राहुल गांधी ने पूछा- पीएम केयर्स में रुपये देने वालों के नामों का खुलासा क्यों नहीं करना चाहते प्रधानमंत्री

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देश में तेजी से फैल रह घातक कोरोना वायरस की महामारी के बीच भी कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे पर लगातार हमलावर हैं। इस बीच, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने एक खबर का हवाला देते हुए शनिवार को सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘पीएम केयर्स फंड’ में अनुदान देने वालों के नामों का खुलासा क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि पीएम केयर्स फंड में रुपये देने वालों के नाम बताने से पीएम मोदी डरते क्यों हैं।

राहुल गांधी

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘‘प्रधानमंत्री उन लोगों के नामों का खुलासा क्यों नहीं करना चाहते जिन्होंने ‘पीएम केयर्स’ के लिए पैसा दिया है? हर कोई जानता है कि चीनी कंपनियों हुवेई, शाओमी, टिकटॉक और वन प्लस ने पैसे दिए। वह इस बारे में विवरण साझा क्यों नहीं कर रहे हैं?’’

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाल ने ट्वीट कर दावा किया, ‘ न्यू इंडिया में जवाबदेही को वणक्कम! पीएम केयर्स फंड की जांच संसद की पीएसी नहीं कर सकती। इसकी जांच कैग नहीं कर सकता।इसके बारे नागरिकों को आरटीआई के तहत सवाल करने तक का अधिकार नहीं। उन्होंने कटाक्ष करने के साथ ही आरोप लगाया, ‘‘मोदी जी का नारा है कि कभी कोई हिसाब नहीं दूंगा !’’

राहुल गांधी और रणदीप सुरजेवाला ने जिस खबर का हवाला दिया उसमें दावा किया गया है कि लोक लेखा समिति (पीएसी) ‘पीएम केयर्स’ की छानबीन नहीं करेगी क्योंकि भाजपा सांसदों के विरोध के चलते पीएसी की बैठक में इस मामले पर सर्वसम्मति नहीं बन सकी।

बता दें कि, पब्लिक अकाउंट्स कमिटी (PAC) की शुक्रवार को पहली बार बैठक हुई थी। कोरोना और पीएम केयर्स फंड को लेकर इसमें बातचीत विफल रही। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सांसदों को डर है कि कोरोना को लेकर कोई चर्चा होती है तो वो पीएम केयर्स फंड तक जाएगी। इसलिए भाजपा सांसदों ने कोरोना पर चर्चा के प्रस्ताव को बाधित किया।

बता दें कि, कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच प्रधानमंत्री के निर्देश पर पीएम केयर्स फंड बनाया गया था। पीएम मोदी के आह्वान पर देश का खास से लेकर आम लोगों तक ने जमकर दान दिए। इस ट्रस्ट का 27 मार्च को गठन किया गया था। (इंपुट: भाषा के साथ)

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