प्रधानमंत्री के नाम पर VVIP सुविधा लेने वाला हाईप्रोफाइल कथक डांसर पुलकित महाराज गिरफ्तार, खुद को बताता था PM मोदी का आध्यात्मिक गुरु

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दिल्ली पुलिस की अपराधा शाखा (क्राइम ब्रांच) ने मशहूर कथक डांसर पुलकित महाराज उर्फ पुलकित मिश्रा को धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलकित खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आध्यत्मिक गुरु बताकर अलग-अलग राज्यों में वीवीआईपी सुविधाएं लेता था और साथ ही अधिकारियों से रहने से लेकर खाने तक की व्यवस्था करवाता था। पुलकित मिश्रा की शिकायत खुद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने की थी।

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पुलकित महाराज पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह सहित अन्य बड़े नेताओं के साथ अपनी तस्वीर दिखाकर बड़े-बड़े अधिकारियों सहित अन्य लोगों के बीच धौंस जमाता था। क्राइम ब्रांच ने आरोपी मिश्रा को गिरफ्तार करने के बाद दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने कोर्ट से आरोपी को पूछताछ के लिए पांच दिन के रिमांड पर लिया है।

PMO से मिली थी शिकायत

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि इसी साल अगस्त के महीने में प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से शिकायत मिली थी कि पुलकित महाराज नाम का एक शख्स खुद को प्रधानमंत्री मोदी का आध्यात्मिक गुरु बताकर अधिकारियों पर रौब जमाता है और अलग-अलग राज्यों में वीवीआईपी प्रोटोकॉल के अलावा रहने से लेकर खाने तक की सुविधाएं हासिल करता है।

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पीएमओ की तरफ से भेजी गई शिकायत के बाद अपराध शाखा ने गुरुवार को उसे साहिबाबाद से गिरफ्तार किया। इस फर्जीवाड़े में उसकी बहन पारुल की भी भूमिका सामने आ रही है। पुलिस को जाच के दौरान पता चला है कि पारुल खुद को महाराज का सचिव बताती थी। कई फर्जी लेटर हेड व ईमेल पर उसने खुद को पुलकित की सचिव बताया हुआ है। हालांकि फिलहाल उनकी बहन को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

सीतापुर के डीएम को पत्र लिख मांगी सुविधाएं 

पुलकित ने पिछले दिनों कला और संस्कृति मंत्रालय के सचिव के नाम से सीतापुर के जिलाधिकारी को एक पत्र लिखा और खुद को मंत्रालय का डायरेक्टर बताते हुए सीतापुर दौरे के दौरान वीआईपी प्रोटोकॉल और सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कहा। 1 अप्रैल 2018 को पुलकित सीतापुर भी गया, जहां उसे पुलिस-प्रशासन ने वीवीआईपी प्रोटोकॉल और सुरक्षा भी मुहैया करवाई थी। इतना ही नहीं उन्हें वीआईपी की तरह मंदिर आदि के दर्शन भी कराए गए। वहां कुछ दिन ठहरने के बाद वह वापस लौट आए।

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लेकिन, बाद में डीएम ने जब पूरे मामले की जांच की तो पता चला कि संस्कृति मंत्रालय में इस नाम का कोई डायरेक्टर और सचिव है ही नहीं। फिर डीएम को शक हुआ तो उन्होंने इस बात की शिकायत फौरन मंत्रालय से की। जिसके बाद पीएमओ की तरफ से जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गईं। वहीं, जांच में पता चला कि सीतापुर के डीएम को भेजा गया मंत्रालय का लेटर हेड फर्जी है। क्राइम ब्रांच ने साहिबाबाद में कथक स्कूल चलाने वाले पुलकित महाराज को पूछताछ के लिए बुलाया। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

 

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