पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन बोले- जीएसटी और नोटबंदी से देश को नुकसान हुआ

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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का मानना है कि नोटबंदी एक ख़राब विचार था। उनके मुताबिक भारत को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और नोटबंदी से नुकसान हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा कि जब दुनिया की अर्थव्यवस्था विकास कर रही थी तो जीएसटी और नोटबंदी से भारतीय अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ गई। बता दें कि, पिछले साल 8 नवंबर 2016 को मोदी सरकार ने 500 और 1000 के नोटों पर बैन लगा दिया था।

रघुराम राजन
फाइल फोटो: रघुराम राजन

एनडीटीवी के एग्जीक्यूटिव को. चेयरपर्सन प्रणय रॉय के साथ एक इंटरव्यू में पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने तीन सबसे बड़ी चुनौतियां हैं, किसानों की बदहाली, पावर सेक्टर और बैंकिंग सिस्टम में संकट। रघुराम राजन का ये भी कहना है कि नोटबंदी एक ख़राब विचार था। उनके मुताबिक भारत को जीएसटी और नोटबंदी से नुकसान हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि जब दुनिया की अर्थव्यवस्था विकास कर रही थी तो जीएसटी और नोटबंदी से भारतीय अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ गई। पूर्व आरबीआई गवर्नर के मुताबिक देश में बेरोज़गारी एक बहुत ही गंभीर समस्या है। उनके मुताबिक रोज़गार और अर्थव्यवस्था में महिलाओं की घटती भागीदारी भारत के लिए एक बड़ी चिंता की बात है।

रिज़र्व बैंक के काम में दखल के मुद्दे पर रघुराम राजन ने कहा कि अगर रिज़र्व बैंक सरकार को ना सिर्फ़ मुनाफ़े बल्कि सरप्लस का भी हिस्सा देने लगेगा तो रेटिंग्स में गिरावट आने की आशंका है। जीडीपी से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा पर उन्होंने कहा कि हमें भारतीय और विदेशी विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र संस्था की ज़रूरत है, जो जीडीपी मापने की प्रक्रिया की जांच करे।

बता दें कि इससे पहले रघुराम राजन ने कहा था कि नोटबंदी के सकारात्मक प्रभाव को समझने के लिए ‘हमें इंतजार करना होगा और फिर देखना होगा।’ साथ ही उन्होंने कहा कि, ‘मुझे लगता है कि यह डिजिटल भुगतान प्रणाली को कुछ प्रोत्साहन देता है, लेकिन यह अन्य (पहलुओं) की तुलना में अपेक्षाकृत छोटा है।’ मुझे संदेह है कि विकास दर में गिरावट का कारण इसका (नोटबंदी) प्रभाव है। इसका प्रभाव अनौपचारिक अर्थव्यवस्था पर भी था, जिसे तुरंत पकड़ा नहीं जा सका है, जैसा कि हम देख रहे हैं। व्यापार बंद हो रहे हैं, क्योंकि वे इससे उबर नहीं सके।

बता दें कि, नोटबंदी को लेकर जारी घमासान के बीच रघुराम राजन ने पद छोड़ने के करीब एक साल बाद पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी थी। गौरतलब है कि, नोटबंदी के कदम के समर्थन में सरकार ने कहा था कि इससे कालेधन, भ्रष्टाचार और नकली मुद्रा पर लगाम लगेगी।

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