महाराष्ट्र: जब भीड़ ने गौरक्षकों की कर दी पिटाई, सात घायल

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अभी हाल ही में मध्यप्रदेश से ख़बर आई थी कि कुछ कथित गौरक्षकों ने गौवंश का तस्कर समझकर चार युवकों की कथित रूप से सरेआम लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई कर दी थी। पिटाई के दौरान इन युवकों से उठक-बैठक भी लगाई गई। लेकिन अब ख़बर है कि, शनिवार(5 अगस्त) की शाम करीब 50 लोगों की भीड़ ने महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में श्रीगौंडा पुलिस स्टेशन के पास कुछ गौरक्षकों की कथित पिटाई करने का मामला सामने आया है।

photo- indian express

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक, यह हमला तब किया गया जब कुछ देर पहले ही इन गौरक्षकों ने पुलिस के साथ मिलकर गायों को वध के लिए कसाईखाने ले जाने के शक में एक टेंपो वाले को रोका था। ख़बर के मुताबिक, अहमदनगर पुलिस ने बताया कि हमले में सात गौरक्षक घायल हुए हैं, पुलिस ने हत्या की कोशिश का मामला दर्ज कर लिया है। टेंपो के मालिक वाहिद शेख और ड्राइवर राजू फितरूभाई शेख को महाराष्ट्र पशु संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।

ख़बरों के मुताबिक, ‘मानद पशु कल्याण अधिकारी’ होने का दावा करने वाले पुणे के शिवशंकर राजेंद्र स्वामी ने कहा कि हर शनिवार को कश्ती गांव में जानवरों का प्रसिद्ध बाजार लगता है, वो और 11 गौरक्षकों की एक टीम शनिवार सुबह श्रीगोंडा तालुका यह पता करने आए थे कि इस बाजार में गायों को अवैध रूप से तो नहीं लाया जाता।

24 साल के स्वामी पुणे में गायों की अवैध ढुलाई और वध को लेकर दर्ज किए गए करीब 300 मामलों में शिकायतकर्ता हैं। शिवशंकर राजेंद्र स्वामी ने बताया कि, “हमें जानकारी मिली थी कि एक टेंपो गायों की अवैध तस्करी करता है। हमने पुलिस को इसकी जानकारी दी।

पुलिस की सहायता से उस टेंपो को शाम करीब एक बजे होटल तिरंगा के पास रोक लिया गया। 10 बैल और 2 गायों को बचाया गया, इन्हें अवैध तरीके से हमलावाड़ा के कसाईखाने ले जाया जा रहा था। बाद में हम पुलिस शिकायत दर्ज कराने श्रीगोंडा पुलिस स्टेशन चले गए।

भूख लगी थी इसलिए बाहर खाना खाने आए थे, तभी कुछ लोगों की भीड़ हथियार लेकर वहां आ गई। हम फिर से पुलिस थाने चले गए।” स्वामी के मुताबिक शाम को करीब 6 बजे 50 लोगों की भीड़ हथियार और पत्थर के साथ आई और उनपर हमला कर दिया।

आपको बता दें कि, गुरुवार(3 जुलाई) को बिहार के भोजपुर जिले में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक ट्रक पर भारी मात्रा में कथिततौर पर गोमांस बरामद किया था साथ ही उन्होंने गोमांस तस्करी में शामिल 3 लोगों को भी पकड़ा था। ट्रक में भारी मात्रा में कथिततौर पर गोमांस बरामद होने के बाद मौके पर मौजूद गुस्साए लोगों ने एनएच 84 पर सड़क को जाम कर दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था।

वहीं प्रदर्शन कर रहें लोगों का कहना था कि ट्रक में काफी भारी मात्रा में गोमांस तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। वहीं खबर मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच कर ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया था।

हिंसा की कुछ बड़ी वारदातें:

  • 22 जून को बल्लभगढ़ में ट्रेन से सफर कर रहे जुनैद नामक युवक की कथित तौर पर बीफ को लेकर हुए विवाद में हत्या कर दी गई। जबकि उसके दो भाइयों को घायल कर दिया।
  • 30 अप्रैल को असम के नागौन जिले के पास गाय चोरी के आरोप में दो मुस्लिमों की हत्या कर दी।
  • 1 अप्रैल को राजस्थान के अलवर में 50 वर्षीय पहलू खान की गोतस्करी के आरोप में स्वयंभू गोरक्षकों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
  • 29 जून को प्रतिबंधित मांस ले जाने के आरोप में झारखंड में एक युवक को बेकाबू भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला।भीड़ ने सुबह साढ़े नौ बजे मनुआ-फुलसराय निवासी अलीमुद्दीन अंसारी को इतना पीटा कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
  • 26 जुलाई 2016 को मंदसौर स्टेशन पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने बीफ ले जाने के शक में दो मुस्लिम महिलाओं की बर्बर तरीके से पिटाई की थी।

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