अयोध्या विवाद: रविशंकर द्वारा ‘खून खराबे’ की चेतावनी को लेकर विपक्ष ने PM मोदी और गृह मंत्री से मांगा जवाब

0

‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक रविशंकर द्वारा अयोध्या में मंदिर के पक्ष में फैसला न आने पर खून खराबे की चेतावनी दिए जाने के बयान के बाद बवाल मच गया है। कांग्रेस ने रविशंकर के इस बयान पर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से स्पष्टिकरण मांगा है। वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) का कहना है कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की वजह से बीजेपी सरकार रविशंकर को आगे कर सांप्रदायिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।

FILE PHOTO: Narendramodi.in

बता दें कि श्री श्री रविशंकर इन दिनों अयोध्या विवाद को अदालत के बाहर सुलझाने की कोशिश में जुटे हैं। इस बीच सोमवार (5 मार्च) को अयोध्या विवाद पर चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर मामला नहीं सुलझा तो ‘भारत में सीरिया जैसे हालात हो जाएंगे’। साथ ही उन्होंने मंदिर के पक्ष में फैसला न आने पर खून खराबे की भी चेतावनी दे डाली। श्री श्री ने ये बातें अंग्रेजी समाचार चैनल इंडिया टुडे और एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू के दौरान कहीं।

रविशंकर के इस बयान के बाद बवाल मच गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने रविशंकर के बयान पर पीएम मोदी से जवाब मांगा है। ‘जनता का रिपोर्टर’ से बातचीत में रविशंकर के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि, “एक संत को ऐसी भाषा शोभा नहीं देती। वह जो खून खराबे की बात कर रहे हैं त्रिपुरा में बीजेपी वही कर रही है। ये बीजेपी के काफी करीबी है। इनके विचारों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह को स्पष्टीकरण देनी चाहिए।”

वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता कीर्ति निधि पांडे ने ‘जनता का रिपोर्टर’ से बातचीत में कहा कि, “जिस तरीके से वह (रविशंकर) इस मामले (अयोध्या विवाद) में हस्तक्षेप कर रहे हैं सुप्रीम कोर्ट को इस पर संज्ञान लेनी चाहिए। क्योंकि अयोध्या मामले में जो मुख्य पक्षकार हैं उनसे तो बात ही नहीं हो पा रही है। सपा नेता ने कहा कि श्रीश्री भारत के 20 करोड़ मुसलमानों को धमकी दे रहे हैं।”

पांडे ने दावा किया कि “रविशंकर के पीछे बीजेपी सरकार खड़ी है और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर वोटो का ध्रुवीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार चार सालों में कुछ भी नहीं कर पाई है इसलिए रविशंकर को आगे कर अभी से सांप्रदायिक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब हाईकोर्ट का फैसला आया था तो क्या हमारा देश कौन सा सीरिया बन गया था।”

क्या कहा था रविशंकर ने?

दरअसल, रविशंकर का कहना है कि अगर अयोध्या में राम मंदिर विवाद नहीं सुलझा तो भारत सीरिया बन जाएगा। उन्होंने सोमवार को अयोध्या में मंदिर बनाने की वकालत करते हुए इंडिया टुडे से कहा कि, ‘मुस्लिमों को सद्भावना दिखाते हुए अयोध्या पर अपना दावा छोड़कर मिसाल पेश करनी चाहिए। अयोध्या मुस्लिमों की आस्था का स्थान नहीं है।’

रविशंकर ने कहा कि इस्लाम विवादित स्थल पर पूजा करने की अनुमति नहीं देता है। विवादित स्थल पर अस्पताल बनाने के प्रस्ताव को भी उन्होंने खारिज कर दिया। रविशंकर के मुताबिक फैसला अदालत से आया तो भी कोई भी पक्ष राजी नहीं होगा। अदालत के फैसले में एक पक्ष को हार माननी होगी। ऐसे में बवाल होने की आशंका है, जो समाज के लिए अच्छा नहीं है।

वहीं एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि, ”अगर कोर्ट कहता है कि ये जगह बाबरी मस्जिद है तो क्या लोग इस बात को आसानी और खुशी से मान लेंगे? 500 सालों से मंदिर की लड़ाई लड़ रहे बहुसंख्यकों के लिए कड़वी गोली की तरह होगी। ऐसी स्थिति में खून खराबा भी हो सकता है।”

उन्होंने कहा कि अगर कोर्ट मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाता है तो मुस्लिम हारा हुआ महसूस करेंगे। वो न्यायपालिका में अपनी यकीन खो सकते हैं। ऐसे में वो अतिवाद की तरफ बढ़ सकते हैं। हम शांति चाहते हैं। बता दें कि इससे पहले वाराणसी में रविशंकर ने कहा था ने कहा था कि देश के करोड़ों लोगों की भावनाएं कुछ एकड़ जमीन के टुकड़े से कहीं बड़ी हैं।

क्या है सीरिया के हालात?

बता दें कि सीरिया में बशर अल-असाद सरकार द्वारा विद्रोहियों के खात्मे के नाम पर मासूम बच्चों के हो रहे कत्लेआम की तस्वीर देखकर पूरा विश्व विचलित है। सीरियाई सरकार द्वारा किए जा रहे हवाई हमलों में मासूम बच्चों सहित 600 से अधिक बेगुनाह लोगों की मौत हो चुकी है। सीरिया सरकार के खिलाफ विश्वभर में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। सीरिया से बाहर आई मासूम बच्चों की कुछ तस्वीरों ने पूरी दुनिया का कलेजा छलनी कर दिया है।

मासूम बच्चों सहित बेगुनाह लोगों पर उनकी ही हुकूमत बम पर बम बरसा रही है। आसमान से बरसते इन बमों को बरसाने वालों के लिए इस बात के कोई मतलब या मायने नहीं है कि बम किनके सीने पर फट रहे हैं। मरने वाले अपने ही बेगुनाह लोग हैं, बेबस औरतें या मासूम बच्चे। उन्हें कोई फिक्र नहीं, क्योंकि सारी लड़ाई कुर्सी की है। विश्व समुदाय की आपत्ति के बावजूद भी सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद ने स्पष्ट कहा है कि बमबारी जारी रहेगी।

 

 

 

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here