प्रधानमंत्री कार्यालय ने पीएम केयर्स फंड की जानकारी देने से किया इंकार, RTI के जवाब में कहा- यह “पब्लिक अथॉरिटी” नहीं है

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भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने आरटीआई एक्ट के तहत मांगी गई पीएम केयर्स फंड (PM CARES Fund) की जानकारी देने से इंकार कर दिया है। आरटीआई के जवाब के अनुसार, पीएमओ ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 2 (एच) के तहत पीएम केयर्स फंड ‘सार्वजनिक प्राधिकरण’ (Public Authority) नहीं है।

प्रधानमंत्री

कानूनी मामलों की समाचार वेबसाइट ‘लाइव लॉ’ के अनुसार, 1 अप्रैल को बेंगुलुरु स्थित अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में एलएलएम की छात्रा हर्षा कंदुकुरी ने आरटीआईए के जरिए प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपात स्थिति राहत कोष पीएम केअर्स फंड के ट्रस्ट डीड और इसके गठन और संचालन से संबंधित सभी सरकारी आदेशों, अधिसूचनाओं और परिपत्रों की प्रतियां मांगी थीं।

आरटीआई के जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय के लोकसूचना अधिकारी ने 29 मई को कहा, “आरटीआई अधिनियम-2005 की धारा 2 (एच) के दायरे में पीएम केअर्स फंड एक ‘सार्वजनिक प्राधिकरण’ नहीं है। हालांकि, पीएम केयर्स फंड के संबंध में प्रासंगिक जानकारी वेबसाइट pmcares.gov.in पर देखी जा सकती है।”

जबकि ट्रस्ट डीड की प्रतियां और पीएम केअर्स फंड से संबंधित सरकारी आदेश/अधिसूचनाएं निधि की आधिकारिक वेबसाइट पर नहीं देखने को मिलती हैं।

आरटीआई अधिनियम की धारा 2 (एच) के अनुसार, “पब्लिक अथॉरिटी” का अर्थ है किसी भी प्राधिकरण या निकाय या स्व-सरकार की संस्था स्थापित या गठित करना-
(ए) संविधान द्वारा या उसके तहत
(ख) संसद द्वारा बनाए गए किसी अन्य कानून द्वारा
(ग) राज्य विधानमंडल द्वारा बनाए गए किसी अन्य कानून द्वारा
(डी) उपयुक्त सरकार द्वारा जारी अधिसूचना या आदेश द्वारा

‘सार्वजनिक प्राधिकरण’ की परिभाषा में सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा स्वामित्व, नियंत्रित या पर्याप्त रूप से वित्तपोषित निकाय और उपयुक्त सरकार द्वारा प्रदान किए गए धन द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से वित्तपोषित शामिल हैं।

लाइव लॉ से बात करते हुए, हर्षा ने कहा कि वह पीएमओ के इस फैसले के खिलाफ वैधानिक अपील दायर करेंगी। उन्होंने कहा, ‘पीएम केयर्स फंड को ‘सार्वजनिक प्राधिकरण’ का दर्जा देने से इनकार करते हुए, यह अनुमान लगाना उचित है कि यह सरकार द्वारा नियंत्रित नहीं है। यदि ऐसा है तो इसे कौन नियंत्रित कर रहा है? ट्रस्ट का नाम, रचना, नियंत्रण, प्रतीक का उपयोग, सरकारी डोमेन नाम सब कुछ दर्शाता है कि यह एक सार्वजनिक प्राधिकरण है।’

बता दें कि, कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच प्रधानमंत्री के निर्देश पर पीएम केयर्स फंड बनाया गया था। पीएम मोदी के आह्वान पर देश का खास से लेकर आम लोगों तक ने जमकर दान दिए। इस ट्रस्ट का 27 मार्च को गठन किया गया था।

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