दिल्ली: 16 वर्षीय बलात्कार पीड़िता ने 24 हफ्ते का गर्भ गिराने की इजाजत के लिए अदालत का रुख किया

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देश की राजधानी दिल्ली में 16 वर्षीय एक बलात्कार पीड़िता ने सोमवार (3 फरवरी) को दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख कर अपना 24 हफ्ते का गर्भ गिराने की इजाजत देने का अनुरोध किया। याचिका न्यायमूर्ति विभु बाखरू के समक्ष मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई है। लड़की ने अपनी मां के मार्फत याचिका दायर की है।

दिल्ली
(AFP FILE PHOTO)

समाचार एजेंसी भाषा के हवाले से एक हिंदी न्यूज़ वेबसाइट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका में कहा गया है कि ‘मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रीग्ननेंसी एक्ट’ की धारा तीन 20 हफ्ते से अधिक की गर्भावस्था होने की स्थिति में गर्भपात की इजाजत नहीं देती है। अधिवक्ता अनवेश मधुकर और प्राची निर्वाण के जरिए दायर याचिका में कहा गया है कि गर्भावस्था से लड़की की जान को खतरा है क्योंकि वह किशोरी है। इसमें कहा गया है कि बलात्कार पीड़िता की यहां एक सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों ने 25 जनवरी को जांच की थी और वह गर्भवती (24 हफ्तों की) पाई गई।

इसके बाद यहां स्वरूप नगर पुलिस थाने में बलात्कार और आपराधिक भयदोहन का एक मामला दर्ज किया गया। चिकित्सक ने यह सलाह दी कि चूंकि गर्भ 20 हफ्तों से अधिक का है, इसलिए यह इजाजत योग्य सीमा से अधिक है और गर्भपात के लिए अदालत की इजाजत की जरूरत है।

उल्लेखनीय है कि, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले बुधवार को विशेष श्रेणियों की महिलाओं के लिए गर्भपात की मौजूदा 20 हफ्तों के गर्भ की सीमा को बढ़ा कर 24 हफ्ते कर दिया। इन श्रेणियों में बलात्कार पीड़िता भी आती हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनवरी में चिकित्सा गर्भपात (संशोधन) विधेयक, 2020 को बुधवार को मंजूरी दे दी। विधेयक में गर्भपात कराने की सीमा को 20 सप्ताह से बढ़ाकर 24 सप्ताह करने का प्रावधान किया गया है और इसे संसद के बजट सत्र में पेश किया जाएगा।

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