अर्थव्यवस्था को ठीक करने के लिए दुष्प्रचार नहीं, ठोस नीति की जरूरत: राहुल गांधी

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी ने अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर गुरुवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इस स्थिति को ठीक करने के लिए दुष्प्रचार की नहीं, बल्कि ठोस नीति की जरूरत है। एक अंग्रेजी दैनिक अखबार में छपे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साक्षात्कार का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने यह भी कहा कि पहले सरकार को स्वीकार करना चाहिए कि अर्थव्यवस्था को लेकर समस्या है।

राहुल गांधी
फाइल फोटो

राहुल गांधी ने गुरुवार (12 सितंबर) को ट्वीट कर कहा, ‘‘इस समय दुष्प्रचार, मनगढ़ंत खबरों और युवाओं के बारे में मूर्खतापूर्ण बातें करने की जरूरत नहीं है, बल्कि भारत को एक ठोस नीति की जरूरत है ताकि अर्थव्यवस्था की स्थिति को ठीक किया जा सके।’’ राहुल गांधी ने कहा, ‘‘पहले स्वीकार करिये कि हमारे सामने समस्या है। यह स्वीकार करना ही अच्छी शुरुआत होगी।’’

उन्होंने मनमोहन सिंह के जिस साक्षात्कार का हवाला दिया उसमें पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा है कि नोटबंदी और गलत ढंग से जीएसटी लागू करने के कारण अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब हुई है।

इससे पहले राहुल गांधी की बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट करके कहा, ‘चुनाव के पहले बोला गया कि ओला-उबर ने रोजगार बढ़ाए हैं। अब बोला जा रहा है कि ओला-उबर की वजह से ऑटो सेक्टर में मंदी आ गई है।’ प्रियंका ने सवाल किया, ‘भाजपा सरकार अर्थव्यव्स्था के मामले में इतनी भ्रमित क्यों है?’

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑटो मोबाइल सेक्टर में चल रही गिरावट के पीछे ओला और उबर जैसी आनलाइन टैक्सी सर्विस को ज़िम्मेदार ठहराया है। वित्त मंत्री ने मंगलवार को अपने बयान में कहा था कि, ”ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री पर बीएस-6 और लोगों की सोच में आए बदलाव का असर पड़ रहा है, लोग अब गाड़ी खरीदने की बजाय ओला या उबर को तरजीह दे रहे हैं।”

अगस्त में लगातार दसवें महीने गाड़ियों की बिक्री नीचे गिरी है। पिछले महीने बीते 21 साल में सबसे कम कारों की बिक्री हुई। ऑटो निर्माता कंपनी सिएम (SIAM) के मुताबिक, घरेलू बाज़ार में इस महीने कारों की बिक्री में 41 फीसदी से ज़्यादा गिरावट दर्ज की गई।

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