यह CAG रिपोर्ट दिखाती है कि वेदांता के मालिक के साथ तस्वीर शेयर कर रामदेव ने स्टरलाइट यूनिट का क्यों किया समर्थन

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पिछले दिनों तमिलनाडु के तूतीकोरिन में वेदांता ग्रुप के स्टरलाइट यूनिट के खिलाफ हुए भारी विरोध-प्रदर्शन को योग गुरु बाबा रामदेव ने ‘विदेशी साजिश’ बताया है। रामदेव ने वेदांता रिसोर्सेज के मालिक अनिल अग्रवाल के साथ एक तस्वीर शेयर कर उनकी तारीफ में जमकर कसीदे पढ़े हैं। वेदांता रिसोर्सेज के मालिक की तारीफ करते हुए रामदेव ने कहा कि अनिल अग्रवाल ने लाखों नौकरियों के अवसर बना देश निर्माण में काफी सहयोग किया है वह उन्हें सलाम करते हैं।

बता दें कि स्टरलाइट इंडस्ट्रीज के इस यूनिट को बंद करने की मांग के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन में पुलिस फायरिंग के दौरान 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। दरअसल, स्थानीय लोग कथित प्रदूषण से स्वास्थ संबंधी परेशानियों और गिरते हुए भूजल स्तर को लेकर यह यूनिट बंद करने की मांग कर रहे थे। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने 28 मई को इस कॉपर कारखाने को स्थाई रूप से बंद करने का आदेश दे दिया।

हालांकि रामदेव का कहना है कि वेदांता कंपनी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन ‘अंतराष्ट्रीय षड्यंत्रकारियों’ के द्वारा लोगों को प्रेरित करने पर किया गया था। रामदेव ने सोमवार को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर अनिल अग्रवाल से मुलाकात की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘दक्षिण भारत में वेदांता के एक प्लांट में विदेशी साजिश के तहत निर्दोष स्थानीय नागरिकों के द्वारा प्रदर्शन करवाया गया। उद्योग राष्ट्र के विकास का मंदिर होता है। इन्हें बंद नहीं किया जाना चाहिए।’

अग्रवाल और स्टरलाइट यूनिट का समर्थन करने पर रामदेव के खिलाफ दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु के लोगों में भारी नाराजगी है। तमिलनाडु के लोगों ने पतंजलि उत्पादों का बहिष्कार करने की धमकी दी है। वहीं कुछ लोगों ने तंज सकते हुए रामदेव से इस यूनिट को उत्तराखंड स्थित पतंजलि में ले जाने की सलाह दी। दरअसल, स्थानीय लोग इस प्लांट को बंद करने की मांग कर रहे थे। लोगों का कहना है कि इस प्लांट से प्रदूषण के कारण सेहत से जुड़ी गंभीर समस्या का संकट खड़ा हो गया है।

गंगा नदी को प्रदूषित करने वाली कंपनियों की सूची में पतंजलि भी शामिल

रामदेव द्वारा वेदांता रिसोर्सेज के मालिक अनिल अग्रवाल का समर्थन करने के पीछे एक गंभीर कारण है। दरअसल, स्टरलाइट यूनिट की तरह ही रामदेव की कंपनी पतंजलि पर भी प्रदूषण फैलाने फैलाने के गंभीर आरोप लग चुके हैं। वैसे तो पतंजलि खुद को स्वदेसी और राष्ट्रवादी कम्पनी के रूप में प्रचारित करती है, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पतंजलि भी गंगा में अवशिष्ट डालने वाली कंपनियों में शामिल है।

पिछले साल दिसंबर में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा संसद में पेश की गई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ था कि गंगा के प्रदूषण के लिए जिम्मेदार कंपनियों में बाबा रामदेव की पतंजलि भी शामिल है। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में पाया था कि पतंजलि उन 180 उद्योगों में से एक था, जिन्होंने गंगा नदी को प्रदूषित किया। रिपोर्ट में कहा गया था कि उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूईपीपीसीबी) को पतंजलि समेत 180 उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था, जिन्हें वर्ष 2015-16 में कारण बताओं नोटिस जारी किए गए थे।

गंगा को साफ करने पर मोदी सरकार का उपदेश इस रिपोर्ट में चौंकाने वाला अंतर दिखाती है। बता दें कि गंगा को साफ करना बीजेपी के घोषणापत्र का हिस्सा है। लेकिन मोदी सरकार के दौरान 180 दोषी उद्योगों में से 42 यूनिट्स ने नोटिस के बावजूद अनुपालन प्रस्तुत नहीं किया और न हीं निरीक्षण के लिए यूईपीपीसीबी से संपर्क किया। नदी को प्रदूषित करने वाली हरिद्वार की जिन 9 कंपियों को बंद किया गया था, सीएजी ने पाया कि उनमें से 7 कंपनियां अभी भी चल रही थी।

 

 

 

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