VIDEO: दलितों पर दिए गए केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े के बयान पर अमित शाह की जनसभा में हंगामा

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कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 12 अप्रैल को मतदान किया जाएगा। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह चुनाव प्रचार के सिलसिले में इन दिनों कर्नाटक के दौरे पर हैं।

कर्नाटक दौरे पर गए अमित शाह ने शुक्रवार(30 मार्च) को मैसूर में एक जनसभा को संबोधित किया। इसके बाद स्‍थानीय राजेंद्र कलामंदिर में दलित नेताओं के साथ बातचीत की। दलित नेताओं से मुलाकात के दौरान अमति शाह की सभा में हंगामा मच गया। जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक के सिरसी से भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के सांसद व केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री अनंत कुमार हेगड़े द्वारा संविधान को लेकर दिए गए बयान के खिलाफ अचानक से कुछ लोग आक्रोशित हो गए और नारेबाजी करने लगे।

वीडियो में दिख रहा है कि, हंगामा बढ़ता देख मंच पर मौजूद बीजेपी के अन्‍य नेता नाराज लोगों को शांत करने में जुट गए। हालांकि, इस दौरान वहां कुछ समय के लिए अव्‍यवस्‍था का आलम हो गया था।

देखिए वीडियो :

बता दें कि, इससे पहले मंगलवार (27 मार्च) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह की जुबान फिसल गई थी और उन्होंने सिद्धारमैया सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते-लगाते अपनी ही पिछली येदियुरप्पा सरकार के लिए आलोचना के स्वर निकल गए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने कहा था कि, ‘अभी-अभी सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज ने कहा कि भ्रष्टाचार के लिए अगर स्पर्धा कर ली जाए तो येदियुरप्पा सरकार को भ्रष्टाचार में नंबर वन का अवॉर्ड देना पड़ेगा।’ दरअसल बीजेपी अध्यक्ष मौजूदा मुख्यमंत्री के. सिद्धारमैया की आलोचना कर रहे थे और उनकी जुबान से अपने ही नेता बीएस येदुरप्पा का नाम निकल गया।

इसके फौरन बाद अमित शाह के दाहिनी तरफ खुद बीएस येदियुरप्पा बैठे हुए थे। अमित शाह की जब जुबान फिसली तो उनकी बाईं तरफ बैठे एक नेता ने उनके कान में इस गलती के बारे में जानकारी दी। जिसके बाद शाह को भी इसका एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत अरे…कहते हुए कहा कि सिद्धारमैया सरकार को भ्रष्टाचार के लिए नंबर वन का अवॉर्ड देना पड़ेगा।

 

गौरतलब है कि, कुछ दिनों पहले अनंत कुमार हेगड़े ने कर्नाटक के कोप्‍पल जिले के यलबुर्गा में ब्राह्मण युवा परिषद और महिलाओं के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कथित तौर पर कहा था कि, ‘जो लोग धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील होने का दावा करते हैं, उन्‍हें अपने मां-बाप और उनके खून के बारे में जानकारी ही नहीं होती है।

मुझे बहुत खुशी होगी यदि कोई व्‍यक्ति खुद की पहचान मुस्लिम, ईसाई, ब्राह्मण, लिंगायत या हिंदू के तौर पर करता है। इस तरह की पहचान से आत्‍मसम्‍मान हासिल होता है। समस्‍या तब उत्‍पन्‍न होती है जब कोई खुद को धर्मनिरपेक्ष कहता है।’

साथ ही कहा कि इस सोच के साथ संविधान में बदलाव भी किया जा सकता है और इसीलिए हम लोग यहां हैं। बता दें कि, उनके इस बयान पर खूब हंगामा हुआ था जिसके बाद उन्होंने माफी मांग ली थी।

बता दें कि, उसके बाद 20 जनवरी जब केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री अनंत कुमार हेगड़े कर्नाटक के बेल्लारी में एक रोजगार मेले में जा रहे थे तभी कथित रूप से दलित समुदाय के कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया था और उनके खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। बताया जा रहा था कि, यह लोग संविधान पर की गई उनकी टिप्पणी से नाराज थे।

कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद अनंत हेगड़े ने लोगों से कहा था कि, ‘हम आपकी मदद करने के लिए दृढ़संकल्पित हैं, हम आपके साथ रहेंगे चाहे कुछ भी हो जाए, हम लोग अपने लोगों की रक्षा के लिए कुछ भी करेंगे, हम लोग विरोध प्रदर्शन करने वाले कुछ ‘गली के कुत्तों’ में फंसने वाले नहीं है।’

बता दें कि, केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगडे़ के इस बयान पर अभिनेता प्रकाश राज ने भी टिप्पणी कर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। प्रकाश राज ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि, बस बहुत हो गया, बार-बार लोगों को चोट पहुंचाने वाले मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने फिर से ऐसा किया है, वह दलितों को कुत्ता कहता है, जबकि वह उनके संविधान बदलने वाले विवादास्पद बयान पर प्रदर्शन कर रहे थे, बीजेपी के सुप्रीम नेता क्या अब आप लोग उसे इस्तीफा देने को कहोगे या फिर आप लोग उनके बयान का समर्थन करते हो।

 

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