स्मार्ट सिटी मिशन में अब तक केवल 7 फीसदी राशि खर्च होने पर राहुल गांधी ने ‘मोदीभक्तों’ से की यह अपील

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार (31 दिसंबर) को पहली बार ‘मोदी भक्तों’ (पीएम मोदी के समर्थक) को आड़े हाथों लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। स्मार्ट सिटी मिशन के लिए आवंटित रकम का मात्र सात प्रतिशत राशि खर्च हो पाने का आंकड़ा उजागर होने के बाद राहुल गांधी ने पीएम मोदी के समर्थकों से एक अपील करते हुए ट्वीट कर कहा कि ‘मोदीभक्त’ अपने मास्टर (पीएम मोदी) से नौकरियां पैदा करने पर ध्यान देने को कहें, क्योंकि चीन हमें पछाड़ रहा है और मोदी सिर्फ नारे दे रहे हैं।

Express Photo by Prem Nath Pandey

कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से रविवार को एक वीडियो का लिंक शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘प्रिय मोदीभक्त (पीएम के समर्थक), स्मार्ट सिटी के लिए आवंटित 9,860 करोड़ रुपये का महज 7 प्रतिशत ही इस्तेमाल हो पाया है। हम चीन से प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहे हैं और आपके मास्टर (पीएम मोदी) हमें सिर्फ नारे दे रहे हैं। कृपया करके इस वीडियो को देखें और उन्हें उन बातों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दें जो मायने (भारत में नौकरियों के अवसर पैदा करना) रखती हैं।’

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट के साथ एक विडियो शेयर किया है। दरअसल, यह यूट्यूब विडियो चीन के शहर शेनचेन के हार्डवेयर मार्केट पर आधारित एक डॉक्युमेंट्री है। Shenzhen: The Silicon Valley of Hardware नाम की यह डॉक्युमेंट्री कुल 1 घंटे 07 मिनट 50 सेकंड की है। इस डॉक्युमेंट्री के जरिए यह बताने की कोशिश की गई है कि भविष्य के शहर कैसे होंगे।

इस वीडियो और ट्वीट के साथ ही राहुल गांधी ने बीजेपी पर खोखले वादे करने का आरोप लगाते हुए #BJPEmptyPromises का इस्तेमाल करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा है। राहुल ने जो वीडियो लिंक अपने ट्वीट में जोड़ा है उसमें चीन के सिलिकॉन वैली को दिखाया गया है।

दरअसल, राहुल द्वारा शेयर किए गए इस यूट्यूब वीडियो में चीन के शहर शेनचेन के हार्डवेयर मार्केट पर आधारित एक डाक्यूमेंट्री दिखाया गया है। Shenzhen: The Silicon Valley of Hardware नाम की यह डाक्यूमेंट्री कुल 1 घंटे 07 मिनट 50 सेकंड की है। इस डाक्यूमेंट्री के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई है कि भविष्य के शहर कैसे होंगे।

स्मार्ट सिटी मिशन में अब तक केवल 7 फीसदी राशि का हुआ इस्तेमाल

गौरतलब है कि शहरी विकास मंत्रालय के आंकड़ों से खुलासा है कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 60 शहरों के लिए जारी किए गए 9,860 करोड़ रुपये में से अब तक केवल सात प्रतिशत राशि ही खर्च हो पाए हैं। शहरी विकास मंत्रालय के एक सूत्र का कहना है कि मंत्रालय शहरों के इस प्रदर्शन से खुश नहीं है। उसने इस स्थिति पर चिंता जाहिर की है।

मोदी सरकार के महत्वकांक्षी स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 60 शहरों को जारी किए गए 9,860 करोड़ रुपये में से महज सात प्रतिशत यानी करीब 645 करोड़ रुपये का ही उपयोग हो पाया है, जो शहरी मंत्रालय के लिए एक चिंता का कारण है। इस बात का खुलासा शहरी विकास मंत्रालय के डेटा से हुआ है।

आंकड़ों के मुताबिक स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 60 शहरों के लिए जारी किए गए 9,860 करोड़ रुपये में से केवल 675 करोड़ रुपये अब तक खर्च हो पाएं है। आंकड़े सामने आने के बाद शहरी विकास मंत्रालय ने चिंतित है। शहरी विकास मंत्रालय के डेटा के अनुसार 40 शहरों के लिए जारी किए गए 196-196 करोड़ रुपयों में से सबसे ज्यादा 80.15 करोड़ रुपये अहमदाबाद ने खर्च किए हैं।

फंड का इस्तेमाल करने के मामले में 70.69 करोड़ रुपये के साथ इंदौर दूसरे नंबर पर है। 43.41 करोड़ रुपये के खर्च के साथ सूरत तीसरे और 42.86 करोड़ रुपये के इस्तेमाल के साथ भोपाल चौथे नंबर पर है। कुछ शहर तो अपने फंड से 1 करोड़ रुपये तक इस्तेमाल नहीं कर पाएं हैं। रांची ने अब तक केवल 35 लाख, अंडमान निकोबार ने 54 लाख और औरंगाबाद ने 85 लाख रुपये खर्च किए हैं।

न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक शहरी विकास मंत्रालय के एक सूत्र का कहना है कि मंत्रालय शहरों के इस प्रदर्शन से खुश नहीं है। उसने इस स्थिति पर चिंता जाहिर की है। मंत्रालय के सूत्र ने कहा, ‘शहरी विकास मंत्रालय खराब प्रदर्शन करने वाले शहरों से बात करके उन्हें प्रॉजेक्ट्स में तेजी लाने को कहेगा।’

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