कोरोना लॉकडाउन: पलायन की स्थिति पर बोले राहुल गांधी- “सरकार इस भयावह हालत की ज़िम्मेदार, नागरिकों की ये दशा करना एक बहुत बड़ा अपराध है”

0

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने शनिवार (28 मार्च) को आम जनता और अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और मंत्रियों से अपील की कि वे अपने कस्बों, शहरों और गांवों से पैदल गुजर रहे प्रवासी मजदूरों व श्रमिकों को भोजन और आश्रय प्रदान करें।

राहुल गांधी

राहुल गांधी ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, “आज हमारे सैकड़ों भाई-बहनों को भूखे-प्यासे परिवार सहित अपने गांवों की ओर पैदल जाना पड़ रहा है। इस कठिन रास्ते पर आप में से जो भी उन्हें खाना-पानी-आसरा-सहारा दे सकें, कृपा करके दें।” उन्होंने कहा, “कांग्रेस कार्यकर्ताओं नेताओं से मदद की खास अपील करता हूं।”

एक अन्य ट्वीट में राहुल गांधी ने कहा, “सरकार इस भयावह हालत की ज़िम्मेदार है। नागरिकों की ये दशा करना एक बहुत बड़ा अपराध है। आज संकट की घड़ी में हमारे भाइयों और बहनों को कम से कम सम्मान और सहारा तो मिलना ही चाहिए। सरकार जल्द से जल्द ठोस क़दम उठाए ताकि ये एक बड़ी त्रासदी ना बन जाए।”

वहीं, राहुल गांधी के बहनोई और व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा ने फेसबुक पर लिखा कि वह उन गरीब लोगों के लिए व्यथित महसूस कर रहे हैं जिनके पास रहने के लिए कोई जगह और खाने के लिए भोजन नहीं है और अचानक कोरोनोवायरस लॉकडाउन के कारण कोई आश्रय नहीं है और अपने गांवों में लौटने के लिए मजबूर हैं। वाड्रा ने लिखा था कि वह केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से इन लोगों की मदद करने का अनुरोध करते हैं।

गौरतलब है कि, कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार की रात देश को संबोधित करते हुए ऐलान किया था कि ‘आज रात 12 बजे से पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन होगा, उन्होंने कहा कि ये लॉकडाउन कर्फ्यू की तरह ही होगा।’

लॉकडाउन की वजह से देश के कई हिस्सों में बहुत सारे लोग रास्तों में फंस गए है, उनकों बहुत परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। उन बेबस और असहाय लोगों के सामने खाने-पीने और रहने की गंभीर समस्या है। इसके बाद दिल्ली और कुछ अन्य शहरों से मजूदरों और गरीबों के अपने घरों के लिए पैदल निकलने की खबरें आ रही हैं। दिल्ली-गाजियाबाद सीमा के रास्ते बुधवार से सैकड़ों की संख्या में प्रवासी मजदूर मीलों की दूरी तय कर घर जा रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here