गुजराती मूल की ब्रिटिश मंत्री और कट्टर मोदी समर्थक प्रीति पटेल को गुप्त रूप से इसरायली नेताओं के साथ मुलाक़ात पड़ी महंगी, देना पड़ा इस्तीफा

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ब्रिटेन की राजनीति में बुधवार को एक बड़े संकट ने घेर लिया जब गुजराती मूल की शक्तिशाली महिला मंत्री प्रीती पटेल को गुप्त रूप से इसरायली नेताओं के साथ मुलाक़ात करने के लिए इस्तीफा देना पड़ा।

प्रीति पटेल

दरअसल कुछ दिनों पहले BBC ने अपनी एक खबर में कहा था कि पटेल ने अगस्त महीने में इजराइल में छुट्टियां गुज़ारने के दौरान कई महत्वपूर्ण नेताओं रूप से मुलाक़ातें की थी। पटेल थेरेसा की सरकार में अंतररास्ट्रीय विकास मंत्री थीं।

उनपर आरोप था कि उन्होंने अपनी मुलाक़ातों के बारे में न ही विदेश मंत्रालय और न ही प्रधानमंत्री को कुछ बताया था। हालांकि पटेल ने अपने बचाव में कहा था कि विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन को उनकी मुलाक़ातों के बारे में पता था।

बुधवार को प्रधानमंत्री ने पटेल से तुंरत अपना अफ़्रीकी दौरा रद्द कर के वापस ब्रिटैन आने का निर्देश दिया। इस आदेश के बाद ये तय था की पटेल को अब अपने पद से इस्तीफा देना पड़ेगा।

अपने इस्तीफे में पटेल ने अपनी ग़लती को स्वीकार करते हुआ माना कि निजी दौरे पर सरकार को अँधेरे में रखकर उन्होंने इसरायली नेताओं की साथ जो मुलाक़ातें कीं वो मंत्रिपद की मर्यादा का उल्लंघन था। प्रधानमंत्री मे ने उनके इस्तीफे पर टिपण्णी करते हुए कहा कि ये एक सही फैसला है।

पटेल ब्रिटेन की कन्सेर्वटिव पार्टी की कदावर नेता थीं और उन्हे भविष्य में प्रधानमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। पटेल दक्षिणपंथी विचारधारा के लिए भी प्रसिद्द हैं और समलैंगिक विवाह के खिलाफ आवाज़ उठा चुकी हैं। इजराइल की मित्र होने के साथ वो भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी समर्थक रही हैं।

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