BJP बोली- ‘अल्पसंख्यक आबादी अधिक होने की वजह से वायनाड गए राहुल गांधी’, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने भी दी प्रतिक्रिया

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में अपने पारंपरिक गढ़ अमेठी के अलावा केरल की वायनाड संसदीय सीट से भी लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने रविवार (31 मार्च) को एक प्रेस कॉन्फेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने प्रदेश इकाई के अनुरोध के बाद वायनाड से लड़ने पर सहमति जताई है। राहुल गांधी के दो सीटों से चुनाव लड़ने की घोषणा पर विभिन्न दलों की तरफ से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विशेषकर केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है।

बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने कहा कि हिंदू समुदाय पर आतंकवाद का ठप्पा लगाने वाले राहुल गांधी चाहे जहां चले जाएं, जनता उनसे हिसाब जरूर मांगेगी। शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष के केरल के वायनाड से चुनाव लड़ने के निर्णय का जिक्र करते हुए कहा ‘मुझे पता है कि राहुल गांधी केरल की ओर भागे हैं, अमेठी की ओर नहीं। सबको मालूम है कि अमेठी में इस बार उनका हिसाब-किताब चुकता होने वाला है। केरल में तुष्टीकरण की राजनीति है, इसीलिए वह वहां गए हैं। आपने वोट बैंक की राजनीति के लिए देश की सुरक्षा से खिलवाड़ किया है। आप जहां भी जाएंगे, देश की जनता आपसे हिसाब मांगेगी।’

शाह के बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वायनाड की सीट राहुल गांधी ने इसलिए चुनी क्योंकि वहां अल्पसंख्यक आबादी अधिक है। इसके साथ ही प्रसाद ने राहुल पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग चुनावी हिंदू होते हैं। पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ लोग चुनावी हिंदू होते हैं। वे सिर्फ चुनावों में मंदिर जाते हैं और जनेऊ भी धारण कर लेते हैं। प्रसाद ने कहा कि राहुल ने वायनाड की सीट इसलिए चुनी, क्योंकि वहां सिर्फ 49 फीसदी हिंदू हैं और शेष अल्पसंख्यक आबादी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को वो सुरक्षित सीट लगती है।

वहीं, जब इस मामले पर राहुल गांधी की चाची और मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह कहां से लड़ेंगे या नहीं लड़ेंगे ये उनका फैसला है। पीलीभीत से बीजेपी सांसद मेनका ने साथ ही दावा करते हुए कहा कि बीजेपी दोनों ही सीटों पर जीतेगी। पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, ‘यह उनपर है कि वह कहां से चुनाव लड़ना चाहते हैं। यह मुझे कैसे पता हो सकता है वह डरे हुए हैं या नहीं।’ महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका ने आगे कहा, ‘मैं सिर्फ इतना जानती हूं कि दोनों (अमेठी और वायनाड) ही सीटों पर हम (बीजेपी) जीतेंगे।’

इसके अलावा केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उत्तर प्रदेश के अमेठी के अलावा केरल के वायनाड से लोकसभा चुनाव लड़ने के फैसले को एक प्रतीकात्मक लड़ाई के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने ने मीडिया को बताया, “जैसा कि हम सभी जानते हैं कि केरल में मुकाबला वामपंथियों और कांग्रेस के बीच है, बीजेपी इस परिदृश्य में कहीं नहीं है, उन्हें बीजेपी के खिलाफ लड़ना चाहिए था। अब जब उन्होंने वायनाड से चुनाव लड़ने का फैसला किया है हम वाम दल उन्हें हराने की कोशिश करेंगे।”

वहीं, इसके अलावा मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता प्रकाश करात ने कहा कि केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराने के लिए काम करेगा। केरल में 23 अप्रैल को 20 लोकसभा उम्मीदवारों को चुनने के लिए मतदान होना है। वायनाड सीट को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) को आवंटित किया गया है और इसने पी.पी. सुनीर को अपना उम्मीदवार बनाया है।

राहुल गांधी के इस फैसले को कांग्रेस की तरफ से दक्षिण भारत, खासकर केरल में अपने जनाधार को मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “यह दक्षिणी राज्यों को एक संदेश है कि वे अत्यंत सम्मानित हैं एवं उन्हें बेहद मूल्यवान माना जाता है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि वह अमेठी का प्रतिनिधित्व करेंगे लेकिन वह दक्षिणी राज्यों का भी प्रतिनिधित्व करेंगे क्योंकि वे भारतीय जनजीवन का अहम हिस्सा हैं।”

 

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