#MeToo: अब पूनम पांडे ने सीनियर एक्टर पर लगाया यौन दुर्व्यवहार का आरोप, बोलीं, ‘बेडरूम सीन के दौरान करना पड़ा असहज स्थिति का सामना’

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देश भर में चल रहे ‘मी टू’ अभियान के तहत हर रोज चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। महिलाओं के इस अभियान का बड़े पैमाने पर समर्थन भी मिल रहा है। इस ‘मी टू’ मुहिम में हर रोज नए-नए नाम उभरकर सामने आने का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब बॉलीवुड अभिनेत्री पूनम पांडे ने भी ‘मीटू’ कैंपेन के प्रति समर्थन जताते हुए अपने साथ हुए एक वाकिए को शेयर किया है। हालांकि, उन्होंने खुले तौर पर किसी का नाम नहीं लिया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पूनम पांडे ने ‘मीटू’ अभियान के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि वह खुद भी इस तरह की असहज स्थिति का सामना कर चुकी हैं। हालांकि, पूनम ने सीधे-सीधे किसी का नाम नहीं लिया। पूनम ने अपनी फिल्म ‘द जर्नी ऑफ कर्मा’ की शूटिंग के दौरान के कुछ अनुभवों को साझा किया।

इस बारे में पूनम ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, “अभिनेत्रियों को इस तरह की चीजों से दो-चार होना पड़ता है। फिल्म की शूटिंग के दौरान मुझे इस तरह की स्थितियों से गुजरना पड़ा। हम शूटिंग के दौरान बेडरूम सीन की शूटिग कर रहे थे, इस दौरान मेरे साथी कलाकार ऐसा जता रहे थे कि जैसे कि वह रील में नहीं रियल लाइफ में मेरे साथ बेडरूम सीन कर रहे हैं।”

साथी कलाकार का नाम पूछने पर पूनम ने कहा, “मैं अभी किसी तरह की कंट्रोवर्सी में पड़ना नहीं चाहती। मेरी फिल्म रिलीज होने वाली हैं। मैं उनका नाम लेना नहीं चाहूंगी, क्योंकि उनकी बेटी मेरी उम्र है।” हालांकि, पूनम ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन उन्होंने कहा कि वह कलाकार इंडस्ट्री के सबसे बड़े विलेन में से एक है।

पूनम का कहना है कि यही कारण था कि पिछले सप्ताह फिल्म के ट्रेलर रिलीज के मौके पर वह मौजूद नहीं थी और यहां तक कि कुछ महीनों पहले फिल्म के पोस्टर रिलीज पर भी नहीं गई थी।

‘मी टू’ अभियान ने पकड़ा जोर

आपको बता दें कि भारत में जारी ‘मी टू’ अभियान (यौन उत्पीड़न के खिलाफ अभियान) तूल पकड़ता जा रहा है। कई अन्य महिलाएं अपने अनुभवों को सार्वजनिक तौर पर शेयर कर रही हैं। अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर पर यौन शोषण का आरोप लगाए जाने के बाद अब अलग-अलग इंडस्ट्री की बाकी हस्तियों ने भी अपने साथ हुए यौन दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी है।

फिल्म इंडस्ट्री से ‘मी टू’ अभियान की शुरुआत होने के बाद इसकी चपेट में मीडिया जगत भी आ गया है और इसकी लपटें मोदी सरकार के एक मंत्री को अपने लपेटे में ले रही हैं। अपने समय के मशहूर संपादक व वर्तमान में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एम.जे. अकबर पर 9 वरिष्ठ महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए हैं। इन महिलाओं ने उन पर तमाम मीडिया संस्थानों में संपादक रहते हुए यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।

नाना पाटेकर के बाद जहां डायरेक्टर विकास बहल, सिंगर कैलाश खेर, लेखक चेतन भगत, अभिनेता रजत कपूर, मॉडल जुल्फी सैयद, अभिनेता आलोक नाथ, हिंदुस्तान टाइम्स के संपादक प्रशांत झा, रघु दीक्षित, कमेंटेटर सुहेल सेठ, महिला कॉमिक स्टार अदिति मित्तल, बॉलीवुड के शोमैन सुभाई घई, फिल्ममेकर साजिद खान, लेखक-निर्देशक पीयूष मिश्रा और बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी भी ‘मी टू’ की चपेट में आए हैं, जिनपर यौन उत्पीड़न, बदसलूकी, गलत तरीके से छूने जैसे आरोप लगे हैं।

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