भारत-चीन झड़प पर सरकार समर्थक ‘पत्रकारों’ और ‘न्यूज़’ चैनल को पोल कराना पड़ा मंहगा, पढ़िए कैसे करना पड़ा शर्मिंदगी का सामना

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भारत-चीन झड़प के बाद समाचार चैनल ‘इंडिया टीवी’ के एंकर सुशांत सिन्हा, एबीपी न्यूज़, दैनिक जागरण और वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक पोल सर्वे कराया। अपने इस पोल को लेकर वह सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए और लोगों ने उन्हें बुरी तरह ट्रोल करना शुरु कर दिया।

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गौरतलब है कि, भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच पूर्वी लद्दाख में हिंसक झड़प के दौरान भारतीय सेना के 20 जवानों के शहीद होने पर देशभर में गुस्सा है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी भी इस मामले को लेकर मोदी सरकार पर लगातार हमला बोल रहे हैं। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-चीन तनाव विषय पर शुक्रवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कहा था कि न कोई हमारे क्षेत्र में घुसा और न ही किसी ने हमारी चौकी पर कब्जा किया है। उनके इस बयान पर भी विपक्ष ने काफी सवाल उठाए, जिसके बाद इसपर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को सफाई देनी पड़ी।

सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान ‘कोई भी भारतीय सीमा में नहीं घुसा और न ही किसी भी पोस्ट पर कब्जा किया गया है’ उनके इस बयान को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने शनिवार (20 जून) को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सर्वदलीय बैठक में की गई टिप्पणियों की कुछ हलकों में ‘‘शरारतपूर्ण व्याख्या’’ की कोशिश की जा रही है।

इस बीच, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार (21 जून) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें नरेंद्र मोदी की बजाय ‘सरेंडर’ (आत्मसमर्पण कर देने वाला) मोदी कहा और उन पर चीन के आगे समर्पण कर उस भारतीय क्षेत्र देने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी के इस ट्वीट के बाद सरकार समर्थक कुछ ‘पत्रकारों’ और ‘न्यूज़’ चैनल ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक पोल सर्वे कराया। पोल कराने वालों में इंडिया टीवी के एंकर सुशांत सिन्हा, एबीपी न्यूज़, दैनिक जागरण और वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला शामिल थे।

इंडिया टीवी के एंकर सुशांत सिन्हा ने अपने ट्वीट में लिखा, “आपके लिए नरेंद्र मोदी क्या हैं?” उनके इस पोल पर 58.8 प्रतिशत लोगों ने ‘सरेंडर मोदी’ को चुना तो वहीं 42 प्रतिशत लोगों ने ‘धुरंधर मोदी’ को चुना।

वहीं, एबीपी न्यूज़ ने अपने ट्वीट में लिखा, “राहुल गांधी और विपक्ष के रवैये को आप ठीक मानते हैं?” एबीपी न्यूज़ के इस पोल पर ‘हां’ के पक्ष में 53 प्रतिशत और ‘ना’ के पक्ष में 46 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया है।

इसके अलावा दैनिक जागरण ने अपने ट्वीट में लिखा, “क्या चीन के साथ तनाव के मसले पर राहुल गांधी की बयानबाजी उचित है?” दैनिक जागरण के इस पोल पर ‘हां’ पर 69.3 प्रतिशत और ‘ना’ के पक्ष में 28.9 प्रतिशत है। 1.8 प्रतिशत लोगों को इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं है।

वहीं वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला ने अपने ट्वीट में कहा, “क्या हमें पीएम मोदी के बयान पर पूरी तरह भरोसा करना चाहिए?” उनके इस पोल पर ‘हां’ पर 39 प्रतिशत है और ‘ना’ के पक्ष में 58 प्रतिशत है। पता नहीं पर 4 प्रतिशत है।

भाजपा और सरकार समर्थक उपरोक्त पत्रकारों और न्यूज़ चैनलों को इन तमाम पोल के बाद शर्मींदगी का सामना करना पड़ा, क्योंकि उनको उम्मीद थी कि उनके पोल पर मोदी सरकार को ट्विटर यूजर्स का भारी समर्थन मिलेगा लेकिन उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। सरकार समर्थन पत्रकारों द्वारा कराया गया सभी पोल में उन्हें निराशा हाथ लगी। बता दें कि लद्दाख मुद्दे पर मोदी सरकार को विपक्ष के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी काफी आचोलनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि, पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात को चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए। नाथुला में 1967 में टकराव के बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच यह सबसे बड़ी झड़प है। उस समय भारत के लगभग 80 सैनिक शहीद हुए थे जबकि चीन की सेना के तीन सौ से अधिक सैनिक मारे गए थे।

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