सुब्रमण्यम स्वामी बहुत बोलते हैं, उनकी सारी बातें पार्टी की बात नहीं होती: रविशंकर प्रसाद

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बीते साल 8 नवंबर को रात आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन पर लगाम लगाने के लिए 1000 और 500 रुपये के नोट को बंद करने की घोषणा की थी। अब इस महीने 8 नवंबर को नोटबंदी को एक साल पूरा होने को है। इस पर देश की दोनों बड़ी पार्टियों के बीच सियासी तनातनी भी शुरू हो गई है।एक तरफ कांग्रेस के नेतृत्व में 18 विपक्षी दलों ने इस घोषणा का एक वर्ष पूरा होने पर जहां ‘काला दिवस’ मनाने की घोषण की है, वहीं सत्तारूढ़ बीजेपी ने इस दिन कालाधन विरोधी दिवस (रिपीट कालाधन विरोधी दिवस) मनाने की घोषणा की है। हालांकि अगर भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों पर गौर करें तो यह साफ हो जाता है कि नोटबंदी विपक्ष साबित हुई है।

नोटबंदी के बाद मोदी सरकार की ओर से दावा किया गया था कि इससे देश में कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा।नोटबंदी से जुड़े ऐसे ही कई सवालों के जवाब जानने के लिए ABP न्यूज़ विशेष पेशकश लेकर आया है ‘जन मन धन’। सोमवार (6 नवंबर) को जनता के सवालों के जवाब देने के लिए सरकार की ओर से रेल मंत्री पीयूष गोयल और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद शामिल हुए।

ABP न्यूज के इस कार्यक्रम में रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमारे आने से पहले धरती आकाश और जल में हर जगह घोटाले थे, लेकिन मोदी सरकार के तीन साल के दौरान कोई घाटाले नहीं हुए। मोदी सरकार का एक सूत्र है जो काम होना है वुो होना है, जो नहीं होना है वो नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने कहा था एक रुपया भेजता हूं और 15 पैसे पहुंचते हैं, लेकिन मोदी सरकार में हम गरीब के खाते में एक हजार रुपये भेजते हैं तो उसके खाते हैं एक हजार रुपये ही पहुंचते हैं। यही कैशलेस इंडिया है। मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष के साथ-साथ बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा उठाए गए सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सुब्रमण्यम स्वामी बहुत बोलते हैं, उनकी सारी बातें पार्टी की बात नहीं होती।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नोटबंदी से आतंकवाद और नक्सलवाद पर लगाम लगी है। उन्होंने कहा कि टैक्स देने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। आप जिसे कैशलेस कहते हैं हम उसे ‘लेसकैश’ कहते हैं। बीजेपी को मिल रही फंडिंग पर रविशंकर प्रसाद नेता कहा कि जो कमियां हैं उसे स्वीकार करने में कोई कमी नहीं है। मैं इस बात से सहमत हूं।

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