नाथुराम गोडसे को ‘देशभक्त’ बताने पर प्रज्ञा ठाकुर ने लोकसभा में दूसरी बार मांगी माफी

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मध्य प्रदेश के भोपाल संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने लोकसभा में बुधवार को अपनी विवादास्पद टिप्पणी पर विपक्षी दलों के बिना शर्त माफी मांगने पर जोर देने के बाद शुक्रवार को सदन में दोबारा बयान दिया और कहा कि उन्होंने नाथूराम गोडसे को देशभक्त नहीं कहा था लेकिन फिर भी किसी को ठेस पहुंचती हो तो वह क्षमा चाहती हैं।

प्रज्ञा ठाकुर

भोपाल से लोकसभा सदस्य प्रज्ञा सिंह ठाकुर की बुधवार को लोकसभा में की गई टिप्पणी को लेकर उनसे माफी मांगने की मांग करते हुए विपक्षी सदस्यों ने शुक्रवार को सदन में भारी हंगामा किया। इससे पहले प्रज्ञा ने शून्यकाल के दौरान इस विषय पर सदन में माफी मांगी थी और साथ ही कहा कि उनके बयान को ‘तोड़-मरोड़कर पेश किया गया’। हालांकि प्रज्ञा के माफी वाले बयान पर विपक्षी दल संतुष्ट नहीं हुए तथा बिना शर्त माफी की मांग पर अड़े रहे।

लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने इस विषय का समाधान निकालने के लिए भोजनावकाश में सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई थी। भोजनावकाश के बाद बैठक शुरू होने पर भाजपा सदस्य प्रज्ञा ने दोबारा बयान दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 27 नवंबर को एसपीजी विधेयक पर चर्चा के दौरान नाथूराम गोडसे को देशभक्त नहीं कहा, नाम ही नहीं लिया, फिर भी किसी को ठेस पहुंचती हो तो मैं क्षमा चाहती हूं।’’ इसके बाद सदन की बैठक सुचारू रूप से आगे बढ़ी और शून्यकाल को लिया गया।

गौरतलब है कि, भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बुधवार को संसद में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथुराम गोडसे को देशभक्त बताते हुए नया विवाद खड़ कर दिया था। प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर देश भर में सियासी तूफान मचा हुआ है। विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विपक्ष की मांग है कि प्रज्ञा ठाकुर की सदस्यता रद्द हो।

प्रज्ञा के बयान को तूल पकड़ता देख भाजपा ने इससे किनारा करते हुए कहा कि पार्टी उनके बयान की कड़ी निंदा करती है। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ठाकुर के बयान को निंदनीय बताते हुए उन्हें संसदीय समिति से हटाने की जानकारी दी।

प्रज्ञा ठाकुर ने अपने बयान पर उपजे विवाद पर गुरुवार को सफाई भी दी थी। प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि ‘उन्होंने ऊधम सिंह जी का अपमान नहीं सहा, बस।’ प्रज्ञा ने गुरुवार को ट्वीट कर लिखा, “कभी-कभी झूठ का बवंडर इतना गहरा होता है कि दिन में भी रात लगने लगती है। किंतु सूर्य अपना प्रकाश नहीं खोता, पलभर के बवंडर में लोग भ्रमित न हों, सूर्य का प्रकाश स्थाई है। सत्य यही है कि कल मैंने ऊधम सिंह जी का अपमान नहीं सहा, बस।” (इंपुट: भाषा के साथ)

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