रघुराम राजन आज रिज़र्व बैंक के गवर्नर का पद छोड़ देंगे, मोदी सरकार के लिए क्या थी उनकी आखरी नसीहत

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रिजर्व बैंक गवर्नर का पद छोड़ने से एक दिन पहले गवर्नर रघुराम राजन ने आज कहा कि सरकार के शीर्ष स्तर को ‘ना’ कहने की रिजर्व बैंक क्षमता को बचाये रखना चाहिये क्योंकि देश को एक मजबूत और स्वतंत्र केन्द्रीय बैंक की जरूरत है।

सेंट स्टीफन कॉलज में यहां ‘केन्द्रीय बैंक की स्वतंत्रता’ विषय पर भाषण देते हुये रिजर्व बैंक के निवर्तमान गवर्नर ने हालांकि, यह भी कहा कि केन्द्रीय बैंक सभी तरह की बाध्यताओं से मुक्त नहीं रह सकता क्योंकि उसे सरकार द्वारा बनाये गये एक ढांचे के तहत काम करना होता है।

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सरकार के साथ नीतिगत मतभेदों के संबंध में रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डी. सुब्बाराव की टिप्पणियों को याद करते हुये राजन ने कहा कि इस मामले में वह एक कदम और आगे जायेंगे। उनका मानना है कि रिजर्व बैंक ‘‘ना’’ कहने की अपनी क्षमता को छोड़ नहीं सकता है, उसका बचाव होना चाहिये।’’

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राजन ने कहा, ‘‘ऐसे परिवेश में जहां केन्द्रीय बैंक को समय समय पर केन्द्र और राज्य सरकारों के शीर्ष स्तर के खिलाफ मजबूती से डटे रहना पड़ता है, मैं अपने पूर्ववर्ती गवर्नर डा. सुब्बाराव के शब्दों को याद करता हूं जब उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि वित्त मंत्री एक दिन यह कहेंगे, मैं रिजर्व बैंक से अक्सर परेशान होता हूं, इतना परेशान कि मैं बाहर सैर पर जाना चाहता हूं, चाहे मुझे अकेले ही जाना पड़े। लेकिन भगवान का धन्यवाद है कि रिजर्व बैंक यहां है।’’

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राजन ने आगे कहा कि कामकाज के बारे में फैसले लेने की स्वतंत्रता रिजर्व बैंक के लिये महत्वपूर्ण है

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