JNU हिंसा के विरोध में देशभर में प्रदर्शन, मुंबई से कोलकाता और अलीगढ़ तक JNU के समर्थन में उतरे छात्र

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देश की राजधानी दिल्ली में स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस के जनसम्पर्क अधिकारी (पीआरओ) एमएस रंधावा ने छात्रों और शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की।

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जेएनयू परिसर में रविवार रात उस वक्त हिंसा भड़क गई थी जब लाठियों से लैस कुछ नकाबपोश लोगों ने छात्रों तथा शिक्षकों पर हमला कर दिया था और परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था जिसके बाद प्रशासन को पुलिस को बुलाना पड़ा था। इस हमले में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष सहित कम से कम 28 लोग घायल हुए हैं।

जेएनयू, जामिया और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने चार मांगों के साथ दिल्ली पुलिस के जनसम्पर्क अधिकारी को एक आवेदन सौंपा है। इसमें घायलों को चिकित्सीय मदद मुहैया कराना और हिंसा में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग शामिल है।

दिल्ली विविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजीब रे ने कहा, ‘पुलिस ने हमें आश्वासन दिया है कि वह मामले की जांच करेगी और हमारी मांगों पर गौर करेगी।’ छात्रों ने पुलिस के जेएनयू परिसर से जाने की मांग भी की है। इससे पहले पुलिस ने कहा था कि हिंसा के बाद अब जेएनयू में स्थिति शांतिपूर्ण है।

प्रत्यदर्शियों ने आरोप लगाया है कि हमलावर जेएनयू परिसर में तब घुसे जब जेएनयू शिक्षक संघ परिसर में हिंसा और छात्रों तथा प्रोफेसरों पर हमलों के मुद्दे पर बैठक कर रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वे तीन छात्रवासों में भी घुसे। कुछ टीवी चैनलों पर दिखाई जा रही फुटेज में पुरुषों का एक समूह हाथ में हॉकी और लोहे की छड़ें लिए एक इमारत के पास नजर आ रहा है।

वाम नियंत्रित जेएनयूएसयू और आरएसएस से संबद्ध एबीवीपी इस हिंसा के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इस बीच, मुम्बई में विभिन्न कॉलेजों के छात्र रविवार देर रात जेएनयू में हुई हिंसा के विरोध में ‘गेटवे ऑफ इंडिया’ पर एकत्र हुए। जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और कुणाल कामरा समूह का हिस्सा थे, जिन्होंने जेएनयू के छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए मोमबत्ती जलाईं।

मुंबई यूनिवर्सिटी की तरह ही कोलकता में भी छात्र दिल्ली में हो रही घटना के विरोध में सड़कों पर उतरे हैं। रात में ही छात्रों ने मार्च करते हुए जेएनयू की घटना की कड़ी निंदा करते हुए जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्रों को अपना समर्थन दिया है। जादवपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी जेएनयू में हुई घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया। यहां छात्रों के साथ अध्यापकों ने भी जेएनयूएसयू के साथ एकजुटता प्रदर्शित की।

अलीगढ़ के छात्रों ने जेएनयू के समर्थन में कैंडल लाइट प्रोटेस्ट निकाला। यहां के छात्रों ने बड़ी संख्या में एकजूट होकर जेएनयू के छात्रों के समर्थन में नेरेबाजी की। यही नहीं एएमयू के शिक्षकों ने भी जेएनयू की घटना की निंदा की है।

पुणे में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, हैदराबाद के छात्र रात में ही सड़क पर निकल आए और जेएनयू हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। इन्होंने हाथ में मशाल लेकर जेएनयू के समर्थन में मार्च निकाला।

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