उपचुनाव में हार के बाद अब रामविलास पासवान के भी बदले तेवर, कहा- ‘दलितों और मुस्लिमों को लेकर अपनी सोच बदले BJP’

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उत्तर प्रदेश और बिहार के उपचुनावों में मिली करारी हार के बाद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को एक के बाद एक झटका लगा है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सहयोगी रामविलास पासवान को भी उपचुनाव में मिली हार के बाद डर सताने लगा है। यही वजह है कि केंद्र की एनडीए सरकार में सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के मुखिया ने बीजेपी को सलाह दी है कि उसके नेताओं को दलितों और अल्पसंख्यकों के बारे में धारण बदलने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने एनडीए नेताओं से बिना सोचे-समझे टिप्पणी करने से बचने की भी सलाह दी है।

Photo: India.com

बता दें कि बीजेपी को एलजेपी अध्यक्ष का यह सलाह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) गठबंधन की दरकती दीवारों में एक और दरार दिखने के संकेत मिले हैं। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की पार्टी तेलुगू देशम पार्टी (TDP) मोदी सरकार से बाहर होने के बाद अब बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) गठबंधन से भी बाहर हो गई है।

आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य के मुद्दे पर टीडीपी द्वारा एनडीए का साथ छोड़ने के बाद शिवेसना भी सरकार पर लगातार निशाना साध रही है। इस बीच रामविलास पासवान ने भी बीजेपी की सोच पर सवाल खड़ा कर एक नई राजनीति का संकेत दे दिया है। पासवान ने कहा है कि बीजेपी को अल्पसंख्यकों और दलितों को लेकर अपनी जनधारणा में बदलाव की जरूरत है। साथ ही पासवान ने आरोप लगाया कि बीजेपी में कुछ खास लोगों को ज्यादा तवज्जो दी जाती है।

बिहार की राजधानी पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पासवान ने कहा कि, ‘बीजेपी को अपने बारे में जनधारणा में बदलाव की जरूरत है, खासकर अल्पसंख्यक और दलितों के मामले में। पार्टी में सुशील मोदी, राम कृपाल यादव जैसे वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन उनकी बातों को लगातार दबाया जाता है। वहीं कुछ लोग हैं जिनकी बातों को ज्यादा तवज्जो मिलती है।’

केंद्रीय मंत्री ने एनडीए नेताओं से सोच समझकर टिप्पणी करने की भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि, ‘एनडीए के नेताओं को टिप्पणी के दौरान बचने और चुनाव के दौरान ज्यादा होशियारी बरतने की जरूरत है। पासवान ने केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए के कुछ नेताओं द्वारा समय-समय पर की जाने वाली टिप्पणियों को लेकर यह चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इन टिप्पणियों से ऐसा संदेश गया है कि गठबंधन समाज के कुछ वर्गों के खिलाफ है।’

उनका इशारा बीजेपी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय और केंद्रीय मंत्री गिरिराज किशोर की ओर था। जिन्होंने चुनावों के समय भड़काऊ बयान दिए थे। गौरतलब है कि बिहार की अररिया लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए प्रचार के दौरान बिहार इकाई के अध्यक्ष नित्यानंद राय ने कथित रूप से कहा था कि आरजेडी उम्मीदवार के चुनाव जीतने पर क्षेत्र आतंकी संगठन आईएसआईएस का गढ़ बन जाएगा। इसके बाद इस सीट पर बीजेपी की हार के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि अररिया अब आतंकवाद का गढ़ बन जाएगा।

 

 

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