VIDEO: 3 हजार करोड़ की लागत से बनी स्टेच्यू ऑफ यूनिटी से पहली बारिश में ही टपकने लगा पानी, वीडियो शेयर कर लोगों ने उठाए सवाल, कांग्रेस भी भड़की

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दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति के तौर पर गुजरात के नर्मदा जिले में केवड़िया के निकट स्थापित सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर की विशाल प्रतिमा अपने अनावरण के बाद पहली ही बारिश में पानी के रिसाव और टपकने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। 3000 करोड़ की लागत से बनाए गए स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की दर्शक गैलरी में बारिश का पानी घुस गया है। एक पर्यटक ने फर्श पर फैले पानी और छत से पानी टपकने का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जो खूब वायरल हो रहा है।

Reuters

वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने मोदी सरकार के इस प्रोजेक्ट को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि 135 मीटर ऊंची इस गैलरी के सामने ग्रिल लगा है जिससे भारी बारिश के दौरान तेज हवा के साथ पानी घुस जाता है। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी नाराजगी व्यक्त की है। साथ ही निर्माण में हिस्सा लेने वाले निजी ठेकेदारों पर कार्यवाही करने की मांग की है।

प्रतिमा के निर्माण और रखरखाव का काम लार्सन एंड टुब्रो कंपनी करती है। लगभग 3000 करोड़ की लागत से बनी इस प्रतिमा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 31 अक्टूबर को किया था। मजे की बात यह है कि अब तक नर्मदा जिले के गरूड़ेर तालुका (जिसमें यह स्थित है) में भारी बारिश भी नहीं हुई है। प्रतिमा के सीने में हृदय के स्थान पर 153 मी की ऊंचाई पर बनी व्यूइंग गैलरी, जहां से एक बार में दो सौ लोग आसपास का विहंगम दृश्य देख सकते हैं, में भी कथित तौर पर बरसाती पानी भर गया है।

सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने वालों ने इस स्थिति पर निराशा प्रकट की है। एक पर्यटक ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम दुनिया की इस सबसे ऊंची प्रतिमा को देखने के लिए बड़ी आस के साथ आए थे, लेकिन हमें इस प्रतिमा को वर्षा में देख बहुत बुरा लग रहा है। अभी तो भारी वर्षा हुई भी नहीं है लेकिन मुख्य सभागार और दर्शक गैलरी में पानी भर गया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”

कांग्रेस ने बोला हमला

स्टेच्यू ऑफ यूनिटी से पानी टपकने की घटना पर कांग्रेस ने नाराजगी व्यक्त करते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, “लौह पुरुष व हमारे आदर्श सरदार पटेल को समर्पित स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के कई हिस्सों में पहली बारिश में ही पानी का रिसाव होना सरकार व एजिंसियों की लापरवाही व नाकामी का सबूत है। भाजपा सरकार को निर्माण में हिस्सा लेने वाले निजी ठेकेदारों पर कार्यवाही करनी चाहिये।”

गुजरात कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल ने ट्वीट किया, “गुजरात में बनी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी से पहली ही बारिश में पानी रिसने लगा है।इसे तैयार करने में 3000 करोड़ की लागत आई थी।3000 करोड़ का ख़र्चा कर प्रतिमा भी ठीक से नहीं बना पाए वो सरदार साहब के विचार को कैसे संभाल पाएँगे।जय सरदार”

देखें, लोगों की प्रतिक्रियाएं:

अधिकारी का क्या कहना है?

नर्मदा जिले के कलेक्टर और प्रतिमा के लिए मुख्य प्रशासक आईके पटेल ने कहा कि दर्शक गैलरी के अंदर पानी रिसने की घटना प्राकृतिक है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने के लिए वहां एक चैनल था। उन्होंने कहा, “प्रतिमा की छाती पर बनी दर्शक गैलरी आगे से ग्रिल के साथ खुली है। गैलरी के पीछे की तरफ कांच लगा है। डिजाइन के हिसाब से सामने का दृश्य खुला है इसलिए यह स्वाभाविक है कि बारिश होने पर पानी अंदर घुसेगा।”

पटेल ने कहा, “बारिश के पानी का निपटान करने के लिए एक चैनल है, लेकिन जब हवा की गति अधिक होती है, तो बहुत सारा पानी आता है और हाउस कीपिंग के कर्मचारी लगातार इसे बाहर निकालते हैं।” उन्होंने कहा यह रिसाव नहीं है जैसा कि दावा किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि सरकार इस मामले को देखेगी और जो भी कदम जरूरी होगा, किया जाएगा। (इंपुट- भाषा/यूएनआई के साथ)

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