विवेक तिवारी हत्‍याकांड: ‘पुलिस अंकल! आप गाड़ी रोकेंगे तो पापा रुक जाएंगे…प्लीज गोली मत मारिएगा’, पोस्टर हुआ वायरल

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान वाहन नहीं रोकने के मामले में एक सिपाही द्वारा एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी (38) की गोली मारकर कथित रूप से हत्या के बाद देश भर में हंगामा मचा हुआ है। इस दर्दनाक घटना के बाद विरोध-प्रदर्शन के साथ ही राजनीति भी शुरू हो गई है। वहीं, दूसरी तरफ जनता में भी इस घटना का व्यापक असर देखने को मिल रहा है।

सोशल मीडिया पर लोग लगातार इस घटना को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ और यूपी पुलिस पर निशाना साध रहे हैं।  कुछ दुख बयां कर रहे हैं तो कुछ यूपी पुलिस की छवि पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस घटना के बाद अभ पुलिस से डर लग रहा है। इस कड़ी में अब बच्चों द्वारा एक अनोखा प्रदर्शन शुरू किया गया है, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।

सोशल मीडिया पर एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस पोस्टर पर लिखा है, “पुलिस अंकल! आप गाड़ी रोकेंगे तो पापा रुक जाएंगे, प्लीज… गोली मत मारियेगा”। बच्चों की ऐसी अपील वाले पोस्टर यूपी में तमाम लोगों ने अपनी कारों पर चिपका लिए हैं। लखनऊ में एप्पल कंपनी के मैनेजर विवेक तिवारी की कथित हत्या के बाद ये पोस्टर वायरल हो गए हैं। कई जगह तमाम लोग इन पोस्टरों को उठाए हुए अपने बच्चों की तस्वीर भी सोशल साइट्स पर पोस्ट कर रहे हैं।

सीएम योगी ने परिजनों से की मुलाकात

इस बीच विवेक तिवारी की मौत के मामले में उनकी पत्नी कल्पना तिवारी ने सोमवार (1 अक्टूबर) को अपनी बच्चियों के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। सीएम योगी से मुलाकात के बाद कल्पना ने कहा कि उन्हें पूरी मदद का भरोसा दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उन्हें इंसाफ मिलेगा। आपको बता दें कि यूपी सरकार ने कल्पना को नौकरी और आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है।

राज्य के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने इस दौरान कहा, ‘इस मामले में कठोरतम कार्रवाई हो रही है। दिवंगत विवेक तिवारी का परिवार खुद सीएम से मिलने आया। कल्पना को सरकारी नौकरी दी जाएगी। 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद विवेक के परिवार को दी जाएगी। साथ ही बच्चों के नाम 5-5 लाख रुपये की एफडी होगी।’

हालांकि मृतक विवेक तिवारी (जिनकी पुलिस कॉन्स्टेबल की गोली से मौत हो गई थी) की पत्नी कल्पना ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले की CBI जांच की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने 1 करोड़ रुपये मुआवजा और पुलिस विभाग में एक नौकरी की भी मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वीआईपी इलाके गोमती नगर क्षेत्र में शुक्रवार (28 सितंबर) रात जांच के दौरान कथित तौर पर गाड़ी नहीं रोकने वाले 38 वर्षीय एक व्यक्ति को गश्त कर रहे पुलिस कांस्टेबल ने गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान विवेक तिवारी के रूप में की गई है। वह अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनी एप्पल में काम करता था। मृतक विवेक एप्पल कंपनी का एरिया मैनेजर था।

पुलिस ने बताया कि घटना मध्यरात्रि के बाद डेढ़ बजे के आसपास की है। गश्त कर रहे दो पुलिसकर्मियों ने उसे वाहन रोकने के लिए कहा था। लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि कांस्टेबल ने मामला संदिग्ध देखकर वाहन पर गोली चला दी। गोली कार के शीशे को छेदती हुई तिवारी को जा लगी।

उन्होंने बताया कि इससे पहले तिवारी के वाहन ने पुलिसकर्मियों की मोटरसाइकिल को टक्कर मारी थी। वाहन एक खंभे से टकराया और तिवारी ने भागने का प्रयास किया। मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता लग सकेगी।
हालांकि, कांस्टेबल प्रशांत कुमार का कहना है कि उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी।

योगी ने कहा- यह एनकाउंटर नही है, जरूरत पड़ी तो होगी सीबीआई जांच

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ के गोमती नगर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान कथित तौर पर वाहन नहीं रोकने पर एक सिपाही द्वारा चलाई गई गोली लगने से विवेक तिवारी की मौत की वारदात को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो मामले की सीबीआई जांच भी कराई जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह एनकाउंटर नहीं था। घटना की जांच की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ, तो हम इस घटना की सीबीआई जांच का आदेश देंगे।

SIT करेगी जांच

बहरहाल, मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की है। साथ ही घटना के तूल पकड़ते ही गोली चलाने वाले सिपाही प्रशांत चौधरी और उसके साथी सिपाही संदीप कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है। दोनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर किया है। वहीं, मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन का कर दिया गया है। आरोपी सिपाहियों प्रशांत चौधरी और संदीप को जेल भेज दिया गया है। एडीजी आनंद कुमार ने बताया कि यह हत्या का मामला है।

चश्मदीद ने बताई पूरी कहानी

लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कलानिधि नैथानी ने बताया कि सना खान नामक महिला ने मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार/शनिवार की रात करीब दो बजे वह अपने सहकर्मी विवेक तिवारी (38) के साथ कार से घर जा रही थीं। रास्ते में गोमतीनगर विस्तार इलाके में उनकी गाड़ी खड़ी थी। तभी सामने से दो पुलिसकर्मी आए, तो उन्होंने (गाड़ी स्टार्ट कर आगे बढ़ते हुए उनसे) बच निकलने की कोशिश की। इस पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका और जब वह नहीं रूके तो उन्होंने गोली चला दी। इस कारण बेकाबू हुई कार अंडरपास की दीवार से जा टकराई।

उन्होंने बताया कि कार के जोर से टकराने की वजह से विवेक को सिर में चोट आई और काफी खून बहने लगा। सना ने मदद मांगी, कुछ ही देर बाद आई पुलिस ने विवेक को अस्पताल पहुंचाया, जहां थोड़ी देर बाद उसकी मृत्यु हो गई। वहीं, SSP के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है जब कार मौके पर खड़ी थी, तो कुछ संदिग्ध गतिविधि महसूस होने पर पुलिस ने पूछताछ की कोशिश की। इस पर कार अचानक आगे बढ़ी और पुलिस की मोटरसाइकिल से टकरा गई। गाड़ी जब पीछे होने के बाद फिर आगे बढ़ रही थी तो कांस्टेबल प्रशांत चौधरी ने गोली चला दी, जो विंडशील्ड से होती हुई तिवारी को लग गई।

आत्मरक्षा में चलाई गोली

वहीं, इस मामले में गोली चलाने वाले एक आरोपी कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी का कहना है कि उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई। वारदात के बाद अस्पताल में भर्ती हुए गोली चलाने वाले कांस्टेबल प्रशांत ने बताया कि उसे गश्त के दौरान एक संदिग्ध गाड़ी दिखी, जब वह उसके पास गया तो गाड़ी अचानक स्टार्ट हो गई और आगे खड़ी हमारी गाड़ी को दो-तीन बार टक्कर मारी। रोकने की तमाम कोशिशों के बावजूद गाड़ी नहीं रुकी और मुझ पर चढ़ गई। इस पर मैंने आत्मरक्षा में गोली चला दी।

 

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