राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर साधा निशाना, बोले- मोदी यह कभी नहीं समझेंगे कि सच के लिए लड़ने वालों को धमकाया और खरीदा नहीं जा सकता

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने ‘राजीव गांधी फाउंडेशन’ (आरजीएफ) समेत गांधी-नेहरू परिवार से जुड़े तीन न्यासों के संदर्भ में केंद्र सरकार के कदम को लेकर बुधवार (8 जुलाई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह यह कभी नहीं समझेंगे कि सच के लिए लड़ने वालों को डराया-धमकाया नहीं जा सकता।

राहुल गांधी
फाइल फोटो: PTI

बता दें कि, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब केंद्र सरकार ने ‘राजीव गांधी फाउंडेशन’ (आरजीएफ) समेत गांधी-नेहरू परिवार से जुड़े तीन न्यासों द्वारा धनशोधन और विदेशी चंदा लेने सहित विभिन्न कानूनों के कथित उल्लंघन के मामलों की जांच में समन्वय के लिए बुधवार को एक अंतर-मंत्रालयी टीम गठित की है।

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘मोदी जी मानते हैं कि दुनिया उनकी तरह है। वह समझते हैं कि हर किसी की कीमत होती है या उसे धमकाया जा सकता है। वह कभी नहीं समझेंगे कि कि सच के लिए लड़ने वालों की कोई कीमत नहीं होती और उन्हें धमकाया नहीं जा सकता।’’

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा राजीव गांधी फाउंडेशन के खिलाफ जांच को लेकर कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी सरकार पर निशाना साधा है। रणदीप सुरजेवाला ने एक बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस और उसका नेतृत्व सरकार की धमकाने वाली कोशिशों से डरने वाला नहीं है।

गौरतलब है कि, सरकार ने यह फैसला भाजपा के यह आरोप लगाने के करीब दो हफ्ते बाद लिया है, जिसमें पार्टी ने कहा था कि राजीव गांधी फाउंडेशन को चीनी दूतावास से धन प्राप्त हुआ है। यह आरोप लद्दाख में भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के बीच गतिरोध के मध्य उठा था।

गौरतलब है कि, केंद्र सरकार ने कहा है कि गांधी परिवार से जुड़े तीन ट्रस्टों के खिलाफ वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक ट्वीट में जानकारी दी है कि राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट तथा इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा इनकम टैक्स तथा वित्तीय दान से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन के खिलाफ जांच के लिए मंत्रालय द्वारा अंतर-मंत्रालयी समिति का गठन किया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, अंतर-मंत्रालयी टीम का नेतृत्व प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक विशेष निदेशक करेंगे। इस जांच समिति के बाद से ही कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी केंद्र सरकार पर पहले से और ज्यादा हमलावर हो गए हैं। (इंपुट: भाषा के साथ)

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