अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद किसने क्या कहा, पढ़ें सबकी प्रतिक्रिया

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सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया। कोर्ट ने विवादित जगह को रामलला का बताया। साथ ही कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए कहीं और 5 एकड़ जमीन दी जाए। विवादित ढांचे की जगह पर ट्रस्ट की देखरेख में मंदिर बनाई जाएगी।

अयोध्या

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या में विवादित स्थल राम जन्मभूमि पर मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करते हुए केन्द्र सरकार को निर्देश दिया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के निर्माण के लिये पांच एकड़ भूमि आवंटित की जाए। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने भारतीय इतिहास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण इस व्यवस्था के साथ ही करीब 130 साल से चले आ रहे इस संवेदनशील विवाद का पटाक्षेप कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लग गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, उमा भारती, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी समेत तमाम नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान और लोगों से भाईचारा बनाए रखने के लिए कहा।

पढ़िए किसने क्या कहां :

  • दिल्ली जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने अयोध्या फैसले पर कहा, “हमने हमेशा यह कहा है कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करेंगे। मुझे उम्मीद है कि देश विकास की ओर बढ़ेगा। जहां तक समीक्षा याचिका दायर करने का सवाल है, मैं इससे सहमत नहीं हूं।”

  • अयोध्या फैसले पर उद्धव ठाकरे की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया है। 24 नवबंर को उद्धव ठाकरे अयोध्या जांएगे।

  • अयोध्या फैसले पर राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मुद्दे पर अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट के इस फैसले का सम्मान करते हुए हम सब को आपसी सद्भाव बनाए रखना है। ये वक्त हम सभी भारतीयों के बीच बन्धुत्व, विश्वास और प्रेम का है।”

  • हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं: यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष

अयोध्या फैसले पर यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा, “हम उच्चतम न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हैं। प्रदेश की जनता से अपील है कि भारत के संविधान में स्थापित उच्च मूल्यों को निभाते हुए आपसी भाईचारा, सौहार्द, प्रेम, एकजुटता बनाए रखें।”

  • MNS प्रमुख राज ठाकरे ने कहा, “मैं आज खुश हूं। ‘कारसेवकों’ का बलिदान बेकार नहीं गया। राम मंदिर का निर्माण जल्द से जल्द होना चाहिए। राम मंदिर के साथ-साथ राष्ट्र में राम राज्य भी होना चाहिए, यही मेरी इच्छा है।”

  • अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान अयोध्या फैसले पर सैयद जैनुल आबेदीन ने कहा, “यह किसी की जीत या हार नहीं है। हमें सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को स्वीकार करना चाहिए। जो कुछ भी हुआ है, वह राष्ट्र के हित में है और हमें विवाद का अंत यहीं करना चाहिए।”

  • अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बाबा रामदेव ने कहा कि, कोर्ट का निर्णय आ गया है, अब अयोध्या में भव्य मंदिर बनेगा। लेकिन हमें ऐसा कुछ नहीं करना है जिससे किसी समाज में भय या आक्रोश पैदा हो। हमें उन मर्यादाओं का पालन करना है जिन मर्यादाओं स्वयं भगवान श्रीराम जिए।
  • अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश के सीएम ने ट्वीट कर कहा, “माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत है, देश की एकता व सद्भाव बनाए रखने में सभी सहयोग करें, उत्तर प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सद्भाव का वातावरण बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।”

  • आरएसएस ने आयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। यह मामला दशकों से चल रहा था और यह सही निष्कर्ष पर पहुंच गया है। इसे जीत या हार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। हम समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी के प्रयासों का भी स्वागत करते हैं।” मोहन भागवत ने कहा कि सभी को मिलजुलकर मंदिर का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि हमें विवाद को खत्म करना है।

  • अयोध्या भूमि विवाद पर फैसले के बाद मुस्लिम पक्षकार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। मीडिया से बात करते हुए बाबरी मस्जिद कमेटी के संयोजक जफरयाब जिलानी ने कहा कि हमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। जिलानी ने कहा कि फैसले को पढ़ने के बाद आगे का फैसला लेंगे।

  • अयोध्या फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, “देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है। देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें।”

  • एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कई वजहों से महत्वपूर्ण है: यह बताता है कि किसी विवाद को सुलझाने में कानूनी प्रक्रिया का पालन कितना अहम है। हर पक्ष को अपनी-अपनी दलील रखने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिया गया। न्याय के मंदिर ने दशकों पुराने मामले का सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान कर दिया।”

  • एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा, यह फैसला न्यायिक प्रक्रियाओं में जन सामान्य के विश्वास को और मजबूत करेगा। हमारे देश की हजारों साल पुरानी भाईचारे की भावना के अनुरूप हम 130 करोड़ भारतीयों को शांति और संयम का परिचय देना है। भारत के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की अंतर्निहित भावना का परिचय देना है।

  • मंत्री राजनाथ सिंह ने समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा कि, अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सामाजिक ताने बाने को और मजबूत करेगा। मैं लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील करता हूं।

  • भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि, हर किसी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानना चाहिए और शांति बनाए रखना चाहिए

  • अयोध्या भूमि विवाद पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया से बात करते हुए कहा, “सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है, हम राम मंदिर के निर्माण के पक्ष में हैं। इस फैसले ने न केवल मंदिर के निर्माण के लिए दरवाजे खोले, बल्कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने वाली बीजेपी और अन्य लोगों के लिए दरवाजे भी बंद कर दिए।”

  • कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा, “अयोध्या मुद्दे पर भारत की सर्वोच्च अदालत ने फैसला दिया है। सभी पक्षों, समुदायों और नागरिकों को इस फैसले का सम्मान करते हुए हमारी सदियों से चली आ रही मेलजोल की संस्कृति को बनाए रखना चाहिए। हम सबको एक होकर आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करना होगा।”

  • बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सभी को स्वागत करना चाहिए। इस मुद्दे पर कोई और विवाद नहीं होना चाहिए, यही मेरी लोगों से अपील है

  • अयोध्या विवाद पर फैसले के बाद वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, सभी को फैसला स्‍वीकारा करना चाहिए, देश भर में शांति होनी चाहिए। राम सभी के हैं, किसी समुदाय विशेष के नहीं। अब वहां एक भव्य मंदिर निर्माण की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाना चाहिए। मंदिर निर्माण में सबका सहयोग हो। यह मंदिर राष्ट्रीय एकता, अखंडता और स्वाभिमान का प्रतीक बने।

  • आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और लोगों से शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद SC की बेंच के पाँचों जजों ने एकमत से आज अपना निर्णय दिया। हम SC के फ़ैसले का स्वागत करते हैं। कई दशकों के विवाद पर आज SC ने निर्णय दिया। वर्षों पुराना विवाद आज ख़त्म हुआ। मेरी सभी लोगों से अपील है कि शांति एवं सौहार्द बनाए रखें।”

  • मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने कहा, किसी ने कुछ नहीं खोया है। शांति बनाए रखें। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि भाईचारे की भावना खोनी नहीं चाहिए। यह किसी पार्टी विशेष की बात नहीं है।

  • जदयू के विधान परिषद के सदस्य गुलाम रसूक बलयाबी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया सम्मान

  • उमा भारती ने अपने ट्वीट में लिखा, ”माननीय सुप्रीम कोर्ट के इस दिव्य फैसले का स्वागत। माननीय अशोक सिंघल जी को स्मरण करते हुए उनको शत्-शत् नमन। वह सब, जिन्होंने इस कार्य के लिए अपने जीवन की आहुति दे दी उन्हें श्रद्धांजलि एवं आडवाणी जी का अभिनंदन जिनके नेतृत्व में हम सब लोगों ने इस महान कार्य के लिए अपना सर्वस्व दांव पर लगा दिया था।”

  • बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो भी फैसला दिया है, सही दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने आखिरकार फैसला सुनाया, मैं अदालत के फैसले का सम्मान करता हूं।

बता दें कि, 5 जजों की बेंच ने 16 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई पूरी की थी। संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर भी शामिल हैं। इस ऐतिहासिक फैसले के मद्देनजर अयोध्या के चप्पे-चप्पे की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। साथ ही पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू की गई है। इस बेहद संवेदनशील मामले को देखते हुए देशभर में पुलिस अलर्ट पर है।

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