बैंकों की धोखाधड़ी पर RBI गवर्नर उर्जित पटेल ने तोड़ी चुप्पी, कहा- नीलकंठ की तरह विषपान भी करना पड़ेगा तो हम करेंगे

0

भारतीय रिजर्व बैंक(RBI) के गवर्नर उर्जित पटेल ने सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक(PNB) में लेनदेन में 12,600 करोड़ रुपये से ज्यादा के धोखाधड़ी पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने बुधवार(14 मार्च) को बैंकिंग घोटाले को लेकर दुख, अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए इसे देश के भविष्य पर डाका बताया। RBI के गवर्नर उर्जित पटेल ने गुजरात लॉ यूनिवर्सिटी में एक लेक्चर के दौरान ये बातें कहीं।

भारतीय रिजर्व बैंक
file photo

आईएएनएस के हवाले से जनसत्ता.कॉम में छपी रिपोर्ट के मुतबिक, गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में व्याख्यान देते हुए पटेल ने कहा कि, ‘मैं आज यह बताने जा रहा हूं कि आरबीआई में हमें भी बैंकिंग क्षेत्र की धोखाधड़ी व अनियिमितताओं को लेकर गुस्सा आता है और हम आहत व दर्द महसूस करते हैं। अंग्रेजी के सरल शब्दों में कहा जाए तो यह कुछ कारोबारी और बैंकों की मिली भगत से देश के भविष्य को लूटने का काम है।’

साथ ही उन्होंने कहा कि, ‘बैंकों में आपकी जमा राशि की सुरक्षा के लिए 2015 में आरबीआई की ओर से घोषित बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता समीक्षा हमारे पर्यवेक्षक दल की ओर से सक्षमता पूर्वक की जा रही है और हम नापाक सांठगांठ को तोड़ने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘अगर हमें इन बाधक तत्वों का सामना करने की जरूरत पड़ेगी और नीलकंठ की तरह विषपान भी करना पड़ेगा तो हम अपने कर्तव्य के पालन में वैसा भी करेंगे।’

न्यूज़ एजेंसी भाषा के हवाले से नवभारत टाइम्स.कॉम में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि हर बार घोटाले के बाद के यह चलन हो जाता है और कहा जाता है कि रिजर्व बैंक को इसे पकड़ना चाहिए था। उन्होंने कहा, कोई भी बैंकिंग नियामक सारे घोटाले को पकड़ या रोक नहीं सकता है। पीएनबी मामले का जिक्र करते हुए पटेल ने कहा कि आरबीआई ने साइबर जोखिमों की समीक्षा पर आधारित परिचालन संबंधी ऐसी खामियों की पहचान की थी जो नुकसानदेह हो सकते थे।

उन्होंने कहा, ‘हमें लगता है कि उन्हीं खामियों के जरिए यह घोटाला हुआ है। पटेल ने कहा कि आरबीआई ने 2016 में तीन परिपत्रों के जरिये महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया था ताकि बैंक इन खामियों को दूर कर सकें। यह अब स्पष्ट हो चुका है कि बैंकों ने उन निर्देशों पर अमल नहीं किया। बैंकों की आंतरिक व्यवस्था स्पष्ट निर्देशों के बाद भी परिचालन की खामियां दूर करने में असफल रहे।’

गौरतलब है कि, चौकसी और उनके रिश्तेदार नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक के साथ लगभग 12,700 करोड़ रुपए से ज्यादा की कथित धोखाधड़ी करने का आरोप है। बता दें कि, इस मामले में निदेशालय समेत अन्य कई एजेंसियां जांच कर रही हैं।

बता दें कि, कल ही लोकसभा में विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर ने बताया था कि, शराब कारोबारी विजय माल्या पंजाब नेशनल बैंक(PNB) के घोटाले के मुख्य आरोपी और हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी समेत 31 कारोबारी सीबीआई से जुड़े मामले में विदेश फरार हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here