वायनाड में बोले राहुल गांधी- नाथूराम गोडसे और नरेंद्र मोदी एक ही विचारधारा में विश्वास रखते हैं

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की तुलना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से करते हुए गुरुवार को कहा कि दोनों एक ही विचारधारा में विश्वास रखते हैं।

राहुल गांधी

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ केरल के वायनाड में एक रैली में पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि वह भारतीयों से भारतीय होने का सबूत मांग रहे हैं। महात्मा गांधी की 72वीं पुण्यतिथि पर वायनाड के कलपट्टा में ‘संविधान बचाओ’ मार्च को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि गोडसे और मोदी में कोई अंतर नहीं है।

वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने कहा, ‘आज, एक अज्ञानी शख्स गांधी की विचारधारा को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है। वह घृणा का माहौल बना रहे हैं। विचारधारा एक ही है। नाथूराम गोडसे और नरेन्द्र मोदी एक ही विचारधारा में विश्वास रखते हैं। कोई अंतर नहीं है बस मोदी में यह कहने की हिम्मत नहीं है कि वह गोडसे की विचारधारा में विश्वास रखते हैं।’ नए नागरिकता कानून को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने मोदी से पूछा कि भारतीयों से भारतीय होने का सबूत मांगने वाले वह कौन होते हैं।

उन्होंने कहा, ‘भारतीयों से उनके भारतीय होने का सबूत मांगा जा रहा है। नरेन्द्र मोदी यह फैसला करने वाले कौन होते हैं कि कौन भारतीय है। मेरी भारतीयता पूछने का लाइसेंस मोदी को किसने दिया? मुझे पता है मैं भारतीय हूं और मुझे किसी को इसका सबूत देने की जरूरत नहीं है। इसी तरह, 1.4 अरब भारतीयों को भी यह साबित करने की जरूरत नहीं है कि वे भारतीय हैं।’

कांग्रेस नेता ने राज्य में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन को तेज करने के प्रयासों के तहत यहां मार्च का नेतृत्व किया। एसकेएमजे हाई स्कूल से शुरू हुए दो किलोमीटर लंबे ‘संविधान बचाओ’ मार्च में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला, केपीसीसी के अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन और एआईसीसी सचिव के सी वेणुगोपाल समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने रैली में भाग लिया।

गौरतलब है कि, नागरिकता संशोधन कानून का कांग्रेस, टीएमसी समेत लगभग सभी विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, बिहार, असम में इस ऐक्ट के विरोध में जोरदार प्रदर्शन हुए थे। देश की कई हिस्सों में लोग इसका विरोध करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली में भी हिंसक प्रदर्शन हुए थे। (इंपुट: भाषा के साथ)

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