राहुल गांधी का प्रधानमंत्री पर निशाना, बोले- विदेश ले जाकर अपनों को बचाते हैं पीएम मोदी

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश दौरे के दौरान कितने लोगों को अपने साथ लेकर गए, इसको लेकर दायर सूचना का अधिकार (आरटीआई) पर विदेश मंत्रालय ने जवाब देने से इनकार कर दिया। मंत्रालय ने गोपनीयता का हवाला देते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया। हालांकि केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने विदेश मंत्रालय को आरटीआई पर जवाब देने को कहा था। मंत्रालय ने CIC के आदेश का उल्लंघन करते हुए इसे गोपनीय बताते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया।

स्वामी अग्निवेश
file photo

इस बीच इन खबरों पर अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाधी ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए निशाना साधा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया है कि विदेश दौरों में वह कुछ खास लोगों को इसलिए साथ ले जाते हैं ताकि उन्हें पुलिस नहीं पकड़े।

राहुल गांधी ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा, “सूचना के अधिकार (आरटीआई) में प्रधानमंत्री को कहना चाहिए कि मैं उन्हें साथ ले जाता हूं अगर जिन्हें मैं नहीं ले गया तो पुलिस ले जाएगी।” कांग्रेस प्रमुख ने ट्विटर और फेसबुक पर #ट्रेवलएजेंटमोदी लिख कर पीएम पर निशाना साधा है।

इसके साथ ही राहुल ने वह खबर भी पोस्ट की है जिसमें सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी को गोपनीय बताते हुए जवाब देने से इनकार किया गया है। खबर में यह भी कहा गया है कि केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने विदेश मंत्रालय को उन सरकारी और गैर-सरकारी व्यक्तियों के नाम बताने को कहा था जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अब तक में विदेश दौरों पर गए थे।

दरअसल, सीआईसी के आदेश का उल्लंघन करते हुए विदेश मंत्रालय ने ‘द वायर’ द्वारा इस मामले में सूचना के अधिकार के तहत दायर किए गए आवेदन में मांगी गई जानकारी को गोपनीय बताते हुए जवाब देने से इनकार कर दिया है। मंत्रालय ने सिर्फ प्रधानमंत्री के साथ विदेश जाने वाले मीडियाकर्मियों की जानकारी दी है जो कि पहले से ही सार्वजनिक है।सीआईसी ने विदेश मंत्रालय को आदेश दिया था कि वे उन सरकारी और गैर-सरकारी (प्राइवेट) व्यक्तियों के नाम बताएं जो 2014- 15 से लेकर अब तक में विदेश दौरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गए थे।

इसके बावजूद विदेश मंत्रालय के डिप्टी चीफ ऑफ प्रोटोकॉल और जनसूचना अधिकारी मयंक सिंह ने जवाब में लिखा, ‘मांगी गई जानकारी बेहद संवेदनशील है। अगर ये सूचना दी जाती है तो भारत की संप्रभुता और अखंडता के साथ देश की सुरक्षा, रणनीतिक, वैज्ञानिक और आर्थिक हितों पर प्रभाव पड़ेगा। इसकी वजह से किसी व्यक्ति की जिंदगी और शारीरिक सुरक्षा को खतरे में पड़ सकती है। इसलिए आरटीआई एक्ट, 2005 की धारा 8(1)(अ) और (ग) के तहत ये सूचना नहीं दी जा सकती है।’

यूनिवार्ता के मुताबिक पीएम मोदी के साथ विदेश जाने वाले व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल में इस बीच बैंक घोटाले में गिरफ्तार नीरव चौधरी भी शामिल था और समझा जाता है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के साथ इस घोटालेबाज की विदेश यात्रा काे लेकर उन पर हमला किया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here