पीएम मोदी के ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान पर प्रियंका गांधी ने ली चुटकी, कहा- ‘गरीब और किसान नहीं, अमीर रखते हैं चौकीदार’

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उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के आधार को मजबूत करने और लोकसभा चुनाव में अच्छे नतीजे की कोशिश में जुटीं पार्टी महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार (18 मार्च) को तीन दिनों की गंगा यात्रा शुरू करने से पहले प्रयागराज में लेटे हनुमान के दर्शन किए और विधिविधान से गंगा की आरती और पूजा की। इसके बाद क्रूज बोट से उनकी प्रयागराज से बनारस की तीन दिवसीय ‘गंगा-जमुनी तहजीब यात्रा’ आरंभ हुई।

इसी क्रम में प्रयागराज के सिरसा घाट में मोटरबोट से उतरकर उन्होंने घाट पर बड़ी संख्या में मौजूद लोगों से मुलाकात की। घाट के तट पर मौजूद शिव मंदिर में उन्होंने मत्था टेका। इसके बाद बाजार से गुजरते हुए वह शिवगंगा वाटिका गेस्ट हाउस पहुंचीं और यहां नुक्कड़ सभा को संबोधित किया। इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान पर चुटकी लेते हुए कहा कि गरीब नहीं, अमीर लोग ही चौकीदार रखते हैं।

उन्होंने कहा कि यह उन (मोदी) की मर्जी है कि अपने नाम के आगे क्या लगाएं, लेकिन उनसे जो लोग मिलते हैं, वे कहते हैं कि ‘चौकीदार तो अमीरों के होते हैं, हम गरीबी-किसान तो खुद अपने चौकीदार होते हैं।’ प्रियंका ने कहा, “मोदी सरकार में आम लोगों की आवाज दबाई जा रही है। सरकार सिर्फ गिने चुने लोगों के लिए ही काम कर रही है।”

प्रियंका ने जनसमूह से कहा, “इस समय देश संकट में है। देश चार-पांच लोगों के हाथ में गिरवी है। इस चुनाव में आप अपने और अपने बच्चों के भविष्य के लिए वोट कीजिए। कांग्रेस की सरकार को याद कीजिए। उस समय देश के माहौल और सामाजिक समरसता की तुलना आज से कीजिए। झूठे वादे करनेवालों को सबक सिखाइए और राहुल गांधी के हाथ को मजबूत कीजिए।”

कांग्रेस महासचिव ने कहा, “यह समय घर में बैठने का नहीं है। आप लोग घरों से निकलकर बाहर आएं। मैं भी घर में बैठी थी, मुझे भी मजबूरन बाहर निकलना पड़ा। हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों को खत्म किया जा रहा है। देश का संविधान खतरे में है। आपलोगों को खुद के लिए ही नहीं, देश को बचाने के लिए काम करना है।” सिरसा में प्रियंका गांधी का जोरदार स्वागत किया गया। कांग्रेस की पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी ने सिरसा में एक किलोमीटर तक पैदल चलीं।

उनके साथ चलने के लिए जन सैलाब उमड़ा। इस दौरान प्रियंका हर घर के दरवाजे पर पहुंचीं और लोगों से मिलीं। इसके पहले दर्शन और पूजा के बाद प्रियंका गांधा का काफिला प्रयागराज से करीब 20 किमी दूर मनैया घाट पहुंचा जहां उन्होंने स्थानीय लोगों का अभिवादन किया और अपनी इस यात्रा के लिए क्रूज बोट पर सवार हो गईं। संगम तट पर स्थित लेटे हुए हनुमान जी के दर्शन करने के बाद प्रियंका गांधी ने मां गंगा की विधिपूर्वक पूजा की।

इसके बाद वह बोट पर पहुंची और छात्रों के एक दल के साथ संवाद किया। क्रूज बोट पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुछ छात्र-छात्राएं और कांग्रेस के कुछ नेता मौजूद थे। वाड्रा ने इस यात्रा को ‘गंगा-जमुनी तहजीब यात्रा’ का नाम दिया है। इसका समापन 19 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में होगा। कांग्रेस के मुताबिक, प्रियंका अपनी दो दिवसीय यात्रा में करीब 140 किलोमीटर का सफर तय करेंगी और इस दौरान विभिन्न स्थानों पर वह कार्यकर्ताओं और समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों से मुलाकात करेंगी।

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