मिशन शक्ति: राहुल गांधी ने DRDO के वैज्ञानिकों को दी बधाई और पीएम मोदी पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री को दी ‘वर्ल्ड थियेटर डे’ की शुभकामनाएं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (27 मार्च) सुबह राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश के अंतरिक्ष महाशक्ति बनने की जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा भारत उपग्रह-भेदी क्षमता हासिल कर चौथा अंतरिक्ष ‘महाशक्ति’ बन गया है। उन्होंने आगे कहा कि अभी तक यह तकनीक सिर्फ अमेरिका, चीन और रूस के पास थी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने अंतरिक्ष में एंटी मिसाइल से एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराते हुए आज अपना नाम अंतरिक्ष महाशक्ति के तौर पर दर्ज करा दिया। उन्होंने इसे सभी देशवासियों के लिए गर्व का क्षण बताया।

इस मिशन की सफलता के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक तरफ जहां रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिकों को ट्वीट कर बधाई दी है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज सकते हुए उन्हें विश्व रंगमंच दिवस की शुभकामनाएं दी है। राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला करते हुए ट्वीट किया और लिखा है कि विश्व थियेटर दिवस की शुभकामनाएं। गांधी ने ट्वीट किया, ‘बहुत अच्छे डीआरडीओ, हमें आपके काम पर गर्व है। मैं प्रधानमंत्री को वर्ल्ड थिएटर डे (विश्व रंगमंच दिवस) की बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूं।’

राहुल गांधी के अलावा उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी अंतरिक्ष में दुश्मन के उपग्रह को मार गिराने की क्षमता हासिल करने पर देशवासियों तथा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिकों को बधाई दी है। नायडू ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, ‘‘देश के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को ‘मिशन शक्ति’ की सफलता के लिए बधाई देता हूं। उपग्रह रोधी मिसाइल के सफल प्रक्षेपण से देश विश्व में एक अंतरिक्ष महाशक्ति के रूप में उभरा है।’’

उपराष्ट्रपति ने इस अभियान से जुड़े वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा, ‘‘आपकी उपलब्धि पर हर देशवासी को गर्व है। भावी सफलताओं के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।’’ वहीं, सुमित्रा महाजन ने भी ट्वीट कर वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने लिखा “भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और डीआरडीओ के हमारे वैज्ञानिकों ने 300 किलोमीटर दूरी के लाइव सैटेलाइट लक्ष्य को महज तीन मिनट में भेद दिया। यह बेहद बड़ी और ऊंची कामयाबी है। यह विश्व-शांति और स्थायित्व के लिए भारत का अहम और जिम्मेदार कदम है। भारत के अंतरिक्ष विज्ञान कार्यक्रम के लिए बड़ा दिन है।”

महाजन ने अंतरिक्ष में भारत को विश्व की चौथी महाशक्ति बनाने, राष्ट्र की सुरक्षा को अत्यधिक मजबूत बनाने के लिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार सुबह राष्ट्र के नाम संदेश में कहा, ‘‘मिशन शक्ति के तहत स्वदेशी एंटी सैटेलाइट मिसाइल ‘ए..सैट’ से तीन मिनट में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया गया।’’ इसके साथ ही भारत ने खुद को अंतरिक्ष महाशक्ति के तौर पर स्थापित कर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अंतरिक्ष में निचली कक्षा में लाइव सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता रखने वाला चौथा देश बन गया है। अब तक यह क्षमता केवल अमेरिका, रूस और चीन के ही पास थी।

बता दें कि भारत ने बुधवार को ऐंटी-सैटलाइट हथियार का टेस्ट किया। भारत ने अंतरिक्ष में महाशक्ति का दर्जा हासिल करते हुए बुधवार को पृथ्वी की निचली कक्षा में 300 किलोमीटर दूर एक सैटलाइट को मार गिराया। भारतीय वैज्ञानिकों ने इस अभियान को ‘मिशन शक्ति’ नाम दिया था। सबसे बड़ी बात यह है कि भारतीय रक्षा अनुसंधान संगठन (DRDO) के महान वैज्ञानिकों ने महज 3 मिनट में ही इस मिशन को अंजाम तक पहुंचा दिया।

पीएम मोदी ने खुद राष्ट्र के नाम संबोधन में इस बात की जानकारी दी। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने सुबह 11 बजकर 16 मिनट पर ए-सैट का परीक्षण किया। ए-सैट ने 300 किमी की ऊंचाई पर एक पुराने सैटलाइट को निशाना बनाया जो अब सेवा से हटा दिया गया है। यह पूरा अभियान मात्र 3 मिनट में पूरा हो गया। इस मिशन के महत्‍व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसकी घोषणा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।

पीएम मोदी ने कहा कि हमने जो नई क्षमता हासिल की है, यह किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि तेज गति से बढ़ रहे हिंदुस्तान की रक्षात्मक पहल है। उन्होंने वैज्ञानिकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा, “‘मिशन शक्ति’ कठिन अभियान था, लेकिन यह बहुत बड़ी सफलता है।” मोदी ने कहा कि अभियान में जटिल अंतरिक्ष कुशलताओं का उपयोग किया गया। उन्होंने कहा, “देश के लिए यह गर्व का क्षण है। हमारे वैज्ञानिकों ने यह कर दिखाया।”

अंतरराष्ट्रीय कानून या संधि का उल्लंघन नहीं 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इससे किसी अंतरराष्ट्रीय कानून या संधि का उल्लंघन नहीं हुआ है। भारत हमेशा से अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ के विरूद्ध रहा है और इससे (उपग्रह मार गिराने से) देश की इस नीति में कोई परिवर्तन नहीं आया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि शांति एवं सुरक्षा का माहौल बनाने के लिए एक मजबूत भारत का निर्माण जरूरी है और हमारा उद्देश्य शांति का माहौल बनाना है, न कि युद्ध का माहौल बनाना। मोदी ने कहा कि मिशन में किसी अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया।

उन्होंने कहा, “यह नई तकनीक किसी के खिलाफ नहीं है। यह सिर्फ देश के विकास के लिए है। हम यह सिर्फ अपनी सुरक्षा और रक्षा के लिए कर रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य शांति कायम रखना है, न कि युद्ध जैसे हालात बनाना।” जैसे ही पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम अपना संबोधन पूरा नहीं किया, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और मीडिया सहित उनके समर्थकों ने इस उपलब्धि के लिए वैज्ञानिकों के साथ-साथ प्रधानमंत्री को भी श्रेय दिया, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि भारत ने यह क्षमता वर्ष 2012 में ही हासिल कर ली थी।

 

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