मुसीबत में घिरीं प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने दिया एक और विवादित बयान, कहा- ‘बाबरी मस्जिद गिराए जाने पर गर्व’, चुनाव आयोग ने फिर भेजा नोटिस

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मालेगांव बम धमाकों की आरोपी और मध्य प्रदेश के भोपाल संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की लोकसभा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा अयोध्या में बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराए जाने के बयान पर चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है। प्रज्ञा ठाकुर को जवाब देने के लिए एक दिन का समय दिया गया है। इससे पहले भी प्रज्ञा को मुंबई के एटीएस प्रमुख रहे शहीद हेमंत करकरे पर दिए एक विवादित बयान एक नोटिस जारी किया जा चुका है। बता दें कि बीजेपी का दामन थामने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने एक और विवादित बयान दिया है। उनका कहना है कि बाबरी मस्जिद गिराए जाने पर उन्हें गर्व है।

Sadhvi Pragya

साध्वी प्रज्ञा ने शनिवार को भोपाल में कैंपेन के दौरान एक समाचार चैनल से कहा, “बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराने का अफसोस नहीं है, ढांचा गिराने पर तो हम गर्व करते हैं। हमारे प्रभु रामजी के मंदिर पर अपशिष्ट पदार्थ थे, उनको हमने हटा दिया।” ठाकुर ने आगे कहा, “हम गर्व करते हैं, इस पर हमारा स्वाभिमान जागा है, प्रभु राम जी का भव्य मंदिर भी बनाएंगे। ढांचा तोड़कर हिंदुओं के स्वाभिमान को जागृत किया है। वहां भव्य मंदिर बनाकर भगवान की आराधना करेंगे, आनंद पाएंगे।”

यह पूछे जाने पर कि क्या वह राम मंदिर बनाने के लिए समयसीमा बता सकती हैं, तो प्रज्ञा ने कहा, ‘हम मंदिर का निर्माण करेंगे। आखिरकार, हम ढांचा (बाबरी मस्जिद) को ध्वस्त करने के लिए भी तो गए थे।’ साध्वी प्रज्ञा ने बाबरी मस्जिद में अपनी अहम भूमिका पर भी प्रकाश डालते हुए कहा, ‘मैंने ढांचे पर चढ़कर तोड़ा था। मुझे गर्व है कि ईश्वर ने मुझे अवसर दिया और शक्ति दी और मैंने यह काम कर दिया। अब वहीं राम मंदिर बनाएंगे।’

चुनाव आयोग ने जारी किया नोटिस

समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, जिला निर्वाचन अधिकारी सुदाम खाड़े की ओर से प्रज्ञा ठाकुर को नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस में एक टीवी चैनल को प्रज्ञा द्वारा दिए वक्तव्य का जिक्र किया गया है। प्रज्ञा ने बयान में कहा, “राम मंदिर हम बनाएंगे एवं भव्य बनाएंगे, हम तोड़ने गए थे ढांचा, मैने चढ़कर तोड़ा था ढांचा, इस पर मुझे भयंकर गर्व है, मुझे ईश्वर ने शक्ति दी थी, हमने देश का कलंक मिटाया है।”

प्रज्ञा के इस बयान को चुनाव आयोग ने निर्धारित आचार संहिता के तहत जारी किए गए दिशा निर्देशों का उल्लंघन होता प्रतीत पाया है। लिहाजा इस पर कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक दिन के भीतर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण न दिए जाने पर एक पक्षीय कार्यवाही की बात कही गई है। प्रज्ञा ठाकुर ने शनिवार रात से रविवार की सुबह तक कई समाचार चैनलों को बयान दिया, जिसमें उन्होंने बाबरी मस्जिद को गिराए जाने को लेकर अपनी बात कही और ढांचे को गिराए जाने पर गर्व जाहिर किया।

ठाकुर ने एक अन्य चैनल से रविवार को कहा, “बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराने का अफसोस नहीं है, ढांचा गिराने पर तो हम गर्व करते हैं। हमारे प्रभु रामजी के मंदिर पर अपषिष्ट पदार्थ थे, उनको हमने हटा दिया।” प्रज्ञा ठाकुर ने आगे कहा, “हम गर्व करते हैं, इस पर हमारा स्वाभिमान जागा है, प्रभु राम जी का भव्य मंदिर भी बनाएंगे। ढांचा तोड़कर हिंदुओं के स्वाभिमान को जागृत किया है। वहां भव्य मंदिर बनाकर भगवान की आराधना करेंगे, आनंद पाएंगे।”

हेमंत करकरे पर दिया था विवादित बयान

बता दें कि बीजेपी ने प्रज्ञा ठाकुर को भोपाल से उम्मीदवार बनाया है। प्रज्ञा ने इससे पहले मुंबई के एटीएस प्रमुख रहे और 26/11 के मुंबई आतंकी हमले में आतंकवादियों की गोली से शहीद हुए हेमंत करकरे पर विवादित बयान दिया था। मामले के तूल पकड़ने पर उन्होंने बयान वापस लेते हुए माफी भी मांग ली थी। इस पर भी चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया था। इस तरह प्रज्ञा ठाकुर को चुनाव आयोग द्वारा जारी यह दूसरा नोटिस है। बीजेपी में शामिल होने के बाद से ही प्रज्ञा अपने बयानों की वजह से पार्टी को मुश्किल में खड़ा कर रही हैं।

गौरतलब है कि प्रज्ञा ठाकुर ने मुंबई हमलों के दौरान शहीद हुए पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे के खिलाफ विवादित बयान देते हुए कहा था कि मालेगांव बम धमाके के मामले में गिरफ्तारी के बाद करकरे ने उन्हें यातनाएं दी थीं और उनके शाप की ही वजह से आतंकवादियों ने उन्हें मार डाला। ज्ञात हो कि, बीजेपी ने प्रज्ञा ठाकुर को भोपाल से उम्मीदवार बनाया है। 29 सितंबर, 2008 को मालेगांव में हुए बम धमाकों के मामले में प्रज्ञा आरोपी हैं और तकरीबन 9 साल जेल में रही हैं। इस बहुचर्चित मामले में वह इन दिनों जमानत पर चल रही हैं।

 

 

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