DDCA मानहानि मामला: केजरीवाल के वकील राम जेठमलानी ने अरुण जेटली को कहा ‘धूर्त’

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केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली और वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी के बीच बुधवार(17 मई) दिल्ली हाई कोर्ट एक बार फिर तीखी बहस हुई। यह बहस दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मानहानि के मामले में जेटली से जिरह के दौरान हुई। सुनवाई के दौरान उस वक्त अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब केजरीवाल की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के लिए ‘धूर्त’ शब्द का इस्तेमाल कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जेठमलानी ने इंडियन एक्सप्रेस में लिखे अपने लेख को अरुण जेटली को दिखाया और पूछा कि क्या आपने इसे पढ़ा है? इस पर जेटली के वकीलों ने आपत्ति जताई। फिर भी जेठमलानी ने यही सवाल पूछे और कहा कि अरुण जेटली चोर हैं और मैं साबित करूंगा।

इस पर वित्त मंत्री जेटली ने कहा क्या अरविंद केजरीवाल ने आपको अनुमति दी है ये शब्द कहने के लिए, अगर दी है तो मैं 10 करोड़ की मानहानि की राशि को बढ़ाने वाला हूं। इसके बाद भावुक जेटली ने कहा कि अपमान की एक सीमा होती है। उन्होंने कहा कि जेठमलानी अपनी खुद की दुश्मनी निकाल रहे हैं। अगर इसी तरह के दुर्भावनापूर्ण सवाल पूछे जाएंगे तो मैं अपनी मानहानि की 10 करोड़ रुपये की रकम को बढ़ा सकता हूं।

बता दें कि जेठमलानी लगातार अपने सवाल पूछने के दौरान जेटली के लिए CROOK शब्द का इस्तेमाल कर रहे थे, जिस पर जेटली और उनके वकील द्वारा सख्त एतराज जताया गया। मामले की अगली सुनवाई 28 और 31 जुलाई को होगी।

बता दें कि इससे पहले सोमवार(15 मई) को सुनवाई के दौरान केजरीवाल की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी द्वाारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम घसीटने की कोशिश की गई, लेकिन कोर्ट ने इससे जुड़े सवालों की इजाजत नहीं दी।इस दौरान जेठमलानी ने वित्त मंत्री जेटली से कई तीखे सवाल पूछे। जेठमलानी ने जेटली से पूछा- ‘क्या आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सलाह मशविरा लेने के बाद यह केस फाइल किया?

जेठमलानी आगे पूछा- क्या आप चाहते हैं कि आपके बचाव में मोदी को गवाह के तौर पर बुलाया जाए? हालांकि, कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।केजरीवाल के खिलाफ 10 करोड़ के मानहानि केस में जब जेठमलानी ने जेटली से पूछा, ‘चूंकि आप कैबिनेट में मंत्री हैं तो आपके लिए सर्वश्रेष्ठ चरित्र गवाह प्रधानमंत्री को ही होना चाहिए। क्या आप उन्हें गवाह के तौर पर पेश करना चाहेंगे?’इस पर जेटली के वकील राजीव नायर और संदीप सेठी द्वारा सवाल का विरोध करने के बाद संयुक्त रजिस्ट्रार ने कहा कि सवाल को अनुमति नहीं दी जाती, क्योंकि इस केस में जेटली के गवाहों की सूची पहले से ही रेिकॉर्ड में हैं। जेठमलानी ने जब जेटली से यह पूछा कि क्या उन्होंने यह केस दायर करने से पहले पीएम मोदी से सलाह ली थी तो मंत्री के वकील ने इस सवाल की प्रासंगिकता पर सवाल खड़े किए। अदालत ने भी इसे स्वीकार किया। संयुक्त रजिस्ट्रार ने कहा कि इस सवाल को अनुमति नहीं दी जाती, क्योंकि इसका इस मामले के मुद्दों से कोई संबंध नहीं है।

अगले स्लाइड में पढ़ें, क्या है पूरा मामला?

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