सिंधु बॉर्डर के मंच से लुधियाना के मौलवी की दहाड़ ने गोदी मीडिया की नींद उड़ा दी, वीडियो हुआ वायरल

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मोदी सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली से लगी सीमाओं पर जारी किसानों का प्रदर्शन आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। इस बीच, सिंधु बॉर्डर के मंच से पंजाब के लुधियाना के एक मुस्लिम धर्मगुरु का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वह गोदी मीडिया को जमकर लताड़ लगाते हुए नज़र आ रहे हैं। ग़ालिब और उर्दू शायरी के संदर्भ में पंजाब में अनाम मौलवी के इस भाषण को यूजर्स खूब शेयर कर रहे हैं।

सिंधु बॉर्डर

मौलवी ने भारतीय मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा, “इतिहास याद करेगा जब भारत के किसान अपने स्वाभिमान के लिए लड़ रहे थे, तब गोदी मीडिया सरकार के तलबे चाटने में व्यस्त था।” मौलवी ने समाचार चैनल आजतक, रजत शर्मा के इंडिया टीवी, ज़ी न्यूज़ और मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाले न्यूज़ 18 को यह बताने के लिए चेतावनी दी कि जब इतिहास लिखा जाएगा तो किसानों की शहादत को याद किया जाएगा न कि चमचे को याद किया जाएंगा।

लुधियाना के मौलवी ने अपने भाषण के दौरान किसान नेता राकेश टिकैत की जमकर तारीफ की। उन्होंने किसान नेता राकेश टिकैत और हरियाणा के लोगों को भारत के लोगों को एकजुट करने के लिए भी धन्यवाद दिया। उन्होने कहा, “कृषि कानूनों का जो भी हो, लेकिन एक बात स्पष्ट है। इन कानूनों ने हम सभी को भाइयों की तरह एक साथ ला दिया है।”

मौलवी ने किसान नेता राकेश टिकैत को किसानों के आंदोलन को एक नया जीवन देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि, यह टिकैत के आंसू थे जिसने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब भर में लोगों को यहां पर भेज दिया था, जिससे लोगों को पुलिस की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के बीच भी विरोध करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

लुधियाना के मौलवी ने कहा कि, अगर यह सरकार कानून नहीं बदलेगी तो देश की जनता इस सरकार को बदलकर कानून में बदलाव कराएंगी।

गौरतलब है कि, पंजाब, हरियाणा और देश के कुछ अन्य हिस्सों से आए हजारों किसान कड़ाके की ठंड के बावजूद दो महीने से अधिक समय से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त किया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी दी जाए।

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