महाराष्ट्र में बाघिन ‘अवनि’ की हत्या पर राहुल गांधी ने महात्मा गांधी को किया याद, फडणवीस सरकार पर बोला हमला

0

महाराष्ट्र के विदर्भ जंगलों में दहशत फैलाने वाली पांच वर्षीय कथित आदमखोर बाघिन अवनि को शनिवार (3 नवंबर) को यवतमाल जिले के बोरती गांव के समीप एक अभियान चलाकर मार गिराया गया। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सहयोगी शिवसेना, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़ी आलोचना की है। शिवसेना की युवा सेना के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे ने बाघिन को मारने के लिए सरकार पर हमला बोला और इसे अवैध शिकार करार दिया।

File Photo: @INCIndia

बीजेपी की सहयोगी शिवसेना और कार्यकर्ताओं के बाद रविवार (4 नवंबर) को केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने भी अवनि की हत्या को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा। जानवरों के प्रति प्रेम का भाव रखने के लिए मशहूर मेनका ने अवनि को मारने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा है कि अवनि की ‘क्रूरता से हत्या’ की गई। मेनका ने कहा कि वे इस मामले को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उठाएंगी। दरअसल ऐसा माना जाता है कि इस खूंखार मादा बाघ ने 13 लोगों को शिकार बना लिया था।

इस बीच अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी बाघिन ‘अवनि’ की हत्या को लेकर सोमवार (5 नवंबर) को महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार पर निशाना साधा है। अवनी के मारे जाने से नाराज कांग्रेस अध्यक्ष ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचार के जरिए महाराष्ट्र सरकार को निशाने पर लिया है। राहुल ने लिखा, ‘किसी देश की महानता का आकलन उसके द्वारा जानवरों के प्रति किए जाने वाले व्यवहार से किया जा सकता है।’

इससे पहले रविवार को इस घटना के विरोध में मेनका गांधी ने कई ट्वीट करके कहा कि महज कुछ लोगों के विरोध में महाराष्ट्र सरकार ने बाघिन अवनी को मारने का आदेश दे दिया। यवतमाल में उसकी निर्मम हत्या से मैं बेहद दुखी हूं। ये सीधे तौर पर अपराध है। उन्होंने कहा कि विभिन्न पक्षों की अपील के बावजूद महाराष्ट्र के वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने उसे मारने के आदेश दे दिए।

केंद्रीय मंत्री ने लिखा, ‘जिस तरह से अवनि को यवतमाल में निर्दयता से मारा गया मैं उसे बहुत दुखी हूं। यह कुछ नहीं बल्कि सीधा-सीधा एक आपराधिक मामला है। कई पक्षों के अनुरोध के बावजूद महाराष्ट्र के वन मंत्री सुधीर मुंगटीवार ने अवनि को गोली मारने का आदेश दिया।’ मेनका ने अपने एक ट्वीट में कहा कि वह इस मामले को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने भी उठाएंगी।

क्या है पूरा मामला?

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, आधिकारिक रूप से टी-वन नाम वाली इस बाघिन को शुक्रवार रात मार डाला गया। यह कारनामा शार्प शूटर असगर अली ने कर दिखाया। असगर, मशहूर शार्पशूटर शफत अली के बेटे हैं। इस नरभक्षी बाघिन को रालेगांव थाने की सीमा में पड़ने वाले बोराती जंगल में घेर लिया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, बीते दो सालों में अवनि ने पंधरकांवड़ा जंगल में 13 लोगों का शिकार कर लिया था।

बाघिन अवनी (5) को करीब तीन महीने तक ढूंढ़ने के बाद यह अभियान चलाया गया, जिसमें वन विभाग की टीम के साथ कैमरों, ड्रोन, हैंग ग्लाइडर और खोजी कुत्तों की मदद ली गई। एक स्वस्थ बाघिन अवनी तिपेश्वर टाइगर सैंक्चुरी में 10 महीने के अपने दो शावकों की परवरिश करती थी। उसे निशानेबाज नवाब असगर अली खान ने मार गिराया। इस सितंबर महीने में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उसे गोली मारी जा सकती है।

इसके बाद उसे माफी देने की ऑनलाइन याचिकाओं की बाढ़ आ गई थी। इस बाघिन को नवीनतम तकनीक की मदद से पकड़ने के लिए तीन महीने से ज्यादा समय से कोशिशें हो रही थीं। वनाधिकारियों ने प्रशिक्षित श्वान दस्ते, ट्रैप कैमरे, ड्रोन, हैंग ग्लाइडर, विशेषज्ञ ट्रैकर्स, शार्प शूटरों और 200 लोगों को इस अभियान में शामिल किया गया था। अधिकारियों ने बताया, ‘‘दूसरी बाघिन के मूत्र और अमेरिकी इत्र को इलाके में छिड़का गया, जिसे सूंघते हुए अवनि वहां आ पहुंची।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वन अधिकारियों ने पहले उसे जिंदा पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन घना जंगल और अंधेरा होने की वजह से ऐसा नहीं हो सका, आखिरकार एक गोली दागी गई और बाघिन ढेर हो गई।’’ उन्होंने बताया, ‘‘जब उसने हिलना डुलना बंद कर दिया तो वन अधिकारी उसके पास गये और बाद में उसे नागपुर अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

महाराष्ट्र सरकार की आलोचना

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ बीजेपी की सहयोगी शिवसेना और कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़ी आलोचना की है। शिवसेना की युवा सेना के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे ने बाघिन को मारने के लिए सरकार पर हमला बोला और इसे अवैध शिकार करार दिया। वहीं, आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता प्रीति शर्मा मेनन ने वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार को अवनी के मारे जाने में आरोपी करार दिया। उन्होंने व्यंग्यात्मक ढंग से टिप्पणी देते हुए कहा, “बाघिन की परवाह किसे होगी जब उद्योगपति जंगल भूमि खोजते फिर रहे हों।”

समचाार एजेंसी IANS के मुताबिक आदित्य ठाकरे ने कहा, “जानवरों व वनों की अवैध शिकारियों से सुरक्षा के बजाए सरकार उनसे प्रेरित हो रही है।” ऑपरेशन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार से पूछा कि बाघिन को मचान से गोली क्यों मारी गई। उन्होंने कहा, “अगर विशेषज्ञ शिकारी एक चलते हुए जानवर को गोली मारकर ढेर कर सकते हैं तो उन्होंने उसे शांत करना क्यों नहीं चुना?”

उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या यह शिकारी जानवरों को मारने का प्रयास कर रहे थे और क्या इनके ऊपर वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला चलाया जा सकता है। पेटा इंडिया के कॉर्डिनेटर मीत अशर ने कहा, “इस मामले की जांच होनी चाहिए और इसे वन्यजीव अपराध के रूप में देखा जाना चाहिए। चाहे इसकी मंजूरी राज्य द्वारा दी जाए या नहीं, कोई भी कानून से बड़ा नहीं है। यह हमारे देश के लिए एक काला दिन है।”

Pizza Hut

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here