आपको गांधी का हिंदुस्तान चाहिए या गोडसे का हिंदुस्तान: राहुल गांधी

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दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार (4 मार्च) को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला और कहा कि लोगों को तय करना है कि उन्हें महात्मा गांधी का हिंदुस्तान चाहिए या फिर गोडसे का हिंदुस्तान चाहिए। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि इस लोकसभा चुनाव के बाद देश में कांग्रेस की सरकार बनेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘पांच साल पहले देश में एक चौकीदार आया और कहा कि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने आया हूँ, मेरा 56 इंच का सीना है। अब किसी से भी पूछ लीजिये चौकीदार क्या है? तो वह बता देगा कि चौकीदार चोर है।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कमाल है कि आप लोग देश के कोने-कोने में सच्चाई पहुंचा देते हो।

राहुल गांधी ने राफेल मामले का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और कहा, ‘हमने कुछ सवाल किए थे। चौकीदार संसद में डेढ़ घन्टे बोला, लेकिन अनिल अंबानी के बारे में नहीं बोला। प्रधानमंत्री आंख से आंख नहीं मिला पाए।’ उन्होंने कहा, ‘कुछ महीने पहले तीन प्रदेशों में चुनाव हुए। हमने वहां कहा कि मोदी जी ने झूठे वादे किए। हम आपसे झूठे वादे नहीं करेंगे और 10 दिन में किसानों का कर्ज माफ किया। हमने दो दिन में यह काम कर दिया।’

उन्होंने यह भी कहा, ‘हमने अपने दो प्रधानमंत्री (इंदिरा गांधी और राजीव गांधी) खोए, हम आतंकवाद से डरने वाले नहीं हैं।’ उन्होंने कहा कि आप गांधी का हिंदुस्तान चाहते हैं या गोडसे का हिंदुस्तान चाहते है? एक तरफ प्यार है और दूसरी तरफ नफरत है। एक तरफ गांधी हैं जो अंग्रेजों से लड़े और जो सबसे प्यार करते थे। दूसरी तरफ सावरकर हैं जो अंग्रेजों को चिट्ठी लिखकर कहते हैं कि मुझे छोड़ दो।’

गांधी ने दावा किया कि 2019 में कांग्रेस की सरकार आने वाली है। हम निर्णय ले चुके हैं कि हम न्यूनतम आय गारंटी देंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने के साथ भारत रोजगार सृजन के मामले में चीन से स्पर्धा शुरू कर देगा। गांधी ने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद किसानों की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया जाएगा।

साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि, “मैं कांग्रेस पार्टी के बूथ कार्यकर्ताओं को बताना चाहता हूं। यह पूरी तरह से आप पर निर्भर है। कांग्रेस को यहां (दिल्ली) सभी सात सीटें जीतनी हैं। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा।” बता दें कि दिल्ली में 12 मई को मतदान होना है। (इंपुट: भाषा के साथ)

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