‘क्या राकेश अस्थाना ने ही 2500 करोड़ के सृजन घोटाले से नीतीश कुमार को बचाया था?’

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इस समय देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) खुद सवालों के घेरे में आ गई है। सीबीआई के दो सीनियर अधिकारी एक दूसरे के ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। सीबीआई में आतंरिक कलह के मद्देनजर मोदी सरकार ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए सीबीआई निदेशक आलोक कुमार वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया। वहीं संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को तत्काल प्रभाव से अंतरिम निदेशक नियुक्त कर दिया है।

राकेश अस्थाना
File Photo: AP (मुख्यमंत्री नीतीश कुमार)

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार को लेकर एफआईआर दर्ज कर उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया है। इसके बाद से विपक्षी दल लगातार मोदी सरकार पर तीखा हमला बोल रहीं है। कांग्रेस ने सीबीआई के निदेशक को छुट्टी पर भेजे जाने को एजेंसी की स्वतंत्रता खत्म करने की अंतिम कवायद बताया है।

वहीं, दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) भी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल-यूनाइटेड (जेडीयू) पर पूरी तरह हमलावर है। इसी बीच, बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने शुक्रवार (26 अक्टूबर) को ट्वीट कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा। तेजस्वी यादव ने टेलीग्राफ अखबार का हवाला देते हुए एक ट्वीट किया।

तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में लिखा, बिग ब्रेकिंग: क्या राकेश अस्थाना ने जीए से एनडीए में स्विच करने के बदले 2500 करोड़ के सृजन घोटाले से नीतीश कुमार को बचाया था? सीबीआई ने अभी तक सृजन स्कैम के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। मुख्यमंत्री ने राज्य के कोष से 2500 करोड़ रुपये सृजन एनजीओ के खाते में ट्रांसफर कराकर गबन कर लिया।

तेजस्वी ने अपने इस ट्वीट के साथ टेलीग्राफ अखबार के एक पेज का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है। तेजस्वी का यह ट्वीट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो सहा है और यूजर्स उनके इस ट्वीट को अधिक से अधिक रि-ट्वीट कर रहें है।

वहीं राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के भी ऑफिसियल ट्विटर पेज पर भी शुक्रवार को इसको लेकर एक ट्वीट किया। जिसमें लिखा गया है, “क्या राकेश अस्थाना ने सृजन घोटाले में नीतीश कुमार को बचाया था? क्या सृजन में बचने और लालू परिवार को फँसाने की डील के बदले में नीतीश कुमार रातों-रात पाला बदल बीजेपी की गोद में खेलने चले गए? सीबीआई ने डेढ़ साल बाद भी सृजन घोटाले के मुख्य अभियुक्तों को गिरफ़्तार क्यों नहीं किया है?”

आरजेडी के ऑफिसियल ट्विटर पेज पर एक अन्य ट्वीट में लिखा गया, “सृजन कांड की जाँच CBI के किस भक्त अफसर द्वारा करवाई गई कि अब तक पलटु को बचाए रखा गया? RBI के पत्र, CAG रिपोर्ट व सालों तक लोगों की लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद पलटु कुमार ने सृजन में कोई कार्रवाई नहीं की। वे सरगना को बचा रहे थे या स्वयं को?”

बता दें कि कुछ दिनों पहले तेजस्वी यादव ने फेसबुक पर एक पोस्ट करते हुए सृजन घोटाला मामले में उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के रिश्तेदारों के शामिल होने का सनसनीखेज आरोप लगाया था। तेजस्वी ने सुशील मोदी की कथित बहन रेखा मोदी और भांजी उर्वशी मोदी को इस घोटाले में करोड़ों रुपये का लाभ होने का आरोप लगाया है।

गौरतलब है कि जब सृजन घोटाला सामने आया था पूरे राज्य में राजनीतिक घमासान मच गया था। एक तरफ विपक्षी पार्टियां लगातार सुशील मोदी के शामिल होने का आरोप लगा रही थी तो दूसरी ओर से नीतीश कुमार की सरकार पक्षपात करने का भी आरोप लगा था।

बता दें कि इससे पहले गुरुवार(25 अक्टूबर) को तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा था कि “देश में अघोषित आपातकाल है। अब रात के काले घने अंधेरे में मोदी जी अपना गुजरात वाला खेल खेलने लग गए है। संविधान की धज्जियाँ उड़ाई जा रही है। संविधान बचाओ न्याय यात्रा के क्रम में बेतिया में जुटे भारी जनसमूह का आशीर्वाद मिला।”

वहीं एक अन्य ट्वीट में तेजस्वी ने लिखा था, “मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल है। बेरोज़गारी, महँगाई, भ्रष्टाचार चरम पर है। काम-धंधा, व्यापार और विकास ठप्प है। युवा आक्रोशित है। नोटबंदी और जीएसटी ने बैकफ़ायर किया तो विपक्षियों पर केस और उनके घर अपने भ्रष्टतम सहयोगी अधिकारियों से छापेमारी करवाई।”

एक अन्य ट्वीट में तेजस्वी ने लिखा था, “विपक्षी नेताओं के चरित्रहनन और घर पर छापेमारी से मोदी जी का पेट नहीं भरा तो अब CBI से CBI के मुख्यालय पर ही छापा डलवा दिया। CBI को RAW से और IB से CBI को भिड़वा दिया। शर्मनाक तरीके से देश की एजेंसियां नंगा नाच कर रही है। PMO डरा-धमका व ख़ौफ़ फैलाकर वसूली करने का अड्डा बन गया है।”

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