शर्मनाक लेकिन सच, जब कुछ भारतियों को पीवी सिंधु की ऐतिहासिक जीत से ज़्यादा उनकी जाति के बारे में जानने की ज़्यादा चिंता थी

0

रियो ओलंपिक में भारत की तरफ से धमाल मचाने वाली बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने जहां सिल्वर जीत कर भारत को गौरांवित किया और भारत की तरफ से ओलंपिक में सिल्वर जीतने वाली पहली महिला बनी, वहीँ कुछ भारतीय ऐसे थे जिन्हें इस सितारे की कामयाबी से ज़्यादा उनकी जाति की चिंता थी।

Also Read:  भारतीय आध्यात्मिक गुरु के बर्थडे केक पर 72,585 मोमबत्तियां लगाने पर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

और गूगल इंडिया पर सबसे अधिक सर्च करने वाली खिलाड़ीयों में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली सिंधू के बारे में आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि गूगल पर सिंधू की कॉस्ट को सबसे अधिक सर्च किया गया है।

Also Read:  पैसे की कमी के कारण 60 किलोमीटर तक ठेले पर पत्नी के शव को लेकर भटकता रहा ये शख्स

CqPBb_gUkAAOK_s

वो भी भारत की ज़ातिगत मानसिकता का कही ना कही शिकार बन गई इसका ताज़ा उदाहरण देखने को मिला पीवी सिंधू के गूगल सर्च में।

वहीँ कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्हों ने सिंधु को ब्राह्मण समाज का नाम रोशन करने केलिए बधाई भी दी।

Also Read:  दिल्ली MCD चुनाव: BJP ने अपने संकल्‍प पत्र में लगाई वादों की झड़ी, 10 रुपये में देंगे भोजन की थाली

14102341_733688926733578_5397497402508679309_n

ये ताज़ा उदाहरण दर्शाता है कि इकीसवीं सदी के भारत में अब भी लोगों की मानसिकता ठीक पहले की तरह संकीर्ण है और शिक्षा दर में वृद्धि के बावजूद जाति के प्रति लोगों के विचार अब भी दक्यानुसी हैं।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here