दिल्ली: ढोंगी बाबा वीरेंद्र देव पर कसता शिकंजा: एक और आश्रम पर कार्रवाई कर 21 लड़कियों को निकाला गया, HC के आदेश पर महिला आयोग की टीम ने की छापेमारी

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दिल्ली पुलिस और दिल्ली महिला आयोग की टीम ने रात में रेप के आरोपी वीरेंद्र देव दीक्षित के दिल्ली के मोहन गार्डन के आश्रम में छापेमारी की है। इस आश्रम से 21 लड़कियों को निकाला गया। इन सभी लड़कियों का मेडिकल और कॉउंसलिंग कराई जाएगी। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर दिल्ली महिला आयोग (DCW) की अध्यक्ष स्वाति जयहिंद और उनकी टीम ने शुक्रवार (22 दिसंबर) को आध्यात्मिक विश्वविद्यालय पर छापेमारी की। छापेमारी में DCW की टीम के साथ चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) और दिल्ली पुलिस की टीम भी मौजूद रही। छापेमारी के दौरान पता चला कि 200 गज के इस मकान में अय्याश बाबा ने 21 महिलाओं को कैद रखा था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इनमें 5 नाबालिग लड़कियां भी शामिल हैं। हालांकि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लड़कियों का कहना है कि वे अपनी मर्जी से रह रही थीं।

इसी बीच बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिया कि वह उत्तरी दिल्ली स्थित उस आश्रम के संस्थापक तथा प्रमुख का पता लगाए जहां महिलाओं और लड़कियों को कथित तौर पर ‘पिंजरों में जानवरों’ की तरह रखा गया।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने आदेश दिया कि उत्तरी दिल्ली के रोहिणी स्थित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के संस्थापक वीरेंद्र देव दीक्षित चार जनवरी को अदालत के समक्ष पेश हों।

मामले में अगली सुनवाई चार जनवरी को होगी। पीठ ने आश्रम में रह रही एक महिला को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सवाल किया कि अदालत द्वारा नियुक्त समिति पर हमला के लिए उसके खिलाफ क्यों नहीं अवमानना कार्रवाई शुरू की जाए।

अदालत गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘फाउंडेशन फॉर सोशल इम्पावरमेंट’ की एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें अदालत को बताया गया था कि कई नाबालिगों और महिलाओं को यहां आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में बंधक बनाकर रखा गया है और उन्हें अपने माता पिता से भी मिलने की अनुमति नहीं है।

अदालत ने आश्रम में बच्चियों और महिलाओं को कथित रूप से बंधक बनाकर रखे जाने के मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया है। पीठ ने ‘‘मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता’’ को देखते हुए सीबीआई निदेशक से कहा था कि वह तुरंत विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करे जो मामले संबंधी सभी रिकॉर्ड और दस्तावेज का प्रभार संभाले।

अदालत ने आश्रम की आध्यात्मिकता पर भी सवाल खड़ा किया और कहा कि यह पहला मौका है जब हम ऐसा आश्रम देख रहे हैं जहां नाबालिग लड़कियों को बंधक बनाकर रखा गया है। अदालत ने कहा कि आप हमसे उम्मीद करते हैं कि अपनी आंखें बंद रखें और इसे सामान्य बात माने? यह किस प्रकार की आध्यात्मिकता है जब लोगों को पिंजरों में जानवरों की तरह कैद रखा जाता है?

बता दें कि रोहिणी, उत्तम नगर और नांगलोई की तरह दिल्ली में बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के करीब 8 आश्रम बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां इनकी कुंडली खंगालने में जुटी हुई हैं। आध्यात्मिक विश्वविद्यालयों के आश्रमों में शिकंजा कसते ही संस्था का फाउंडर बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित अंडरग्राउंड हो गया है।

अब तक दिल्ली के रोहिणी और राजस्थान में उसके 4 आश्रमों पर छापेमारी हो चुकी है। 125 नाबालिग लड़कियों और महिलाओं को छुड़ाया जा चुका है। एक एनजीओ ने इन्हें कैद करने का आरोप लगाया है। वीरेंद्र देव के अमेरिका, राजस्थान, यूपी, हरियाणा और दिल्ली में करीब 200 आश्रम बताए जाते हैं।

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