MP: ब्लू फिल्म पर बैन लगाएगी शिवराज सरकार, बंद कराईं 25 साइट्स, गृहमंत्री बोले- पोर्न की वजह से बढ़ रही हैं रेप की घटनाएं

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जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 8 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप-हत्या सहित देश भर में नाबालिगों से रेप की बढ़ती घटनाओं पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह का मानना है कि मासूमों के साथ बलात्कार और यौन शोषण के मामले बढ़ने की वजह पोर्न साइट्स है। यही वजह है कि उनकी सरकार राज्य में पोर्न को बैन करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में हम केंद्र का रुख करेंगे।

(HT FIlePhoto)

मध्य प्रदेश सरकार के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि, ‘हमारा मानना है कि बच्चों के साथ बलात्कार और छेड़छाड़ के बढ़ते मामलों के पीछे अश्लील साइटों का होना है।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘हम पोर्न को मध्य प्रदेश में बैन करने के लिए विचार कर रहे हैं। इसके लिए हम केंद्र के सामने प्रस्ताव रखेंगे।’ गृहमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार 25 पोर्न साइट्स को पहले ही बैन कर चुकी है।

पत्रकारों से बातचीत में गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि “मध्य प्रदेश गृह विभाग द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि अश्लील साइटें बचपन से बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है, यहां तक ​​कि युवा लड़कों और लड़कियों को ये आसानी से मिल जाते हैं। रेप और यौन शौषण के मामले इन साइटों तक पहुंच का परिणाम हैं।

अश्लील साइटों के बारे में गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि हमने करीब 25 को बैन कर दिया है, इन साइटों पर हमारा कोई कंट्रोल नहीं था। उन्होंने कहा कि लड़के और लड़कियां इन पोर्न साइट्स से बहुत जल्दी प्रभावित हो जाती हैं। इन पोर्न साइट्स तक बच्चों की पहुंच भी बहुत आसान है। इससे बलात्कार और यौन शोषण के मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है।इसलिए देश में पोर्न साइट्स को बैन होना चाहिए।

बता दें कि कुछ दिनों पहले ही मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के रजवाड़ा इलाके में 4 महीने की बच्ची के साथ बलात्कार और निर्मम हत्या के मामले से सनसनी फैल गई थी। इस घटना के खिलाफ पूरे राज्य में जमकर प्रदर्शन किया गया। यहां तक कि इंदौर बार एसोसिएशन ने आरोपी का केस न लड़ने का फैसला किया था।

गौरतलब है कि देश भर में नाबालिगों से रेप की बढ़ती घटनाओं पर सख्ती बरतते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा ‘द प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट’ (पॉक्सो एक्ट) में संशोधन को लेकर लाए गए अध्यादेश को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार द्वारा पारित अध्यादेस पर राष्ट्रपति ने रविवार (22 अप्रैल) को हस्ताक्षर किया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की इस अध्यादेश को मंजूरी मिलने के बाद 12 साल से कम उम्र की बच्ची के बलात्कारी को मौत की सजा का कानून देश में लागू हो गया है। जम्मू कश्मीर के कठुआ और गुजरात के सूरत जिले में हाल ही में लड़कियों से बलात्कार और हत्या की घटनाओं की पृष्ठभूमि में यह कदम उठाया गया है।

 

 

 

 

 

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