#MeToo: बॉलीवुड के ‘संस्कारी’ ऐक्टर आलोक नाथ पर महिला प्रोड्यूसर ने लगाया रेप का आरोप, CINTAA ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

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भारत में बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से शुरू हुए ‘मी टू’ अभियान ने अब हिंदी सिनेमा और सीरियल की दुनिया के बेहद कामयाब कलाकार और एक ‘संस्कारी’ शख्स की छवि रखने वाले आलोक नाथ के दरवाजे पर दस्तक दे दी है। आपको बता दें कि अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर पर यौन शोषण का आरोप लगाए जाने के बाद अब फिल्म इंडस्ट्री की बाकी हस्तियों ने भी अपने साथ हुए यौन दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी है।

नाना पाटेकर के बाद जहां डायरेक्टर विकास बहल, मशहूर सिंगर कैलाश खेर, अभिनेता रजत कपूर और मॉडल जुल्फी सैयद पर भी यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगे, वहीं अब फिल्मों और टीवी जगत के ‘संस्कारी बाबू’ यानी अभिनेता आलोक नाथ पर भी यौन शोषण का आरोप लगा है। जी हां, यकीनन आप ये सोचकर हैरान हो जाएंगे कि क्या पर्दे पर एक आदर्शवादी व्यक्ति के रूप में देखे जाने वाले इस शख्स ने कभी इतनी घिनौनी हरकत भी की होगी?

मगर टीवी सीरियलों की लेखिका, निर्देशक और प्रोड्यूसर विंता नंदा ने ये सनसनीखेज आरोप लगाया है। हालांकि विंटा ने अपने फेसबुक पोस्ट में आलोक नाथ का नाम तो कहीं खुलकर नहीं लिखा, लेकिन जिस तरह उन्होंने ‘संस्कारी’ शब्द का इस्तेमाल किया है, इस बात से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि वो आलोक नाथ की बात कर रही हैं। विंता नंदा के मुताबिक 90 के दशक में उनके एक बेहद लोकप्रिय टीवी सीरियल ‘तारा’ के मुख्य अभिनेता ने ही उनके साथ बलात्कार किया था।

प्रोड्यूसर ने शेयर की 19 साल पुरानी कहानी

1990 के दशक के मशहूर शो ‘तारा’ की लेखिका व निमार्ता विनता नंदा ने अभिनेता आलोक नाथ पर करीब दो दशक पहले उनके साथ रेप करने का आरोप लगाया है। आलोक नाथ पर्दे पर अपनी ‘संस्कारी’ छवि के लिए जाने जाते हैं। नंदा ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘मैंने इस क्षण के आने का 19 साल से इंतजार किया।’ नंदा ने कहा कि वह फिल्म और टीवी उद्योग में सबसे ‘संस्कारी’ व्यक्ति माने जाते थे।

नंदा पोस्ट में ‘संस्कारी’, ‘मुख्य अभिनेता’ और ‘उस दशक का स्टार’ जैसे शब्दों का जिक्र किया जाना साफ तौर पर आलोक नाथ की ओर इशारा कर रहा था। बाद में उन्होंने एसएमएस के जरिए न्यूज एजेंसी आईएएनएस से इस बात की पुष्टि की और कहा, ‘यह आलोकनाथ है। मुझे लगा कि ‘संस्कारी’ कहना काफी होगा।’

नंदा ने लिखा, ‘वह एक शराबी, लापरवाह और बुरा शख्स था लेकिन वह उस दशक का टेलीविजन स्टार भी था, इसलिए न केवल उसे उसके बुरे व्यवहार के लिए माफ कर दिया जाता था बल्कि कई लोग उसे और भी ज्यादा बुरा बनने के लिए उकसाते थे। उन्होंने कहा कि उसने शो की मुख्य अभिनेत्री को भी परेशान किया, जो उसमें बिल्कुल दिलचस्पी नहीं दिखाती थी। अपने साथ हुए सबसे बुरी घटना का जिक्र करते हुए नंदा ने कहा कि एक बार वह आलोक नाथ के घर पर हुई पाटीर् में शामिल हुई और वहां से देर रात दो बजे के करीब घर जाने के लिए निकलीं। उनके ड्रिंक में कुछ मिला दिया गया था।

