विधानसभा चुनाव परिणाम: रंग लाई कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मेहनत, पांचों राज्यों में कुछ हफ्तों के भीतर ही की थीं 82 सभाएं और 7 रोड शो

0

पांच राज्य विधानसभाओं (राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम) के लिए संपन्न चुनावों में डाले गए मतों की मंगलवार (11 दिसंबर) सुबह आठ बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच गणना जारी है। इन पांचों राज्यों के परिणामों को अगले साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव का सेमी फाइनल कहा जा रहा है। इन राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के ‘अच्छे दिन’ आते दिख रहे हैं। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार बनने के संकेत हैं, जबकि मध्य प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर दिख रहा है।

(PTI file photo)

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के शानदार प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में कई प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं ने मंगलवार (11 दिसंबर) को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि ‘राष्ट्रीय क्षितिज’ पर वह तेजी से उभर रहे हैं। यदि कांग्रेस इन तीनों राज्यों में अपनी सरकार बनाने में सफल हो जाती है तो आम चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए यह संजीवनी मिलने जैसा होगा।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन का श्रेय पार्टी के नेता अपने अध्यक्ष राहुल गांधी को दे रहे हैं जिन्होंने चुनाव वाले पांचों प्रदेशों में कुछ हफ्तों के भीतर 82 सभाएं और सात रोड शो किए थे। कांग्रेस के संगठन महासचिव अशोक गहलोत का कहना है कि इन चुनावों में खासकर राजस्थान में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन का श्रेय राहुल गांधी के नेतृत्व को जाता है।

समाचार एजेंसी भाषा/पीटीआई के मुताबिक मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान से जुड़े पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के मुताबिक, राहुल गांधी ने 7 अक्टूबर को चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करने के बाद सबसे अधिक 25 जनसभाएं मध्य प्रदेश में कीं। उन्होंने मध्य प्रदेश में 4 रोड शो भी किए। कांग्रेस अध्यक्ष ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ में 19-19 चुनावी सभाओं को संबोधित किया। इसके अलावा उन्होंने राजस्थान में 2 और छत्तीसगढ़ में एक रोड शो भी किया।

राजस्थान में कांग्रेस पांच साल बाद सत्ता में वापसी करती दिख रही है। दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में कांग्रेस 15 वर्षों के बाद भारी बहुमत से सत्ता में वापसी कर रही है। राहुल गांधी ने तेलंगाना में 17 जनसभाएं करके कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन के उम्मीदवारों के लिए वोट मांगे, हालांकि यहां पार्टी को निराशा हाथ लगी। उन्होंने मिजोरम में 2 सभाएं कीं लेकिन यहां कांग्रेस अपनी सत्ता बचाने में नाकाम रही। कांग्रेस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘इस चुनाव का एक बड़ा संदेश यह है कि जनता राहुल गांधी को एक राष्ट्रीय नेता के तौर पर स्वीकार कर रही है। यह आने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस के लिए शुभ संकेत है।’’

आपको बता दें कि अगल-अलग राज्यों में मतदान कई चरणों में सम्पन्न हुआ था। छत्तीसगढ़ में 18 सीटों के लिए 12 नवंबर तथा 72 सीटों के लिए 20 नवंबर को मतदान हुआ था। मध्य प्रदेश में 230 सीटों के लिए तथा मिजोरम में 40 सीटों के लिए 28 नवंबर को मतदान हुआ था। राजस्थान में 199 सीटों तथा तेलंगाना में 119 सीटों के लिए सात दिसंबर को मतदान हुआ था। इन विधानसभाओं के लिए 8,500 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं। पांच राज्यों में कुल 678 सीटों पर मतदान हुआ था। राजस्थान की एक सीट पर एक उम्मीदवार की मौत के कारण चुनाव रद्द हो गया था।

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को 2019 में होने वाले आम चुनाव के लिहाज से सेमीफाइनल माना जा रहा है। कांग्रेस का यह कहना है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम से मिलने वाला जनादेश केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ ‘‘स्पष्ट संदेश’’ देगा। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस को बढ़त दिखाने वाले एग्जिट पोल के परिणामों को नकार दिया है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी चौथी बार सत्ता में आने का प्रयास कर रही है जबकि राजस्थान में उसके सामने सत्ता में काबिज रहने की चुनौती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here