जर्मनी में राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला, बोले- लिंचिंग की घटनाओं के लिए बेरोजगारी, नोटबंदी और GST जिम्मेदार

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बेरोजगारी, मॉब लिंचिंग (भीड़ की पिटाई से हत्या), वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), नोटबंदी और दलितों पर हमले को लेकर एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला है। राहुल ने कहा कि लिंचिंग की घटनाओं के लिए मोदी सरकार की जीएसटी और नोटबंदी जैसी नीतियां जिम्मेदार हैं। केंद्र ने नोटबंदी-जीएसटी को खराब तरीके से लागू किया।

राहुल गांधी

समाचार एजेंसी भाषा के हवाले से एक न्यूज़ वेबसाइट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जर्मनी के हैम्बर्ग में अपने संबोधन में दावा किया कि भारत में भीड़ द्वारा लोगों की पीट-पीटकर हत्या किये जाने की घटनाएं बेरोजगारी और सत्तारूढ़ बीजेपी द्वारा नोटबंदी एवं जीएसटी को खराब तरीके से लागू किये जाने से छोटे कारोबारों के चौपट हो जाने की वजह से उपजे गुस्से के कारण हो रही हैं। राहुल ने आईएसआईएस के बनने का जिक्र करते हुए आगाह किया या कि अगर विकास की प्रक्रिया से लोगों को बाहर रखा गया तो इसी तरह के हालात देश में पैदा हो सकते हैं।

उन्होंने कहा, लोगों को बाहर रखना 21वीं सदी में बेहद खतरनाक है। अगर 21वीं सदी में आप लोगों को नजरिया नहीं देते हैं तो कोई और देगा। उन्होंने बीजेपी नीत केंद्र सरकार पर विकास प्रक्रिया से आदिवासियों, दलितों और अल्पसंख्यकों को बाहर रखने का आरोप लगाते हुए कहा और हमारी विकास प्रक्रिया से बड़ी संख्या में लोगों को बाहर रखने का वही असली खतरा है।

उन्होंने कहा कि दुनिया में जो बदलाव हो रहे हैं उसके लिये लोगों को कुछ निश्चित सुरक्षा की आवश्यकता है। उन्होंने भारत की मौजूदा सरकार पर उनसे ये सुरक्षा छीनने और नोटबंदी और जीएसटी के जरिये अनौपचारिक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने का आरोप लगाया जिससे लोगों में गुस्सा पैदा हो रहा है और भीड़ हत्या की घटनाएं हो रही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, वे (बीजेपी सरकार) महसूस करते हैं कि आदिवासी, गरीब किसानों, निचली जाति के लोगों और अल्पंसख्यकों को अमीरों के समान लाभ नहीं मिलना चाहिये।

साथ ही उन्होंने कहा, यही एकमात्र नुकसान उन्होंने नहीं किया है, उससे कहीं अधिक कुछ खतरनाक बातें हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था का विमुद्रीकरण किया और सभी छोटे और मझोले कारोबार के लिये नकदी के प्रवाह को तबाह कर दिया जिससे लाखों लोग बेरोजगार हो गए।

राहुल गांधी ने कहा, उन्होंने खराब अवधारणा वाली जीएसटी थोप दी, जिसने जीवन को और जटिल बना दिया. उन्होंने कहा, छोटे कारोबार में काम करने वाले बड़ी संख्या में लोग गांव लौटने पर मजबूर हुए और ये तीन काम जो सरकार ने किये हैं उसने भारत में आक्रोश पैदा किया है।

उन्होंने कहा, और आपको वही समाचार पत्रों में पढ़ने को मिलता है। जब आप भीड़ के लोगों की पीट-पीटकर हत्या करने की बात सुनते हैं, जब आप भारत में दलितों पर हमले के बारे में सुनते हैं और जब आप भारत में अल्पसंख्यकों पर हमले के बारे में सुनते हैं तो उसकी वजह यही है।

राहुल गांधी ने सवालों का जवाब देते हुए कहा कि 70 साल पहले भारत के गांव जाति के आधार पर बंटे होते थे, दलितों के साथ भेदभाव होता था। 70 साल पहले हमने वहां से शुरूआत की और धीरे धीरे बदलाव आने लगा। मनरेगा, भोजन का अधिकार, आरटीआई आदि फैसलों से पहले बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया ताकि सबको विकास का लाभ मिले।

संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गले लगने के सवाल पर उन्होंने कहा, मेरी पार्टी के कुछ नेताओं को मेरा मोदीजी से गले मिलना पसंद नहीं आया। गले मिलने का मतलब नफरत का जवाब प्यार से देना था। राहुल ने अपने पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 1991 में मेरे पिता को एक आतंकवादी ने मार डाला था। कई साल बाद जब उस आतंकवादी की मृत्यु हो गई तो मैं खुश नहीं हुआ। मैंने खुद को उसके बच्चों में देखा। मैंने हिंसा को झेला है और मैं आपको बता सकता हूं, कि इससे निकलने का एकमात्र तरीका है माफ करना और माफ़ करने के लिए आपको यह समझना होगा कि ये कहां से आ रही है।

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