…तो क्या रामदेव की वजह से हुई मिलिंद खांडेकर और पुण्य प्रसून बाजपेयी की ABP न्यूज़ से छुट्टी?, संपादकों के इस्तीफे के पहले पतंजलि ने चैनल से हटाए थे विज्ञापन

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देश के प्रमुख हिंदी समाचार चैनल ABP न्यूज में पिछले दिनों भारी उथल पुथल देखने को मिला। मोदी सरकार के आलोचक के रूप में चैनल में कार्यरत प्रमुख नामों को या तो इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया गया या उन्हें रिपोर्ट ना करने के लिए निर्देश दे दिया गया। मोदी सरकार के कार्यों को लेकर सवाल पूछने वाले चैनल में कार्यरत कई पत्रकारों को तो जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया है।

File Photo: Reuters

ABP न्यूज़ में 1-2 अगस्त को जो कुछ हुआ, वह काफी भयानक था। 24 घंटे के अंदर चैनल के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर और वरिष्ठ पत्रकार व एंकर पुण्य प्रसून बाजपेयी ने ABP न्यूज से इस्तीफा दे दिया। प्रसून के अलावा अभिसार शर्मा को भी लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है।

रामदेव की वजह से हुई मिलिंद खांडेकर और पुण्य प्रसून बाजपेयी की छुट्टी?

इस बीच चैनल के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर और वरिष्ठ एंकर पुण्य प्रसून बाजपेयी के इस्तीफे के पीछे विवादास्पद योग गुरु बाबा रामदेव का नाम सामने आ रहा है। दरअसल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मिलिंद खांडेकर और वरिष्ठ एंकर पुण्य प्रसून बाजपेयी का चैनल छोड़ना और अभिसार शर्मा को 15 दिन तक ऑफ एयर रखने के फैसला प्रबंधन द्वारा केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को खुश करने की कोशिश लगता है, लेकिन योग गुरु और कारोबारी बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि का चैनल से अचानक अपने विज्ञापन हटा लेना भी इसकी वजह हो सकती है।

चैनल के विज्ञापनों की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने ‘द वायर’ को बताया कि 15 जुलाई के आस-पास रामदेव की कंपनी पतंजलि ने अचानक चैनल से अपने विज्ञापन हटा लिए। द वायर द्वारा भेजे गए सवालों के जवाब में पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने चैनल से विज्ञापन हटाने के पुष्टि की है। हालांकि तिजारावाला का कहना है कि विज्ञापन हटाने का चैनल द्वारा मोदी सरकार की आलोचना से जुड़ी रिपोर्ट्स दिखने से कोई लेना-देना नहीं है।

बता दें कि इस फैसले के कुछ रोज पहले ही पुण्य प्रसून बाजपेयी ने अपने कार्यक्रम मास्टरस्ट्रोक में छत्तीसगढ़ की एक महिला किसान की आय दोगुनी होने से जुड़े मोदी सरकार के दावे को खारिज करती हुई रिपोर्ट दिखाई थी। इसके बाद बाजपेयी ने चैनल से इस्तीफा दे दिया था।

द वायर के मुताबिक ईमेल पर दिए अपने जवाब में तिजारावाला कहा, ‘असल में हमारा एफसीटी (फ्री कमर्शियल टाइम) शेड्यूल तो चलना ही नहीं चाहिए था क्योंकि हमारी डील तो 30 जून 2018 को ही पूरी हो गई थी। ध्यान न देने के चलते 1-15 जुलाई तो यह ज्यादा चल गया। जैसे ही इस भूल का पता चला हमने एबीपी न्यूज़, एबीपी आनंदा और एबीपी माझा से अपना शेड्यूल वापस ले लिया।’

संपादकों के इस्तीफे के बाद पतंजलि ने चैनल के साथ दोबारा साइन की डील

हालांकि तिजारावाला ने एबीपी नेटवर्क के साथ हुई इस विज्ञापन डील की कीमत बताने से मना कर दिया, लेकिन एबीपी न्यूज़ के एक अधिकारी के अनुसार यह 50-60 करोड़ रुपये के बीच थी। द वायर को मिली जानकारी के मुताबिक इस महीने मिलिंद खांडेकर और पुण्य प्रसून बाजपेयी के इस्तीफे के बाद पतंजलि ने चैनल के साथ दोबारा विज्ञापन डील साइन की है।

तिजारावाला का कहना है, ‘आने वाले समय के लिए अभी किसी तरह की विज्ञापन डील शुरू नहीं हुई है। अगस्त के पहले हफ्ते से इसे दोबारा शुरू करने का तो सवाल ही नहीं उठता। अब तक कोई एफसीटी शेड्यूल शुरू नहीं हुआ है। हमारा मीडिया मिक्स और ब्रांड मिक्स अभी योजना के स्तर पर है।’

उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया है कि पतंजलि का चैनल से हुए इस्तीफों से कोई संबंध नहीं है और यह समूह प्रेस की आज़ादी में विश्वास करता है। तिजारावाला ने कहा, ‘इससे हमारा कोई मतलब नहीं है। हम संपादकीय की शुचिता और अभिव्यक्ति की आज़ादी का सम्मान करते हैं। इस तरह का आरोप बिल्कुल बेतुका है।’

हालांकि तिजारावाला ने कहा कि पतंजलि और एबीपी के संबंध अब ‘मजबूत और दोस्ताना’ हैं। एबीपी के अधिकारियों द्वारा इस मामले पर पूछे गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया गया।

‘मास्टर स्ट्रोक’ प्रोग्राम को लेकर हुआ था विवाद

बता दें कि बाजपेयी का ‘मास्टर स्ट्रोक’ शो हर रोज सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे आता था। माना जा रहा है कि मिलिंद खांडेकर और पुण्य प्रसून बाजपेयी की विदाई ‘मास्टरस्ट्रोक’ के कारण ही हुई है। देश के वरिष्ठ पत्रकारों में से एक बाजपेयी अपने शो ‘मास्टर स्ट्रोक’ से मोदी सरकार की ना​कामियों और जनता से किए कथित झूठे वादों का सच उजागर कर रहे थे। जिसके चलते अब उन्हे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ गया है।

दरअसल, पिछले कुछ समय से चैनल के प्राइम टाइम के प्रोग्राम ‘मास्टरस्ट्रोक’ को लेकर काफी विवाद गरमाया हुआ था। चैनल के प्राइम टाइम के प्रोग्राम मास्टरस्ट्रोक में पिछले महीने ये साबित किया गया था कि किस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में एक महिला से कथित तौर पर गलत तरीके से सरकार की झूठी उपलब्धियों की तारीफ करवाई गई थीं।ABP न्यूज़ की इस रिपोर्ट कर केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने सख्त प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।

उसके बाद मास्टरस्ट्रोक के प्रसारण में बाधा की खबरें आने लगी थीं। बाजपेयी का शो मास्टर स्ट्रोक जैसे ही शुरू होता है अचानक टीवी का सिग्नल खराब हो जाता है। सिगग्न खराब होने के चलते लोगों को ABP न्यूज़ पर रात 9 बजे प्रसारित होने वाले इस खास शो को देखने में काफी दिक्कतें हो रही हैं। लोगों का आरोप था कि ये बाधाएं सरकार द्वारा उत्पन्न की जा रही हैं।

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