देश के नए राष्ट्रपति के लिए मतदान शुरू, रामनाथ कोविंद और मीरा कुमार के बीच मुकाबला

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देश के अगले राष्ट्रपति के लिए आज(17 जुलाई) मतदान शुरू हो गया है। संसद भवन और राज्य की विधानसभाओं में मतदान सुबह 10 बजे से शुरू हुआ, जो शाम पांच बजे तक चलेगा। इस चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और यूपीए की उम्मीदवार मीरा कुमार के बीच मुकाबला है। वोटों की गिनती 20 जुलाई को होगी। इसी दिन नतीजों का भी ऐलान होगा। कोविंद की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

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राष्ट्रपति चुनाव में कुल पड़ने वाले वोटों की संख्या 10,98,903 है। एनडीए प्रत्याशी कोविंद को 63 प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है। बीजेपी से जुड़े कोविंद के पास पार्टी के सभी सहयोगियों और कई क्षेत्रीय पार्टियों का समर्थन है। वहीं कांग्रेस और कुछ बड़ी विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी के खिलाफ विचारधारा की इस लड़ाई में मीरा को मैदान में उतारा है। दोनों ही प्रत्याशी दलित समुदाय से आते हैं।

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नए राष्ट्रपति 25 जुलाई को पदभार संभाल लेंगे। इन चुनावों में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों के साथ ही राज्य विधानसभाओं के सदस्य भी मतदाता होते हैं। जहां एक सांसद के वोट की कीमत 708 होती है, तो वहीं विधायकों के वोट की कीमत अलग-अलग राज्य के आधार पर बंटी होती है। यह निर्धारण उस राज्य विशेष की जनसंख्या के आधार पर होता है।

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मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इस साल 24 जुलाई को पूरा हो रहा है। अब तक मुखर्जी समेत 13 लोग इस पद पर रह चुके हैं। इन चुनावों में कुल 4896 मतदाता, जिनमें 4120 विधायक और 776 सांसद शामिल हैं, अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिये पात्र हैं। राज्यों की विधान परिषद के सदस्य इस चुनाव में हिस्सा नहीं लेते।

लोकसभा अध्यक्ष जहां इस चुनाव में मत डाल सकता है, वहीं एंग्लो-इंडियन समुदाय से लोकसभा में नामित होने वाले दो सदस्यों को मतदान का अधिकार नहीं होता है। राज्यसभा के भी 12 नामित सदस्य इन चुनावों में मतदान के अयोग्य होते हैं।

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गोपनीय मतपत्र के जरिए होनो वाली वोटिंग में एनडीए के पास शिवसेना को मिलाकर कुल 5,37,683 वोट हैं और उसे करीब 12000 और मतों की जरूरत है। बीजू जनता दल, तेलंगाना राष्ट्र समिति और वाईएसआर कांग्रेस से समर्थन के वादे और अन्नाद्रमुक के एक धड़े से समर्थन की संभावना, एनडीए के लिए राष्ट्रपति चुनावों में वोटों की कमी के अंतर को पूरा कर सकती है।

 

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