दिल्ली महिला आयोग के ‘रेप रोको आंदोलन’ के समर्थन में लाखों लोगों ने पत्र लिखकर PM मोदी को कही ‘मन की बात’

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दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल जय हिन्द की अगुवाई में रेप रोको आंदोलन को आम लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। राजधानी दिल्ली सहित पूरे देश से करीब 1 लाख से अधिक लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर बच्चों के बलात्कारियों को 6 महीने के अन्दर कड़ी सज़ा की मांग की है।

File Photo: @SwatiJaiHind

नरेन्द्र संतोष नाम के शख्स ने लिखा, “प्रधानमंत्री जी आप एक आठ माह की बच्ची को गोद में लेकर देखिएगा और उस आठ माह की बच्ची के बारे में सोचिएगा जिसकी चीख से अस्पताल की दीवारें भी कांप उठी होंगी, मैं दावे के साथ कह रहा हूं कि अगर आपने आठ महीने की बच्ची को हाथ में ले लिया तो आप अपने आप को इस माह के अंतिम सप्ताह में रेडियो पर ‘मन की बात’ कहते हुए बलात्कारियों को सख्त क़ानून की चेतावनी देने से नहीं रोक पाएंगे।”

वहीं शुभांगी ने लिखा है, “हमारे देश में महिलाओं को देवी/भगवान का का स्थान दिया गया है। क्या इस तरह हम अपने भगवान् के साथ व्यवहार करते हैं कि आज देश में 70 प्रतिशत महिलाएं मानसिक या शारीरिक रूप से प्रताड़ित होती हैं। कुछ दिन पहले आप राम मंदिर की बात कर रहे थे, मेरा सवाल है कि अगर सीता ही सुरक्षित नहीं है तो मंदिर की क्या जरूरत?”

सुधा ने लिखा है, “मेरी भी दो बेटी हैं, जब वो घर से निकलती हैं और जब तक शाम को वापस आती हैं, तब तक मेरा मन कहीं नहीं लगता है।” इसके अलावा पूजा (नाम परिवर्तित), “मेरी मम्मी मुझे अकेला नहीं छोड़तीं, न गली में खेलने जाने देती हैं, क्योंकि उन्हें मुझे अकेले छोड़ने में डर लगता है कि कहीं मेरे साथ गलत न हो जाए।”

पीएम मोदी को लिखे अपने पत्र में माधुरी ने कहा है, “यह लड़ाई सिर्फ स्वाति मालीवाल की नहीं है, यह समाज में रहने वाले हर इंसान की है। आज समाज में स्थिति इतनी खराब है कि आठ महीने की बच्ची के साथ बर्बरता से बलात्कार हुआ। क्या कसूर था आप बताईये उस बच्ची का जिसने अभी तक ठीक से अपनी माँ का नाम लेना तक नहीं सीखा था?”

यहां तक कि एक लड़की का गुमनाम पत्र भी एक एनजीओ द्वारा प्राप्त हुआ है, जिसमें एक लड़की ने अपनी रूह कंपा देने वाली व्यथा बताई है। उसने बताया है कि किस तरह उसके अपने ही दादा और पिता उसका शारीरिक शोषण करते थे। “यह व्यथा मेरी अकेले की नहीं है। सब लड़कियों की है। आप अगर औरत होते तो यह दर्द समझ पाते। मुझे दुःख है कि छोटी बच्चियों से आए दिन रेप होते हैं। किसी की हवस के लिए कोई दुनिया से चली जाती है।

मेरी व्यथा से अगर 0.1 फीसदी भी आपको लगे कि गलत है, तो समझना कि 100 प्रतिशत गलत है। अब तो जाग जाए सिस्टम। मैं स्वाति जी को बार बार लाख बार हर सांस के साथ धन्यवाद देती हूं जिन्होंने इसके खिलाफ आवाज उठायी है। और मैं अपनी बात प्रधानमंत्री जी तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हूं। देश की सभी लडकियां आपकी आभारी रहेंगी।”

ऐसे कई भावात्मक पत्र दिल्ली महिला आयोग के रेप रोको आंदोलन के समर्थन में रोज आ रहे हैं। आप को बता दें कि दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल जय हिन्द कुछ हफ्ते पहले दिल्ली में हुए 8 साल की बच्ची के साथ हुए बर्बर बलात्कार की घटना के बाद से पिछले 27 दिनों से सत्याग्रह पर हैं और 24 घंटे अपने दफ्तर में ही काम कर रही हैं। वह पिछले 27 दिनों से घर नहीं गई हैं।

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