मसूद अजहर पर चीन के वीटो के खिलाफ ट्विटर पर ट्रेंड हुआ #BoycottChineseProducts, रामदेव ने तस्वीर शेयर कर अभियान का किया समर्थन

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चीन ने एक बार फिर जैश सरगना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचा लिया है। जैश मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने में चौथी बार चीन रोड़ा बन गया है। चीन ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर वीटो का इस्तेमाल कर इस पर रोक लगा दी। इसके साथ ही ये प्रस्ताव रद्द हो गया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इस फैसले पर निराशा जताई है। साथ ही प्रस्ताव का समर्थन करने वालों का धन्यवाद किया है।

चीन
Photo: @yogrishiramdev

आतंकियों के समर्थन में उतरने के बाद भारतीय काफी मुखर होकर सोशल मीडिया पर चीन का विरोध कर रहे हैं। ट्विटर, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसी सोशल साइटों पर चीन के खिलाफ लोगों में काफी गुस्‍सा देखा जा सकता है। भारतीय चीन को सबक सिखाने के लिए उसके सभी सामानों के बायकॉट करने की अपील कर रहे हैं। चीन के वीटो के बाद से ट्विटर पर गुरुवार सुबह से ही #BoycottChina और #Boycottchineseproducts टॉप पर ट्रेंड कर रहा है।

चीनी प्रोडक्ट्स के खिलाफ चल रहे इस अभियान का पतंजलि के संस्थापक और विवादास्पद योग गुरु बाबा रामदेव ने भी ट्वीट कर समर्थन किया है। रामदेव ने ट्वीट कर लिखा है, “#मसूदअजहर समर्थक #China सहित जो भी देश और देश के अंदर लोग हैं,उनका हमें राजनैतिक,सामाजिक,आर्थिक तौर पर बहिष्कार करना चाहिए,चीन तो विशुद्ध रूप से व्यवसायिक भाषा ही समझता है आर्थिक बहिष्कार युद्ध से भी ज्यादा ताकतवर है। #BoycottChina #BoycottChineseProducts #बायकाटमसूदअजहरगैंग” इसके साथ ही रामदेव ने कुछ ग्राफिक्स द्वारा बनाई गई तस्वीरें और अखबारों के कटिंग भी शेयर किए हैं।

सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि चीनी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल बंद करने से भारत का पैसा पाकिस्तान की मदद करने वाले देश यानी चीन के पास नहीं जाएगा। लोगों का कहना है कि भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले आतंकवादियों का समर्थन करने वाला चीन के साथ इसी तरह का व्यवहार किया जाना चाहिए। यूजर्स का कहना है कि जब तक चीन पाकिस्तान में पल रहे आतंकवाद को संरक्षण दे रहा है, तब तक हमें चाइना के मोबाइल सहित कोई भी प्रोडक्ट्स नहीं खरीदना चाहिए।

देखें, लोगों के रिएक्शन:

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य चीन ने अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के जरिए लाए जा रहे प्रस्ताव में अड़ंगा लगा दिया। इधर भारत ने अमेरिका, फ्रांस के साथ पुलवामा आतंकी हमले के कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज शेयर किए हैं, ताकि मसूद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें। भारत को अमेरिका का जबरदस्त साथ मिला है। चीन मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित करने में अड़ंगा लगाने के लिए कोई पैंतरा चल सकता है, इसकी आशंका पहले ही जाहिर की गई थी। पठानकोट आतंकी हमले के बाद से मसूद अजहर के खिलाफ ये प्रस्ताव चौथी बार लाया गया है। पिछले सभी मामलों में चीन इस प्रस्ताव पर तकनीकी रोक लगा चुका है।

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