत्या में ‘विदेशी हाथ’ था।

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