नंदा ने कहा, ‘मैं घर जाने के लिए खाली सड़क पर पैदल ही चलने लगी। रास्ते में उस शख्स ने गाड़ी रोकी, जो खुद चला रहा था और कहा कि मैं उनकी गाड़ी में बैठ जाऊं, मुझे घर छोड़ देगा। मैं उस पर विश्वास करके गाड़ी में बैठ गई।’नंदा ने कहा, ‘इसके बाद मुझे बेहोशी सी छाने के चलते हल्का-हल्का याद है। मुझे याद है कि मेरे मुंह में और ज्यादा शराब डाली गई और मेरे साथ काफी हिंसा की गई। अगले दिन जब दोपहर को मैं उठी, तो मैं काफी दर्द में थी। मेरे साथ सिर्फ दुष्कर्म ही नहीं किया गया था बल्कि मुझे मेरे घर ले जाकर मेरे साथ नृशंस व्यवहार किया गया था।’

उन्होंने कहा, ‘मैं अपने बिस्तर से उठ नहीं सकी। मैंनै अपने कुछ दोस्तों को इस बारे में बताया लेकिन सभी ने मुझे इस घटना को भूलकर आगे बढ़ने की सलाह दी।’बाद में उन्हें एक नई सीरीज के लिए लिखने और निदेर्शन करने का मौका मिला और फिर उनका सामना आलोक नाथ से हो गया। वह उन्हें फिर परेशान करने लगे जिसके चलते नंदा ने निमार्ताओं से कहा कि वह निदेर्शन नहीं कर पाएंगी, हालांकि उन्होंने शो के लिए लिखना जारी रखा।

नंदा ने बताया कि नई सीरीज पर काम करने के दौरान फिर अभिनेता ने उन्हें अपने घर बुलाया और वह फिर से वो सब झेलने के लिए उनके पास चली गई क्योंकि उन्हें काम और पैसे की जरूरत थी। नंदा ने इस तरह के वाकये का शिकार हुए लोगों से सामने आकर अपनी बात रखने की अपील की है।

CINTAA ने नोटिस जारी कर अलोक नाथ से मांगा जवाब

नंदा के फेसबुक पोस्ट के बाद न्यूज एजेंसी एएनआई के ट्वीट के मुताबिक सिने ऐंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन ने अभिनेता आलोकनाथ को नोटिस जारी किया है। CINTAA ने आलोक नाथ से रेप के आरोप पर जवाब मांगा है। वहीं ‘संस्कारी’ बाबूजी पर आरोप लगने बाद सोशल मीडिया पर भी लोग उनका जमकर मजाक उड़ा रहे हैं।

#MeToo के जरिए खुलकर सामने आ रही हैं महिलाएं

गौरतलब है कि हॉलीवुड के फिल्मकार हार्वे वाइंस्टीन के खिलाफ यौन शोषण का मामला अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित होने के बाद से विश्व भर की महिलाएं खामोशी तोड़ते हुए ‘मी टू’ अभियान के जरिए अपनी-अपनी बाते खुलकर रख रही हैं। इस अभियान के जरिए कई बॉलीवुड अभिनेत्रियां भी खुलकर सामने आई हैं। विशेषकर तनुश्री दत्ता के विवाद के बाद से ‘मी टू’ अभियान काफी तेजी के फैल रहा है। तनुश्री दत्ता के नाना पाटेकर पर आरोप लगाने के बाद, महिलाओं की ऐसी कई और आवाजें सोशल मीडिया पर बुलंद होने लगी हैं।

अब महिला पत्रकार भी उन औरतों में शामिल हो गई हैं जिन्होंने सोशल मीडिया पर अपने यौन उत्पीड़न के अनुभव लिखने शुरू कर दिए हैं। आपको बता दें कि यौन उत्पीड़न, यानी किसी के मना करने के बावजूद उसे छूना, छूने की कोशिश करना, यौन संबंध बनाने की मांग करना, सेक्सुअल भाषा वाली टिप्पणी करना, पोर्नोग्राफी दिखाना या कहे-अनकहे तरीके से बिना सहमति का सेक्सुअल बर्ताव करना होता है। इन दिनों फिल्म, मीडिया और इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़ी हस्तियों पर लगे यौन प्रताड़ना के आरोप से सोशल मीडिया पर चर्चा गर्म है।

#MeToo और #TimesUp अभियान के तहत भारतीय महिलाएं आपबीती बता रही हैं। इसमें अपने साथ हुए दुर्व्यवहारों और प्रताड़ना को सोशल मीडिया पर साझा कर रही हैं। सोशल मीडिया पर ये महिलाएं कुछ सबूत भी पेश कर रही हैं। इन आरोपों के बाद यह बहस तेज हो गई है कि कैसे किसी ऑर्गेनाइजेशन या दफ्तर के भीतर ही सारी चीजें घटित हो रही हैं और किसी को भनक तक नहीं लग रही। यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े कई संस्थानों ने अब कार्रवाई की बात कही है।

 

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