मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ टिप्पणी को लेकर पंजाब के मंत्री ने सिद्धू का मांगा इस्तीफा

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कांग्रेस नेता और पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार (30 नवंबर) को दावा किया पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें पाकिस्तान जाने के लिए कहा था। अपने पाकिस्तान दौरे को लेकर बढ़ते विवाद के बीच सिद्धू ने को कहा कि करतारपुर साहिब गलियारा के शिलान्यास समारोह में शामिल होने के लिए उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वहां भेजा था।

File Photo: PTI

हालांकि, सिद्धू ने हैदराबाद में की अपनी उस टिप्पणी को वापस ले लिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने (सिद्धु ने) कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के कहने पर करतारपुर गलियारे के आधारशिला समारोह में हिस्सा लिया था। सिद्घू ने ट्वीट किया, ‘‘राहुल गांधी ने मुझे जाने को नहीं कहा था, मैं इमरान खान के निजी आमंत्रण पर वहां गया था।’’

दरअसल, शुक्रवार को सिद्धू ने कहा था कि गांधी उनके ‘‘कैप्टन’’ हैं। इसे पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर एक तंज की तौर पर देखा जा रहा था। जब यह पूछा गया कि उन्होंने पाकिस्तान जाने के लेकर अपने कैप्टन की सलाह अनसुनी क्यों की, तब सिद्धू ने कहा, “आप किस कैप्टन की बात कर रहे हैं। ओह… कैप्टन अमरिंदर सिंह। वे आर्मी कैप्टन हैं। मेरे कैप्टन राहुल गांधी हैं। कैप्टन के कैप्टन भी राहुल गांधी हैं।”

हैदराबाद में तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमिटी की बैठक के दौरान कांग्रेस नेता ने कहा, ‘मुझे राहुल गांधी ने पाकिस्तान जाने को कहा था। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुझे रोका था, लेकिन मेरे कैप्टन तो राहुल गांधी हैं। कैप्टन (अमरिंदर सिंह) के भी कैप्टन राहुल गांधी ही हैं। पाकिस्तान से लौटकर आने पर शशि थरूर, हरीश रावत, रणदीप सुरजेवाला जैसे शीर्ष नेताओं ने मेरी पीठ भी थपथपाई थी।’

पंजाब के मंत्री ने मांगा इस्तीफा

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ टिप्पणी को लेकर पंजाब के वरिष्ठ मंत्री ने शनिवार को नवजोत सिंह सिद्धू के मंत्रिमंडल से इस्तीफे की मांग की। टिप्पणी के एक दिन बाद मंत्री ने यह मांग की है। पंजाब मंत्रिमंडल के मंत्री त्रिप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा, ‘‘अगर वह कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना कैप्टन नहीं समझते तो उन्हें नैतिक आधार पर मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे देना चाहिए और वह राहुल गांधी द्वारा दिए कार्य करें।’’

आपको बता दें कि सिद्धू के दौरे से पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह चिढ़े हुए हैं, उन्होंने कहा था कि अपने मंत्रिमंडल के सदस्य सिद्धू को उन्होंने अमृतसर में एक धार्मिक कार्यक्रम पर ग्रेनेड हमले में तीन लोगों के मारे जाने के बाद पाकिस्तान जाने से रोकने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने इसे अनसुना कर दिया। सिंह ने इस हमले के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को जिम्मेदार बताया था।

इमरान खान ने की सिद्धू की तारीफ

आपको बता दें कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने दोनों देशों के बीच शांति के लिए सिद्धू के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वह पाकिस्तान में इतना लोकप्रिय हो चुके हैं कि अगर वह यहां चुनाव लड़ते हैं तो वह जीत जाएंगे।वहीं, सिद्धू ने कहा कि काफी खून-खराबा हो चुका है और गलियारा क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए एक बड़ा अवसर होगा।

इस कार्यक्रम में पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और भारत के केंद्रीय मंत्रियों हरसिमरत कौर बादल तथा हरदीप सिंह पुरी और क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू भी शामिल हुए। यह बहुप्रतीक्षित गलियारा पाकिस्तान के करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा को जोड़ेगा।

इस गलियारे से भारतीय सिख श्रद्धालु गुरुद्वारा दरबार साहिब तक वीजा रहित यात्रा कर सकेंगे। माना जाता है कि करतारपुर में ही सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी ने अंतिम सांस ली थी। करतारपुर साहिब पाकिस्तान में रावी नदी के पार स्थित है और डेरा बाबा नानक से करीब चार किलोमीटर दूर है। सिख गुरु ने 1522 में इस गुरुद्वारे की स्थापना की थी।

 

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