केजरीवाल के प्रधान सचिव के सहयोगी ने रिश्वत लेने की बात कथित तौर पर कबूल की

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कथित भरष्टाचार के मामले में गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के नजदीकी सहयोगी अशोक कुमार ने कथित तौर पर अपना जुर्म क‍बूल कर लिया है।

समाचार एजेंसी ANI के हवाले से जनसत्ता की एक खबर में कहा गया है कि अशोक कुमार ने माना है कि उन्‍होंने राजेंद्र कुमार के लिए घूस ली।

ANI सीबीआई सूत्रों के हवाले से खबर दी कि राजेंद्र कुमार से पूछताछ जारी है ताकि उनकी कथित भूमिका का पता लगाया जा सके।

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सीबीआई ये भी जान्ने की कोशिश कर रही है कि कितनी रकम किसे और कैसे दी गई।

राजेंद्र कुमार और चार अन्य लोगों को मंगलवार (5 जुलाई) को एक विशेष अदालत ने पांच दिनों की सीबीआई हिरासत में भेजा था। बुधवार को गृह मंत्रालय ने कहा था कि कुमार को उनकी गिरफ़्तारी के बाद उनके पद से निलम्बित कर दिया गया था।

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पांचों आरोपियों को 50 करोड़ रुपए का एक सरकारी ठेका एक निजी कंपनी को देने में पक्षपात के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

एजेंसी ने अदालत से कहा था कि आईएएस अधिकारी गवाहों को ‘धमकी’ दे रहे हैं। इसके बाद, विशेष सीबीआई न्यायाधीश अरविन्द कुमार ने कुमार, केजरीवाल के कार्यालय में उप सचिव तरूण शर्मा, कुमार के करीबी सहयोगी अशोक कुमार तथा एक निजी कंपनी के मालिकों संदीप कुमार तथा दिनेश गुप्ता को सीबीआई हिरासत में भेज दिया था।

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सुनवाई के दौरान सीबीआई ने दावा किया था कि राजेंद्र कुमार एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और उन्हें गिरफ्तार किए बिना निष्पक्ष जांच संभव नहीं है क्योंकि वह गवाहों को धमकी दे रहे हैं।

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